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MPPSC राज्य सेवा परीक्षा, चरण-दर-चरण

मध्य प्रदेश की राज्य सेवा परीक्षा डिप्टी कलेक्टर, DSP और दर्जनों अन्य सेवाओं के अधिकारियों की भर्ती करती है। इसमें दो प्रश्नपत्रों वाली प्रारंभिक परीक्षा, छह वर्णनात्मक प्रश्नपत्रों वाली मुख्य परीक्षा — जिनमें दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान और लोक प्रशासन पर पूरा एक प्रश्नपत्र और हिंदी के दो प्रश्नपत्र शामिल हैं — और साक्षात्कार होता है। हर चरण कैसे चलता है, हाल में क्या बदला है और आपकी तैयारी के लिए इसका क्या अर्थ है, जानिए।

27 Sept 2026 4 मिनट में पढ़ें

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इस गाइड में
  1. परीक्षा के तीन चरण
  2. चरण 1: प्रारंभिक परीक्षा
  3. चरण 2: मुख्य परीक्षा
  4. चरण 3: साक्षात्कार
  5. अंतिम मेरिट
  6. MPPSC को अलग क्या बनाता है
  7. तैयारी के लिए इस पैटर्न का अर्थ
  8. कहाँ से शुरू करें

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC), जिसका मुख्यालय इंदौर में है, राज्य सेवा परीक्षा (State Service Examination) के ज़रिए राज्य के प्रशासन के लिए अधिकारियों की भर्ती करता है — डिप्टी कलेक्टर, पुलिस उपाधीक्षक (DSP), वाणिज्यिक कर अधिकारी, कई विभागों के जिला-स्तरीय अधिकारी और अन्य। हर चक्र में राज्य भर के लाखों युवा यह परीक्षा देते हैं — इंदौर के कोचिंग केंद्रों से लेकर बुंदेलखंड के छोटे कस्बों और जनजातीय जिलों तक।

परीक्षा के तीन चरण हैं। इसकी मुख्य परीक्षा (Mains) अपनी तरह की अलग है: इसमें सामान्य अध्ययन (General Studies) के चार प्रश्नपत्रों के साथ हिंदी के दो प्रश्नपत्र भी हैं। यह मार्गदर्शिका हर चरण को समझाती है, बताती है कि हाल में क्या बदला है, और यह भी कि इस पैटर्न का आपकी तैयारी के लिए क्या अर्थ है।

परीक्षा के तीन चरण

चरणयह क्या हैअंतिम मेरिट में गिना जाता है?
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)दो वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र — GS और सामान्य अभिरुचिनहीं — केवल छँटनी (screening) के लिए
मुख्य परीक्षाछह वर्णनात्मक प्रश्नपत्रहाँ
साक्षात्कार (Interview)व्यक्तित्व परीक्षणहाँ

चरण 1: प्रारंभिक परीक्षा

प्रश्नपत्रविषय-वस्तुप्रकृति
प्रश्नपत्र I — सामान्य अध्ययनइतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, पर्यावरण, समसामयिकी (current affairs) — मध्य प्रदेश के मज़बूत हिस्से के साथतय करता है कि मुख्य परीक्षा के लिए कौन क्वालीफाई करेगा
प्रश्नपत्र II — सामान्य अभिरुचि परीक्षण (General Aptitude Test)बोध (comprehension), तर्कशक्ति (रीज़निंग), संख्यात्मक योग्यता, निर्णय लेना, हिंदी बोधक्वालीफाइंग (qualifying) — न्यूनतम प्रतिशत अंक लाना ज़रूरी है (अधिसूचना में इसे "अर्हक" कहा जाता है)

हर प्रश्नपत्र में 100 प्रश्न होते हैं और समय दो घंटे का होता है। रिपोर्टों के अनुसार 2026 के चक्र में दो महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं: हर प्रश्न 3 अंक का है, और ऋणात्मक अंकन (negative marking) शुरू किया गया है — हर गलत उत्तर पर एक अंक काटा जाता है।

चरण 2: मुख्य परीक्षा

मुख्य परीक्षा में छह वर्णनात्मक प्रश्नपत्र हैं, और सभी अनिवार्य हैं। इसमें कोई वैकल्पिक विषय (optional subject) नहीं है।

प्रश्नपत्र (Paper)मुख्य विषय-वस्तु
GS Iइतिहास (भारत और मध्य प्रदेश), भूगोल (भारत, विश्व और मध्य प्रदेश)
GS IIसंविधान, शासन और राजव्यवस्था; सामाजिक मुद्दे; समाजशास्त्र; अंतरराष्ट्रीय मामले
GS IIIअर्थव्यवस्था (भारत और मध्य प्रदेश), विज्ञान और प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, पर्यावरण
GS IVदर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान और लोक प्रशासन — नीतिशास्त्र (ethics) और केस स्टडी सहित
प्रश्नपत्र V — सामान्य हिंदी एवं व्याकरणहिंदी व्याकरण, अपठित गद्यांश, संक्षेपण (précis), अनुवाद, मुहावरे
प्रश्नपत्र VI — हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखनहिंदी में निबंध और सरकारी प्रारूप लेखन (पत्र, प्रतिवेदन, टिप्पणी)

हर GS प्रश्नपत्र में अति लघु, लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न मिले-जुले रूप में आते हैं।

चरण 3: साक्षात्कार

मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का साक्षात्कार होता है। इसमें व्यक्तित्व, जागरूकता, विवेक और मध्य प्रदेश में लोक सेवा के लिए उपयुक्तता परखी जाती है। आपका जिला, आपका आवेदन पत्र और राज्य के समसामयिक मुद्दे आम तौर पर बातचीत के शुरुआती बिंदु होते हैं।

अंतिम मेरिट

अंतिम मेरिट सूची मुख्य परीक्षा के कुल अंकों और साक्षात्कार के अंकों को जोड़कर बनती है। सेवाओं का आवंटन रैंक, वरीयताओं और आरक्षण नियमों के अनुसार होता है।

आरक्षण पर एक टिप्पणी: मध्य प्रदेश ने 2019 में OBC आरक्षण बढ़ाकर 27% किया, और यह मामला न्यायालय में चलता रहा है। इसी कारण हाल के वर्षों में भर्ती के परिणाम एक अंतरिम फ़ॉर्मूले से घोषित किए गए हैं। इसमें पदों का एक हिस्सा (जिसे अक्सर 87:13 व्यवस्था कहा जाता है) न्यायालय के निर्णय तक अनंतिम (provisional) रखा गया है।

MPPSC को अलग क्या बनाता है

  1. हर जगह मध्य प्रदेश — मध्य प्रदेश का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था, जनजातियाँ, संस्कृति और योजनाएँ प्रारंभिक और मुख्य, दोनों परीक्षाओं में फैली हुई हैं।
  2. दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान और लोक प्रशासन पर पूरा एक प्रश्नपत्र (GS IV) — यह सामान्य नीतिशास्त्र प्रश्नपत्र से कहीं व्यापक है।
  3. हिंदी के दो प्रश्नपत्र — सामान्य हिंदी एवं व्याकरण, और हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन — जिनके अंक मेरिट में जुड़ते हैं।
  4. अलग-अलग लंबाई के उत्तर — आपको अति लघु और दीर्घ, दोनों तरह के उत्तर लिखना आना चाहिए।

तैयारी के लिए इस पैटर्न का अर्थ

  • शुरुआत से ही हर राष्ट्रीय विषय पर मध्य प्रदेश की परत जोड़ें।
  • GS IV की व्यवस्थित तैयारी करें — भारतीय और पाश्चात्य दार्शनिक, मनोविज्ञान की मूल बातें, लोक प्रशासन की अवधारणाएँ और केस स्टडी।
  • हिंदी को गंभीरता से लें — व्याकरण, निबंध और प्रारूप लेखन में शुद्धता और अभ्यास का फल मिलता है।
  • उत्तरों के सभी प्रारूपों का अभ्यास करें — अति लघु, लघु और दीर्घ।
  • प्रश्नपत्र II आराम से पार करें — खासकर तब, जब ऋणात्मक अंकन लागू हो।

कहाँ से शुरू करें

mppsc.mp.gov.in से नवीनतम अधिसूचना और पाठ्यक्रम (syllabus) डाउनलोड करें। पाठ्यक्रम का प्रिंट निकालें और उसे पंक्ति-दर-पंक्ति पढ़ें। इसके बाद पाठ्यक्रम, प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा की रणनीति पर हमारी मार्गदर्शिकाएँ पढ़ें।

तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Madhya Pradesh Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।

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