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2009 में एक चौंकाने वाली घोषणा हुई: मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिज़र्व (tiger reserve) ने अवैध शिकार (poaching) के कारण अपने सभी बाघ खो दिए थे। राज्य और केंद्र सरकार ने बाघों को वापस लाने का एक महत्वाकांक्षी अभियान शुरू किया: कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच से बाघ लाए गए, उन्हें कड़ी सुरक्षा दी गई और प्रजनन का मौका दिया गया। एक दशक के भीतर पन्ना में फिर से बाघों की फलती-फूलती आबादी थी — यह दुनिया के सबसे सफल बाघ पुनर्स्थापन (reintroduction) प्रयासों में से एक है। पन्ना की कहानी एक बड़ी कहानी का हिस्सा है: 2022 के राष्ट्रीय बाघ आकलन में मध्य प्रदेश में किसी भी अन्य राज्य से अधिक बाघ दर्ज हुए, और उसने भारत के "बाघ राज्य" (tiger state) का खिताब फिर से हासिल कर लिया।
मध्य प्रदेश के बाघ
| आकलन | मध्य प्रदेश का स्थान |
|---|---|
| 2018 | पहला, लगभग 526 बाघों के साथ |
| 2022 | पहला, लगभग 785 बाघों के साथ — भारत में सबसे अधिक |
नौ टाइगर रिज़र्व
| टाइगर रिज़र्व | जिला/जिले | प्रमुख बातें |
|---|---|---|
| कान्हा | मंडला, बालाघाट | भारत के सबसे पुराने रिज़र्वों में से एक (प्रोजेक्ट टाइगर, 1973); बारहसिंगा (कठोर भूमि का दलदली हिरण, hard-ground swamp deer) के लिए प्रसिद्ध, जिसे विलुप्ति के कगार से बचाया गया; शुभंकर भूरसिंह |
| बांधवगढ़ | उमरिया | बाघों का उच्च घनत्व; पहाड़ी पर एक प्राचीन किला; ऐतिहासिक रूप से सफ़ेद बाघों के लिए प्रसिद्ध (सफ़ेद बाघ मोहन रीवा क्षेत्र में पकड़ा गया था) |
| पेंच | सिवनी, छिंदवाड़ा | किपलिंग की The Jungle Book की पृष्ठभूमि से जुड़ा |
| पन्ना | पन्ना, छतरपुर | 2009 तक बाघ समाप्त हो गए और फिर सफलतापूर्वक पुनर्स्थापित किए गए; केन नदी; पन्ना जीवमंडल निचय का हिस्सा |
| सतपुड़ा | नर्मदापुरम | पचमढ़ी जीवमंडल निचय का हिस्सा; पहाड़ी भू-भाग; पैदल और नाव सफ़ारी |
| संजय-दुबरी | सीधी, सिंगरौली | मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के वनों को जोड़ता है |
| वीरांगना दुर्गावती | सागर, दमोह, नरसिंहपुर | 2023 में अधिसूचित; पूर्व नौरादेही अभयारण्य इसमें शामिल |
| रातापानी | रायसेन, सीहोर | 2024 में अधिसूचित; भोपाल से बिल्कुल सटा हुआ — राज्य की राजधानी से लगे गिने-चुने टाइगर रिज़र्वों में से एक |
| माधव | शिवपुरी | 2025 में अधिसूचित — मध्य प्रदेश का सबसे नया टाइगर रिज़र्व |
राष्ट्रीय उद्यान और अन्य संरक्षित क्षेत्र
| क्षेत्र | प्रमुख बातें |
|---|---|
| कूनो राष्ट्रीय उद्यान (श्योपुर) | प्रोजेक्ट चीता (Project Cheetah) का स्थल (इस पर हमारी अलग पोस्ट देखें) |
| वन विहार (भोपाल) | शहर के भीतर एक राष्ट्रीय उद्यान — बचाव (rescue) और संरक्षण |
| जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान | मंडला पादप जीवाश्म (घुघुआ, डिंडोरी ज़िले में) और डायनासोर जीवाश्म उद्यान (धार) — जीवाश्म स्थलों की रक्षा करते हैं |
| राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य | घड़ियाल, गंगा डॉल्फ़िन, कछुए — राजस्थान और उत्तर प्रदेश के साथ साझा |
| गांधी सागर अभयारण्य | मंदसौर–नीमच — चीतों का दूसरा स्थल |
| पचमढ़ी जीवमंडल निचय | यूनेस्को के जीवमंडल निचयों के विश्व नेटवर्क (World Network of Biosphere Reserves) का हिस्सा (सतपुड़ा, बोरी और पचमढ़ी के साथ) |
| पन्ना जीवमंडल निचय | यह भी यूनेस्को के नेटवर्क का हिस्सा |
| अमरकंटक–अचानकमार जीवमंडल निचय | छत्तीसगढ़ के साथ साझा; यूनेस्को के नेटवर्क में शामिल |
बाघ संरक्षण में मध्य प्रदेश सफल क्यों है
- बड़े, आपस में जुड़े वन — सतपुड़ा, मैकल और विंध्य के भू-दृश्य।
- मज़बूत सुरक्षा — अवैध शिकार रोकने के लिए गश्त, विशेष बाघ सुरक्षा बल।
- गाँवों का पुनर्वास — कोर क्षेत्रों से मुआवज़े के साथ स्वैच्छिक पुनर्वास (जैसे कान्हा और सतपुड़ा में)।
- वैज्ञानिक प्रबंधन — निगरानी, पुनर्स्थापन (पन्ना), पर्यावास (habitat) में सुधार।
- पर्यटन — राजस्व और स्थानीय रोज़गार पैदा करता है।
चुनौतियाँ
| चुनौती | व्याख्या |
|---|---|
| मानव–वन्यजीव संघर्ष | बाघ और तेंदुए गाँवों में भटक आते हैं; फ़सल और पशुधन का नुकसान |
| गलियारे (corridors) | सड़कें, रेलमार्ग और खनन रिज़र्वों के बीच के संपर्क को तोड़ते हैं |
| अवैध शिकार | बाघों और अन्य प्रजातियों के लिए लगातार बना खतरा |
| विस्थापन | कोर क्षेत्रों से गाँवों का पुनर्वास न्यायपूर्ण और स्वैच्छिक होना चाहिए |
| विकास परियोजनाएँ | उदाहरण के लिए, केन–बेतवा लिंक पन्ना टाइगर रिज़र्व के एक हिस्से को जलमग्न करता है |
| पर्यटन का दबाव | लोकप्रिय रिज़र्वों में वाहनों और भीड़ का दबाव |
मुख्य परीक्षा के लिए एक ढाँचा
- गलियारों की रक्षा — वन्यजीव-अनुकूल बुनियादी ढाँचे (अंडरपास, ओवरपास) के साथ।
- संघर्ष कम करना — तुरंत मुआवज़ा, पूर्व चेतावनी, सामुदायिक प्रतिक्रिया दल।
- लाभ में भागीदारी — इको-पर्यटन की आय स्थानीय समुदायों तक पहुँचे।
- विज्ञान — निगरानी और अनुकूली प्रबंधन (adaptive management)।
- न्यायपूर्ण पुनर्वास — स्वैच्छिक, पर्याप्त मुआवज़े और आजीविका के साथ।
अभ्यास
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) शैली:
- 2022 के आकलन में मध्य प्रदेश में कितने बाघ दर्ज हुए?
- कौन-सा टाइगर रिज़र्व बारहसिंगा के लिए प्रसिद्ध है?
- किस टाइगर रिज़र्व ने अपने बाघ खो दिए थे और फिर वहाँ सफल पुनर्स्थापन हुआ?
- कौन-सा टाइगर रिज़र्व भोपाल से सटा है, और वह कब अधिसूचित हुआ?
- मध्य प्रदेश का सबसे नया टाइगर रिज़र्व कौन-सा है?
मुख्य परीक्षा (Mains) शैली (लघु): पन्ना में बाघों के पुनर्स्थापन का क्या महत्व था?
मुख्य परीक्षा शैली (दीर्घ): बाघ संरक्षण में मध्य प्रदेश की सफलता के कारणों और आगे की चुनौतियों की विवेचना कीजिए।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Madhya Pradesh Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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