इस गाइड में
MPPSC मुख्य परीक्षा (Mains) में छह प्रश्नपत्र हैं, और हर एक के अंक गिने जाते हैं। यहाँ विशेषज्ञता के लिए कोई वैकल्पिक विषय (optional subject) नहीं है, और ऐसा कोई भाषा प्रश्नपत्र भी नहीं जिसे पास करके भूल जाएँ। इसलिए यह संतुलन की परीक्षा है। इसे गणित की तरह सोचिए: जो अभ्यर्थी GS I में बहुत अच्छे अंक लाते हैं, पर GS IV और हिंदी निबंध में कमज़ोर रहते हैं, वे एक प्रश्नपत्र में बीस अंक कमाकर दो अन्य प्रश्नपत्रों में चालीस अंक गँवा सकते हैं। MPPSC में अक्सर सबसे कमज़ोर प्रश्नपत्र ही आपकी ऊपरी सीमा तय करता है।
छह प्रश्नपत्र
| प्रश्नपत्र (Paper) | विषय-वस्तु |
|---|---|
| GS I | भारत और मध्य प्रदेश का इतिहास; विश्व, भारत और मध्य प्रदेश का भूगोल |
| GS II | संविधान, राजव्यवस्था और शासन; सामाजिक मुद्दे और समाजशास्त्र; अंतरराष्ट्रीय मामले |
| GS III | भारत और मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था; विज्ञान और प्रौद्योगिकी; स्वास्थ्य; पर्यावरण और आपदा प्रबंधन |
| GS IV | दर्शनशास्त्र (भारतीय और पाश्चात्य विचारक), मनोविज्ञान, लोक प्रशासन, नीतिशास्त्र और केस स्टडी (case study) |
| प्रश्नपत्र V | सामान्य हिंदी एवं व्याकरण |
| प्रश्नपत्र VI | हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन |
उत्तरों की लंबाई
GS प्रश्नपत्रों में अति लघु उत्तर (कुछ पंक्तियाँ), लघु उत्तर और दीर्घ उत्तर मिले-जुले रूप में आते हैं। आपको इनके बीच आसानी से बदलना आना चाहिए: एक प्रश्न के लिए दो पंक्तियों की परिभाषा, और अगले के लिए 250 शब्दों का सुगठित उत्तर।
एक बार पढ़ें, कई बार काम लें
| विषय | किन प्रश्नपत्रों में काम आता है |
|---|---|
| आधुनिक इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम (मध्य प्रदेश की भूमिका सहित) | GS I; निबंध (essay); साक्षात्कार (interview) |
| मध्य प्रदेश का भूगोल, वन, नदियाँ | GS I; GS III (पर्यावरण, कृषि) |
| राजव्यवस्था और शासन (मध्य प्रदेश की संस्थाओं सहित) | GS II; GS IV (लोक प्रशासन) |
| अर्थव्यवस्था (मध्य प्रदेश के बजट और योजनाओं सहित) | GS III; निबंध |
| सामाजिक मुद्दे, जनजातियाँ, महिलाएँ | GS II; GS III (स्वास्थ्य); निबंध |
| नीतिशास्त्र, विचारक, मनोविज्ञान | GS IV; निबंध; साक्षात्कार |
समय का बँटवारा (पूर्णकालिक, प्रति सप्ताह)
| हिस्सा | घंटे | ध्यान |
|---|---|---|
| GS I | 7 | भारत और मध्य प्रदेश का इतिहास; भूगोल |
| GS II | 6 | राजव्यवस्था, समाजशास्त्र, सामाजिक मुद्दे |
| GS III | 7 | अर्थव्यवस्था, विज्ञान, पर्यावरण, स्वास्थ्य |
| GS IV | 6 | विचारक, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन, केस स्टडी |
| प्रश्नपत्र V (हिंदी) | 3 | व्याकरण, संक्षेपण (précis), अनुवाद |
| प्रश्नपत्र VI (निबंध और प्रारूप लेखन) | 3 | सप्ताह में एक निबंध और दो प्रारूप |
| उत्तर लेखन (answer writing) | 6 | सभी GS प्रश्नपत्रों में अलग-अलग लंबाई के उत्तर |
| समसामयिकी (current affairs) | 5 | राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, मध्य प्रदेश |
GS IV की तैयारी
GS IV सामान्य नीतिशास्त्र प्रश्नपत्र से कहीं व्यापक है:
- दर्शनशास्त्र — भारतीय विचारक (गीता, बुद्ध, महावीर, कौटिल्य, गांधी, विवेकानंद, आंबेडकर और पाठ्यक्रम के अन्य विचारक) और पाश्चात्य विचारक (सुकरात, प्लेटो, अरस्तू, कांट, मिल और अन्य)। हर विचारक के दो-तीन विचार और एक उपयोग याद करें।
- मनोविज्ञान — बुद्धि, व्यक्तित्व, अभिप्रेरणा, अधिगम, अभिवृत्ति, संवेगात्मक बुद्धि, तनाव।
- लोक प्रशासन — अवधारणाएँ, जवाबदेही, नागरिक अधिकार पत्र (citizen's charter), ई-गवर्नेंस, शासन में नैतिकता।
- केस स्टडी — हर सप्ताह अभ्यास।
इनमें से हर एक पर हमारी अलग मार्गदर्शिकाएँ देखें।
हिंदी के प्रश्नपत्र
- सामान्य हिंदी एवं व्याकरण में शुद्धता पर अंक मिलते हैं — संधि, समास, वर्तनी, वाक्य शुद्धि, मुहावरे, संक्षेपण और अनुवाद।
- हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन में संरचना और सही प्रारूप पर अंक मिलते हैं — सामाजिक, आर्थिक और मध्य प्रदेश से जुड़े विषयों पर निबंध; सरकारी पत्र, प्रतिवेदन, टिप्पणी।
धाराप्रवाह हिंदी बोलने वाले कई अभ्यर्थी लापरवाही से अंक गँवा देते हैं। इन प्रश्नपत्रों को GS जितनी ही गंभीरता से लें।
टेस्ट सीरीज़
परीक्षा से लगभग चार महीने पहले मुख्य परीक्षा की कोई टेस्ट सीरीज़ जॉइन करें। पूरे प्रश्नपत्र लिखें — एक सप्ताह में छह प्रश्नपत्र लिखना सहनशक्ति की परीक्षा है। हर टेस्ट के बाद कमज़ोर उत्तर दोबारा लिखें और छूटे हुए तथ्य नोट करें।
दोहराव
| मुख्य परीक्षा से कितने सप्ताह पहले | ध्यान |
|---|---|
| 8–5 | सभी प्रश्नपत्रों का पूरा दोहराव (revision); रोज़ उत्तर लेखन |
| 4–2 | पूरे प्रश्नपत्र; मध्य प्रदेश नोटबुक; हिंदी का अभ्यास |
| 1 | हल्का दोहराव; आराम |
परीक्षा का सप्ताह
कई दिनों में फैले छह प्रश्नपत्र सहनशक्ति की परीक्षा लेते हैं। शाम का समय अगले प्रश्नपत्र के हल्के दोहराव के लिए रखें, पूरी नींद लें, और हो चुके प्रश्नपत्रों की लंबी चीर-फाड़ से बचें। सही पेन और ज़रूरी दस्तावेज़ साथ रखें, और केंद्र पर समय से पहले पहुँचें।
आम गलतियाँ
- GS IV के दर्शनशास्त्र और मनोविज्ञान की उपेक्षा।
- हिंदी के प्रश्नपत्रों को औपचारिकता मान लेना।
- जहाँ लघु उत्तर माँगे गए हों, वहाँ लंबे उत्तर लिखना।
- मध्य प्रदेश की परत को आखिरी महीने तक टालना।
- पूरे प्रश्नपत्रों का बहुत कम अभ्यास।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Madhya Pradesh Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
अगली MPPSC गाइड ईमेल पर पाएँ
हर हफ़्ते नई गाइड। कोई स्पैम नहीं, जब चाहें सदस्यता छोड़ें।