Skip to content
Free shipping above ₹499
Oakspine Press

मध्य प्रदेश के भौतिक प्रदेश

मध्य प्रदेश — "भारत का हृदय" — पठारों, पर्वत श्रेणियों और नदी घाटियों वाला एक स्थलरुद्ध राज्य है: काली मिट्टी वाला मालवा पठार, बुंदेलखंड और बघेलखंड के विंध्य कगार, नर्मदा की भ्रंश घाटी, और धूपगढ़ तक ऊँची उठती वनाच्छादित सतपुड़ा और मैकल श्रेणियाँ। MPPSC के लिए स्थिति, विस्तार और भौतिक प्रदेश।

14 Oct 2026 4 मिनट में पढ़ें

Read this guide in English →
इस गाइड में
  1. स्थिति और विस्तार
  2. भौतिक प्रदेश
  3. विंध्य और सतपुड़ा श्रेणियाँ
  4. सबसे ऊँची चोटियाँ
  5. भौतिक स्वरूप क्यों महत्वपूर्ण है
  6. अभ्यास

मध्य प्रदेश को अक्सर भारत का हृदय कहा जाता है — और नक्शे पर यह वैसा ही दिखता है: देश के बीच में स्थित एक बड़ा, स्थलरुद्ध (landlocked) राज्य, जिसकी सीमा पाँच राज्यों से लगती है। इसकी सीमाओं के भीतर भारत के कुछ सबसे विविध भू-दृश्य हैं: उपजाऊ काली मिट्टी वाला मालवा पठार, ऊबड़-खाबड़ विंध्य पहाड़ियाँ और कगार (scarps), नर्मदा की गहरी भ्रंश घाटी (rift valley), वनाच्छादित सतपुड़ा और मैकल श्रेणियाँ, और चंबल के बीहड़। मध्य प्रदेश के भौतिक स्वरूप (physiography) की समझ इसके भूगोल, कृषि, वनों, खनिजों और बस्तियों के प्रतिरूप की नींव है।

स्थिति और विस्तार

विशेषताविवरण
क्षेत्रफललगभग 3,08,252 वर्ग किमी — भारत का लगभग 9.38%; 2000 से (राजस्थान के बाद) दूसरा सबसे बड़ा राज्य
अक्षांशलगभग 21°6′ उत्तर से 26°30′ उत्तर
देशांतरलगभग 74°9′ पूर्व से 82°48′ पूर्व
कर्क रेखा (Tropic of Cancer)राज्य के बीच से, कई जिलों से होकर गुज़रती है
पड़ोसी राज्यउत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान
समुद्र तटकोई नहीं — एक स्थलरुद्ध राज्य

भौतिक प्रदेश

भूगोलवेत्ता मध्य प्रदेश को कई बड़े प्रदेशों में बाँटते हैं। एक प्रचलित विभाजन:

प्रदेशक्षेत्रमुख्य विशेषताएँ
1. मध्य भारत का पठारउत्तर (ग्वालियर, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, गुना)इसमें चंबल के बीहड़ और ग्वालियर के आसपास का गिर्द क्षेत्र शामिल; जलोढ़ और मिश्रित मिट्टियाँ
2. मालवा का पठारपश्चिम-मध्य (इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, भोपाल क्षेत्र)लहरदार लावा पठार; उपजाऊ काली मिट्टी; प्रमुख कृषि क्षेत्र
3. बुंदेलखंड का पठारउत्तर (सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, दतिया, पन्ना क्षेत्र)प्राचीन ग्रेनाइट-नीस चट्टानें; पहाड़ियाँ और तालाब; सूखे की आशंका वाला
4. विंध्य (रीवा–पन्ना) पठारउत्तर-पूर्व (रीवा, सतना, पन्ना)बलुआ पत्थर के पठार और कगार; जलप्रपात; पन्ना में हीरा-युक्त चट्टानें
5. नर्मदा–सोन घाटीमध्य पट्टीविंध्य और सतपुड़ा श्रेणियों के बीच एक भ्रंश घाटी; उपजाऊ जलोढ़ और काली मिट्टियाँ
6. सतपुड़ा–मैकल श्रेणियाँदक्षिण और दक्षिण-पूर्व (बैतूल, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, सिवनी, मंडला, बालाघाट, अनूपपुर)वनाच्छादित श्रेणियाँ; सबसे ऊँची चोटियाँ; नदियों का उद्गम
7. बघेलखंड का पठारपूर्व (शहडोल, उमरिया, सीधी, सिंगरौली)कोयले और वनों से समृद्ध

विंध्य और सतपुड़ा श्रेणियाँ

  • विंध्य श्रेणी नर्मदा के उत्तर में पूर्व–पश्चिम दिशा में फैली है और कगार तथा पठार बनाती है।
  • सतपुड़ा श्रेणी नर्मदा के दक्षिण में, नर्मदा और ताप्ती के बीच, पूर्व–पश्चिम दिशा में फैली है।
  • नर्मदा इन दोनों के बीच की भ्रंश घाटी में पश्चिम की ओर बहती है — भारत की उन गिनी-चुनी बड़ी नदियों में से एक, जो पश्चिम की ओर बहती हैं।
  • पूर्व में स्थित मैकल श्रेणी में अमरकंटक है, जो नर्मदा और सोन का उद्गम स्थल है।

सबसे ऊँची चोटियाँ

चोटीऊँचाई (लगभग)श्रेणी / स्थान
धूपगढ़1,350 मीटरमहादेव पहाड़ियाँ (सतपुड़ा), पचमढ़ी — मध्य प्रदेश का सबसे ऊँचा स्थान
महादेवलगभग 1,300 मीटरपचमढ़ी
चौरागढ़लगभग 1,300 मीटरपचमढ़ी — शिव का तीर्थस्थल
अमरकंटकलगभग 1,050 मीटरमैकल श्रेणी

सतपुड़ा श्रेणी (नर्मदापुरम जिला) में स्थित पचमढ़ी मध्य प्रदेश का एकमात्र बड़ा पर्वतीय स्थल (hill station) है — इसे अक्सर "सतपुड़ा की रानी" कहा जाता है। पचमढ़ी जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve) यूनेस्को के जैवमंडल आरक्षित क्षेत्रों के विश्व नेटवर्क का हिस्सा है।

भौतिक स्वरूप क्यों महत्वपूर्ण है

पहलूभौतिक स्वरूप से संबंध
कृषिमालवा और नर्मदा घाटी की काली मिट्टियाँ सोयाबीन, गेहूँ और चने की खेती को सहारा देती हैं
वनसतपुड़ा, मैकल और विंध्य पहाड़ियों में मध्य प्रदेश के वन और टाइगर रिज़र्व हैं
नदियाँमध्य प्रदेश अनेक नदियों का उद्गम है — इसे कभी-कभी "नदियों का मायका" कहा जाता है
खनिजबघेलखंड में कोयला; पन्ना में हीरे; दक्षिण-पूर्व में ताँबा और मैंगनीज़
बस्तियाँपठारों और घाटियों में घनी; वनाच्छादित पहाड़ियों में विरल
जलकठोर चट्टानों वाले क्षेत्र (बुंदेलखंड) सूखा झेलते हैं; घाटियों में भूजल बेहतर है

अभ्यास

प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) शैली:

  1. भारत के क्षेत्रफल का कितना हिस्सा मध्य प्रदेश में है?
  2. मध्य प्रदेश की सबसे ऊँची चोटी कौन-सी है, और यह कहाँ है?
  3. नर्मदा किन दो श्रेणियों के बीच बहती है?
  4. अमरकंटक किस श्रेणी में है?
  5. मध्य प्रदेश की सीमा कितने राज्यों से लगती है? उनके नाम बताइए।

मुख्य परीक्षा (Mains) शैली (लघु): नर्मदा घाटी को भ्रंश घाटी क्यों कहा जाता है?

मुख्य परीक्षा शैली (दीर्घ): मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भौतिक स्वरूप के प्रभाव की विवेचना कीजिए।

तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Madhya Pradesh Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।

अगली MPPSC गाइड ईमेल पर पाएँ

हर हफ़्ते नई गाइड। कोई स्पैम नहीं, जब चाहें सदस्यता छोड़ें।

और पढ़ें

MPPSCMP History & Cultureमध्य प्रदेश के शिल्प और GI उत्पादझिलमिलाती चंदेरी और महेश्वरी साड़ियाँ, धार का बाग प्रिंट, गोंड और भील चित्रकला, टीकमगढ़ का बेल मेटल शिल्प, इंदौर के चमड़े के खिलौने, रतलामी सेव और झाबुआ का कड़कनाथ मुर्गा — मध्य प्रदेश के शिल्प और भौगोलिक संकेतक। हर उत्पाद कहाँ से आता है, उसे ख़ास क्या बनाता है, और कारीगरों के सामने कौन-सी चुनौतियाँ हैं। 4 min read·13 Oct 2026MPPSCMP History & Cultureमध्य प्रदेश की जनजातियाँमध्य प्रदेश में भारत की सबसे बड़ी अनुसूचित जनजाति आबादी है — 2011 में 1.5 करोड़ से अधिक लोग, यानी राज्य की आबादी का पाँचवें हिस्से से भी अधिक। पश्चिम के भील, मध्य और पूर्व के गोंड, विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह बैगा, सहरिया और भारिया, और कई अन्य। MPPSC के लिए इनके क्षेत्र, संस्कृति, कला और चुनौतियाँ, और इन्हें प्रभावित करने वाले कानून और नीतियाँ। 4 min read·12 Oct 2026MPPSCMP History & Cultureमध्य प्रदेश के मेले और त्योहारहर बारह वर्ष में लाखों लोग उज्जैन में क्षिप्रा के तट पर सिंहस्थ के लिए जुटते हैं। हर वसंत में भील गाँव भगोरिया मनाते हैं; हर सर्दी में ग्वालियर व्यापार मेला भीड़ खींचता है; और निमाड़ से बुंदेलखंड तक संतों और लोक देवताओं के मेले लगते हैं। कहाँ, कब और क्यों — मुख्य परीक्षा की रूपरेखा और MCQ के साथ। 7 min read·10 Oct 2026MPPSCMP History & Cultureमध्य प्रदेश के लोक नृत्य और लोक नाट्यबुंदेलखंड का राई नृत्य, जो मृदंग की थाप पर रात भर चलता है; गोंडों के करमा और सैला; भीलों का भगोरिया उत्सव; मालवा का मटकी नृत्य; और मालवा का लोक-संगीत नाट्य माच। MPPSC के लिए क्षेत्र और समुदाय के अनुसार मध्य प्रदेश के लोक नृत्य और लोक नाट्य — तथ्य भी और उनके अर्थ भी। 4 min read·9 Oct 2026