इस गाइड में
परीक्षा के दिन से पहले असली परीक्षा के सबसे करीब आप मॉक टेस्ट (mock test) के ज़रिए ही पहुँच सकते हैं। सही ढंग से इस्तेमाल करें तो वे ठीक-ठीक दिखाते हैं कि आपके अंक कहाँ से रिस रहे हैं: किन विषयों में, किस तरह की गलतियों में, प्रश्नपत्र के किन मिनटों में। गलत ढंग से इस्तेमाल करें तो वे एक संख्या और एक मूड देते हैं, और कुछ नहीं।
पूरा अंतर लगभग इसी में है कि मॉक टेस्ट के बाद वाले एक घंटे में आप क्या करते हैं। यह गाइड उसी एक घंटे के बारे में है, और मॉक टेस्ट व पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों (previous-year papers) को सही समय पर अपनी तैयारी में शामिल करने के बारे में।
खंडवार टेस्ट और पूरे मॉक टेस्ट
| खंडवार (sectional) टेस्ट | पूरा मॉक टेस्ट (full-length mock) | |
|---|---|---|
| यह क्या है | एक विषय, समयबद्ध | पूरा प्रश्नपत्र: CBT 1 के लिए 100 प्रश्न, CBT 2 के लिए 120, 90 मिनट में |
| यह क्या सिखाता है | एक विषय में गति और सटीकता | समय का बँटवारा, खंडों का क्रम, सहनशक्ति, घबराहट पर नियंत्रण |
| कब शुरू करें | जैसे ही कोई विषय या विषयों का समूह पूरा हो | जब पाठ्यक्रम का अधिकांश भाग पूरा हो जाए, आमतौर पर परीक्षा से छह से आठ हफ़्ते पहले |
| कितनी बार | पाठ्यक्रम पूरा करने के दौरान हफ़्ते में कई | शुरू में हफ़्ते में एक, फिर अंतिम महीने में लगभग रोज़ |
पूरे मॉक टेस्ट बहुत जल्दी शुरू करना एक आम गलती है। अगर आधा पाठ्यक्रम (syllabus) अभी छुआ ही नहीं गया, तो पूरा मॉक टेस्ट केवल यही बताता है कि आधा पाठ्यक्रम अभी छुआ नहीं गया। उस चरण में खंडवार टेस्ट ज़्यादा उपयोगी जानकारी देते हैं।
कितने मॉक टेस्ट?
कोई जादुई संख्या नहीं है। CBT 1 से पहले एक समझदार लय:
| परीक्षा से पहले का समय | पूरे मॉक टेस्ट |
|---|---|
| आठ से पाँच हफ़्ते | हफ़्ते में एक |
| चार से दो हफ़्ते | हफ़्ते में दो या तीन |
| अंतिम दो हफ़्ते | रोज़ एक या हर दूसरे दिन एक |
यह कुल मिलाकर लगभग 20 से 25 पूरे मॉक टेस्ट होते हैं। ठीक से विश्लेषण किए गए बीस मॉक टेस्ट, दिए और भुला दिए गए पचास से बेहतर हैं। CBT 2 के लिए 120 प्रश्नों वाले मॉक टेस्ट के साथ यही लय अपनाएँ, और 45 सेकंड के कड़े औसत का अभ्यास करें।
परीक्षा जैसी परिस्थितियाँ
मॉक टेस्ट का उद्देश्य असली परीक्षा का पूर्वाभ्यास है, इसलिए इसे असली जैसा बनाएँ।
- बिना विराम के 90 मिनट बैठें, फ़ोन दूसरे कमरे में रखें।
- हो सके तो प्रश्न पैलेट और मार्क फ़ॉर रिव्यू बटन वाली कंप्यूटर स्क्रीन का उपयोग करें, क्योंकि असली परीक्षा कंप्यूटर पर होती है।
- मॉक टेस्ट दिन के उसी समय दें, जब आपकी शिफ्ट होने की संभावना है।
- केवल रफ़ शीट और पेन का उपयोग करें। न कैलकुलेटर, न बीच में उत्तर जाँचना।
30 मिनट का विश्लेषण
हर मॉक टेस्ट के बाद, कुछ और देखने से पहले:
- खंडवार स्कोर। GA, गणित और रीज़निंग के लिए प्रयास, सही, गलत और अंक अपने रजिस्टर में लिखें।
- हर गलत उत्तर। नीचे दिए प्रकारों के आधार पर कारण तय करें।
- हर छोड़ा गया प्रश्न। क्या ज़्यादा समय मिलने पर आप उसे हल कर सकते थे? अगर हाँ, तो वह समय कहाँ गया?
- समय। कौन-सा खंड योजना से ज़्यादा चला, और कितने मिनट?
- तीन कदम। अगले मॉक टेस्ट से पहले सुधारने लायक तीन ठोस बातें लिखें, जैसे "गणित सुधारो" के बजाय "इकाई अंकों के चक्र का दोहराव करो"।
गलतियों के प्रकार
| प्रकार | उदाहरण | सुधार |
|---|---|---|
| पता ही नहीं था | GA का कोई तथ्य जो कभी पढ़ा ही नहीं | उसे नोट्स में जोड़ें; 48 घंटे के भीतर दोहराएँ |
| अवधारणा की गलती | चक्रवृद्धि ब्याज पूछा गया था, साधारण ब्याज लगा दिया | विषय दोबारा सीखें; 15 प्रश्न हल करें |
| गणना की गलती | 17 × 13 को 221 की जगह 211 कर दिया | रोज़ मौखिक गणित; जल्दी से अनुमान लगाकर जाँचें |
| गलत पढ़ना | प्रश्न में "NOT" या "least" छूट गया | रफ़ शीट पर मुख्य शब्दों को रेखांकित करें |
| समय का दबाव | अंतिम 10 प्रश्न जल्दबाज़ी में किए | खंडों का समय बदलें; कठिन प्रश्न जल्दी छोड़ें |
| खराब अनुमान | अंधा अनुमान लगाया और एक-तिहाई अंक गँवाया | विकल्प हटाने के बाद ही अनुमान लगाएँ |
प्रकार जानना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि हर प्रकार का सुधार अलग है। ज़्यादा पढ़ने से गलत पढ़ने की आदत नहीं सुधरती, और ज़्यादा मॉक टेस्ट से अवधारणा की गलतियाँ ठीक नहीं होतीं।
हल किया गया उदाहरण: एक मॉक टेस्ट को पढ़ना
मान लीजिए किसी अभ्यर्थी का CBT 1 मॉक टेस्ट कुछ ऐसा है।
| खंड | प्रयास | सही | गलत | अंक |
|---|---|---|---|---|
| GA | 32 | 26 | 6 | 26 − 2 = 24 |
| गणित | 22 | 19 | 3 | 19 − 1 = 18 |
| रीज़निंग | 28 | 24 | 4 | 24 − 1.33 = 22.67 |
| कुल | 82 | 69 | 13 | 64.67 |
यह क्या बताता है?
- GA में सटीकता सबसे कम है: 32 में से 26 लगभग 81% है। छह गलत उत्तरों से 2 अंक कटे। जाँचने पर पता चलता है कि उनमें से चार दो राज्यों के बीच लगाए गए अनुमान थे। कदम: राज्यवार स्थैतिक सामान्य ज्ञान (static GK) दोहराएँ।
- गणित में प्रयास कम हैं: 30 में से केवल 22। सटीकता लगभग 86% के साथ अच्छी है, इसलिए समस्या गति की है। समय का रिकॉर्ड दिखाता है कि तीन लंबे प्रश्नों पर 12 मिनट लगे। कदम: राउंड 1 में जल्दी छोड़ें।
- रीज़निंग लगभग 86% के साथ मज़बूत है। 4 गलत उत्तरों में से 3 एक ही बैठक व्यवस्था वाली पहेली से आए। कदम: इस हफ़्ते बैठक व्यवस्था की पाँच पहेलियों का अभ्यास करें।
तीन स्पष्ट कदम, सब एक ही मॉक टेस्ट से। विश्लेषण ऐसा दिखता है।
पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र
RRB NTPC के पुराने प्रश्न उपलब्ध सबसे अच्छी अभ्यास सामग्री हैं, क्योंकि वे असली स्तर, शैली और विषयों का फैलाव दिखाते हैं।
- तैयारी के दौरान: हर विषय पूरा करते ही उसके पुराने प्रश्न विषयवार हल करें।
- अंतिम महीने में: पूरे पुराने प्रश्नपत्रों को पूरे मॉक टेस्ट की तरह इस्तेमाल करें।
- GA में: ध्यान दें कि कौन-से क्षेत्र बार-बार आते हैं, जैसे बुनियादी विज्ञान, राजव्यवस्था और स्थैतिक सामान्य ज्ञान, और उन्हें दोहराव (revision) का ज़्यादा समय दें।
क्योंकि NTPC कई शिफ्टों में होता है, पुराने प्रश्नपत्र बहुत बड़ी संख्या में हैं। ऑनलाइन बिकने वाले कई प्रश्नपत्र स्मृति-आधारित होते हैं, यानी अभ्यर्थियों को जो याद रहा उससे दोबारा बनाए गए, इसलिए उनके प्रश्नों या उत्तरों में गलतियाँ हो सकती हैं। अगर कोई उत्तर गलत लगे, तो कुंजी पर भरोसा करने के बजाय किसी मानक पाठ्यपुस्तक से जाँचें।
मॉक टेस्ट रजिस्टर
| तारीख | मॉक टेस्ट | GA | गणित | रीज़निंग | कुल | सुधार की तीन मुख्य बातें |
|---|---|---|---|---|---|---|
दस मॉक टेस्ट के बाद हर कॉलम को ऊपर से नीचे पढ़ें। आपका सबसे कमज़ोर खंड, या बार-बार दिखने वाला गलती का प्रकार, वही जगह है जहाँ अतिरिक्त घंटे सबसे ज़्यादा अंक जोड़ेंगे। हमारी चार महीने की योजना दिखाती है कि वह अतिरिक्त समय कैसे निकालें।
जब स्कोर कम हों
- शुरुआती मॉक टेस्ट में कम स्कोर सामान्य हैं। वे दिखाते हैं कि किस पर काम करना है।
- अपनी तुलना अपने ही पिछले स्कोर से करें, सोशल मीडिया के स्क्रीनशॉट से नहीं।
- मॉक टेस्ट सीरीज़ की कठिनाई अलग-अलग होती है। कठिन सीरीज़ में कम स्कोर गिरावट नहीं है।
- अगर तीन हफ़्ते तक स्कोर एक जगह रुके रहें, तो तरीका बदलें: नए मॉक टेस्ट कम दें और विश्लेषण व कमज़ोर विषयों पर ज़्यादा समय लगाएँ।
मॉक टेस्ट से जुड़ी आम गलतियाँ
- एक दिन में दो मॉक टेस्ट देना और किसी का भी विश्लेषण न करना।
- पाठ्यक्रम पूरा होने से पहले पूरे मॉक टेस्ट शुरू कर देना।
- केवल कुल स्कोर देखना, कारणों को कभी नहीं।
- हर हफ़्ते मॉक टेस्ट सीरीज़ बदलना, जिससे स्कोर की तुलना असंभव हो जाती है।
- परीक्षा से पहले "ज़्यादा पढ़ने" के लिए मॉक टेस्ट छोड़ देना। अंतिम हफ़्तों में ही मॉक टेस्ट सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं।
इस सप्ताह क्या करें
- एक मॉक टेस्ट सीरीज़ चुनें और उसी पर टिके रहें।
- ऊपर दिए कॉलमों के साथ एक कॉपी में मॉक टेस्ट रजिस्टर बनाएँ।
- अपने सबसे कमज़ोर विषय में एक खंडवार टेस्ट दें और हर गलती का प्रकार तय करें।
- जो विषय आपने सबसे हाल में पूरा किया, उसके NTPC के पुराने प्रश्न हल करें।
- CBT 1 की रणनीति पढ़ें और अगले पूरे मॉक टेस्ट में उसकी समय योजना अपनाएँ।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Railway Recruitment Boards की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
अगली RRB NTPC गाइड ईमेल पर पाएँ
हर हफ़्ते नई गाइड। कोई स्पैम नहीं, जब चाहें सदस्यता छोड़ें।