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MPPSC हिंदी में लिखें या अंग्रेज़ी में

MPPSC के ज़्यादातर अभ्यर्थी अपने GS प्रश्नपत्र हिंदी में लिखते हैं, और मुख्य परीक्षा के दो प्रश्नपत्र — सामान्य हिंदी, और हिंदी निबंध व प्रारूप लेखन — तो हर हाल में हिंदी में ही लिखने होते हैं। GS हिंदी में लिखें या अंग्रेज़ी में? अफ़वाहों के बजाय गति और सटीकता के आधार पर कैसे तय करें, GS IV के दर्शनशास्त्र और मनोविज्ञान की शब्दावली कैसे बनाएँ, और अंग्रेज़ी माध्यम के अभ्यर्थी हिंदी प्रश्नपत्रों की तैयारी कैसे करें।

27 Sept 2026 5 मिनट में पढ़ें

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इस गाइड में
  1. नियम क्या कहते हैं
  2. कैसे तय करें
  3. इन भ्रांतियों को छोड़ दें
  4. GS IV की शब्दावली
  5. हिंदी में सटीक लघु उत्तर लिखना
  6. यदि आप GS हिंदी में लिखते हैं
  7. यदि आप GS अंग्रेज़ी में लिखते हैं
  8. जल्दी तय करें

MPPSC मुख्य परीक्षा (Mains) के ज़्यादातर केंद्रों पर GS की अधिकांश उत्तर-पुस्तिकाएँ हिंदी में लिखी जाती हैं। हिंदी भाषी राज्य में यह स्वाभाविक है। पर काफ़ी अभ्यर्थी (candidates) अंग्रेज़ी में भी लिखते हैं, और बहुतों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या किसी एक माध्यम में ज़्यादा अंक मिलते हैं। सच यह है कि आयोग विषय-वस्तु, शुद्धता और प्रस्तुति का मूल्यांकन करता है, भाषा का नहीं। सही माध्यम वही है, जिसमें आप सबसे सटीक और सबसे तेज़ लिखते हैं।

कई दूसरी परीक्षाओं से यहाँ एक अहम अंतर है: MPPSC में मुख्य परीक्षा के दो प्रश्नपत्र (papers) हिंदी में ही होते हैं, चाहे आपका GS माध्यम कुछ भी हो — सामान्य हिंदी एवं व्याकरण, और हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन। हर अभ्यर्थी को मज़बूत हिंदी चाहिए।

नियम क्या कहते हैं

  • सामान्य अध्ययन (GS) के प्रश्नपत्रों के उत्तर आम तौर पर हिंदी या अंग्रेज़ी में दिए जा सकते हैं, जैसा अधिसूचना (notification) में अनुमति हो।
  • प्रश्नपत्र V (सामान्य हिंदी एवं व्याकरण) और प्रश्नपत्र VI (हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन) हिंदी की परख करते हैं।
  • माध्यम से जुड़े किसी भी नियम के लिए वर्तमान अधिसूचना देखें।

कैसे तय करें

बातखुद से पूछें
पढ़ाई का माध्यमस्कूल और कॉलेज में मैंने किस भाषा में पढ़ाई की?
गतिकिस भाषा में सटीक लघु उत्तर सबसे तेज़ी से लिखना मेरे लिए आसान है?
शब्दावलीकिस भाषा में मुझे GS के शब्द आते हैं — राजव्यवस्था, अर्थशास्त्र, दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान?
स्रोतमेरी किताबें और अख़बार किस भाषा में हैं?
सोचसामाजिक मुद्दों पर सोचते समय मेरे मन में स्वाभाविक रूप से कौन-सी भाषा आती है?

परीक्षण: प्रश्नों का एक ही सेट — तीन अति लघु, दो लघु और एक दीर्घ — एक दिन हिंदी में और अगले दिन अंग्रेज़ी में, समय बाँधकर लिखें। शुद्धता, विषय का कवरेज और गति की तुलना करें।

इन भ्रांतियों को छोड़ दें

  • "अंग्रेज़ी में लिखे उत्तरों पर ज़्यादा अंक मिलते हैं।" इसका कोई भरोसेमंद प्रमाण नहीं है।
  • "हिंदी अपने-आप आसान है।" तभी, जब आपकी हिंदी सटीक हो।
  • "GS IV अंग्रेज़ी में ही लिखना चाहिए, क्योंकि विचारक पाश्चात्य हैं।" दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक अवधारणाओं के लिए मानक हिंदी शब्द मौजूद हैं; उन्हें सीखें।

GS IV की शब्दावली

GS IV के दर्शनशास्त्र और मनोविज्ञान में तकनीकी शब्दों का प्रयोग होता है। आपका माध्यम कोई भी हो, इनके समानार्थी शब्द सीखें:

अंग्रेज़ीहिंदी
Ethicsनीतिशास्त्र
Virtue ethicsसद्गुण नीतिशास्त्र
Utilitarianismउपयोगितावाद
Categorical imperativeनिरपेक्ष आदेश
Emotional intelligenceसंवेगात्मक बुद्धि / भावनात्मक बुद्धिमत्ता
Personalityव्यक्तित्व
Motivationअभिप्रेरणा
Attitudeअभिवृत्ति
Aptitudeअभिक्षमता
Accountabilityजवाबदेही
Transparencyपारदर्शिता
Conflict of interestहितों का टकराव

हिंदी में सटीक लघु उत्तर लिखना

हिंदी उत्तरों की एक आम कमज़ोरी है — मुद्दे पर आने से पहले लंबी भूमिका। अति लघु उत्तर में इसकी कोई गुंजाइश नहीं होती।

  • कमज़ोर: "जवाबदेही लोकतंत्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ है जिसके बिना…"
  • मज़बूत: "जवाबदेही — लोक सेवक का अपने निर्णयों व कार्यों के लिए जनता, विधायिका और वरिष्ठों के प्रति उत्तरदायी होना।"

दूसरा उत्तर पहले ही शब्द से प्रश्न का उत्तर देने लगता है।

यदि आप GS हिंदी में लिखते हैं

ताकत: मध्य प्रदेश से जुड़ी ज़्यादातर सामग्री हिंदी में है; कई परीक्षक और प्रश्न-निर्माता हिंदी में काम करते हैं; और GS लेखन का आपका अभ्यास दोनों हिंदी प्रश्नपत्रों के लिए भी आपको तैयार करता है।

चुनौतियाँ:

  • कई राष्ट्रीय मानक पुस्तकें और रिपोर्टें पहले अंग्रेज़ी में छपती हैं, और उनके हिंदी अनुवाद असमान गुणवत्ता के या देर से आते हैं;
  • अर्थशास्त्र, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के तकनीकी शब्दों के हिंदी समानार्थी कभी-कभी अटपटे लगते हैं;
  • कुछ अभ्यर्थियों के लिए देवनागरी में लिखना धीमा हो सकता है।

एक व्यावहारिक तरीका यह है कि मुख्य राष्ट्रीय स्रोत उस भाषा में पढ़ें जिसमें आप सबसे अच्छी तरह समझते हैं, पर नोट्स हिंदी में बनाएँ और उनमें सरकारी दस्तावेज़ों के मानक शब्दों का प्रयोग करें (आर्थिक सर्वेक्षण, PIB विज्ञप्तियों और NCERT पुस्तकों के हिंदी संस्करण इसके लिए उपयोगी संदर्भ हैं)। जब कोई तकनीकी अंग्रेज़ी शब्द बहुत प्रचलित हो — GDP, रेपो रेट, GST — तो उसे देवनागरी में लिखना या हिंदी शब्द के बाद कोष्ठक में अंग्रेज़ी शब्द देना ठीक है। भाषा की शुद्धता के आग्रह से ज़्यादा ज़रूरी स्पष्टता है।

यदि आप GS अंग्रेज़ी में लिखते हैं

ताकत: राष्ट्रीय स्तर की मानक पुस्तकों और रिपोर्टों तक सीधी पहुँच; UPSC की तैयारी से मेल।

चुनौतियाँ:

  • मध्य प्रदेश के कई स्रोत (MP बोर्ड की किताबें, हिंदी ग्रंथ अकादमी के प्रकाशन, अख़बार) हिंदी में हैं — उनसे अंग्रेज़ी में सावधानी से नोट्स बनाएँ;
  • दोनों हिंदी प्रश्नपत्रों के लिए फिर भी गंभीर तैयारी चाहिए।

अंग्रेज़ी माध्यम के अभ्यर्थी के रूप में हिंदी प्रश्नपत्रों की तैयारी

  1. शब्द-भंडार और शैली के लिए रोज़ एक हिंदी संपादकीय पढ़ें।
  2. व्याकरण: संधि, समास, वर्तनी के नियम, वाक्य शुद्धि — रोज़ 20 अभ्यास।
  3. निबंध (essay): अंतिम महीनों में हर सप्ताह एक हिंदी निबंध लिखें; उसे जँचवाएँ।
  4. प्रारूप लेखन: सरकारी पत्रों, प्रतिवेदनों और टिप्पणियों के प्रारूप सीखें।
  5. जहाँ मानक हिंदी शब्द मौजूद हो, वहाँ देवनागरी में अंग्रेज़ी शब्द लिखने से बचें।

जल्दी तय करें

पहले दो महीनों के भीतर अपना GS माध्यम चुन लें और अपने नोट्स उसी भाषा में रखें। देर से माध्यम बदलने पर गति और निरंतरता, दोनों का नुकसान होता है। दो दिन के परीक्षण के बाद भी यदि आप सचमुच तय न कर पाएँ, तो एक महीने तक मॉक टेस्ट के फ़ीडबैक पर ध्यान दें: संरचना, सटीकता और कवरेज पर मूल्यांकनकर्ता की टिप्पणियाँ आपको किसी भी अफ़वाह से ज़्यादा बताएँगी कि कौन-सा माध्यम "ज़्यादा अंक दिलाता है"। एक बार तय कर लें, तो उस पर टिके रहें — अपने माध्यम पर आपका भरोसा आपके उत्तरों में दिखता है।

तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Madhya Pradesh Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।

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