Skip to content
Free shipping above ₹499
Oakspine Press

MPPSC प्रारंभिक परीक्षा: GS प्रश्नपत्र I की रणनीति

MPPSC प्रारंभिक परीक्षा में आपकी रैंक केवल GS प्रश्नपत्र I से तय होती है — दो घंटे में 100 प्रश्न, मध्य प्रदेश का बड़ा हिस्सा और, रिपोर्टों के अनुसार 2026 से, ऋणात्मक अंकन। पाठ्यक्रम कैसे कवर करें, मध्य प्रदेश GK पर पकड़ कैसे बनाएँ, ऋणात्मक अंकन से कैसे निपटें, मॉक टेस्ट का सही उपयोग कैसे करें और परीक्षा कक्ष में एक योजना के साथ कैसे जाएँ।

27 Sept 2026 5 मिनट में पढ़ें

Read this guide in English →
इस गाइड में
  1. प्रश्नपत्र को जानें
  2. प्रश्नपत्र में क्या आता है
  3. मध्य प्रदेश GK पर पकड़
  4. राष्ट्रीय GS
  5. समसामयिकी
  6. प्रश्न हल करने की रणनीति
  7. प्रश्नपत्र II: इसे हल्के में न लें
  8. मॉक टेस्ट
  9. दोहराव के चक्र
  10. अंतिम पखवाड़ा
  11. परीक्षा के दिन

MPPSC प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में प्रश्नपत्र I (सामान्य अध्ययन) तय करता है कि मुख्य परीक्षा (Mains) तक कौन पहुँचेगा; प्रश्नपत्र II (सामान्य अभिरुचि) को केवल पार करना होता है। प्रश्नपत्र I में केवल 100 प्रश्न हैं, इसलिए हर प्रश्न का वज़न बहुत है — और यदि रिपोर्टों में बताया गया ऋणात्मक अंकन (negative marking) आपके चक्र में लागू होता है, तो लापरवाही से लगाया गया अनुमान अब महँगा पड़ सकता है। सफल होने वाले अभ्यर्थी (candidates) शायद ही कभी वे होते हैं जो सबसे ज़्यादा तथ्य जानते हैं। सफल वे होते हैं जो पूरा पाठ्यक्रम संतुलित ढंग से कवर करते हैं, मध्य प्रदेश GK पर पकड़ बनाते हैं, बार-बार दोहराव (revision) करते हैं और प्रश्नपत्र अनुशासन के साथ हल करते हैं।

प्रश्नपत्र को जानें

विशेषताविवरण
प्रश्न100
समय2 घंटे
अंकरिपोर्टों के अनुसार 2026 से प्रति प्रश्न 3 (कुल 300); पहले प्रति प्रश्न 2
ऋणात्मक अंकनरिपोर्टों के अनुसार 2026 से: हर गलत उत्तर पर 1 अंक की कटौती
उद्देश्यमुख्य परीक्षा के लिए छँटनी (screening)

प्रश्नपत्र में क्या आता है

  • इतिहास — भारत और मध्य प्रदेश।
  • भूगोल — विश्व, भारत और मध्य प्रदेश।
  • राजव्यवस्था और शासन — भारत और मध्य प्रदेश।
  • अर्थव्यवस्था — भारत और मध्य प्रदेश।
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT)।
  • समसामयिकी (current affairs) — अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और मध्य प्रदेश।
  • मध्य प्रदेश की जनजातियाँ, कला, संस्कृति, साहित्य और विरासत।

पिछले कुछ वर्षों के प्रश्नपत्रों (previous-year papers) को इन क्षेत्रों में बाँटें। आप पाएँगे कि मध्य प्रदेश से जुड़े प्रश्नों का हिस्सा बड़ा है, और समसामयिकी व मध्य प्रदेश की योजनाओं पर प्रश्न नियमित रूप से आते हैं।

मध्य प्रदेश GK पर पकड़

मध्य प्रदेश GK विस्तृत है और तथ्यों से भरा है। तीन आदतें मदद करती हैं:

विषयवार व्यवस्थित करें। एक-एक पन्ने की तालिकाएँ बनाएँ: राजवंश (संस्थापक, राजधानी, प्रमुख शासक, स्मारक), जनजातियाँ (क्षेत्र, त्योहार, नृत्य, शिल्प), नदियाँ (उद्गम, प्रवाह, बाँध, सहायक नदियाँ), टाइगर रिज़र्व और राष्ट्रीय उद्यान (जिला, प्रमुख विशेषताएँ), योजनाएँ (शुरुआत का वर्ष, लाभार्थी, लाभ)।

नक्शों का उपयोग करें। मध्य प्रदेश के संभाग, जिले, नदियाँ, बाँध, खनिज क्षेत्र और संरक्षित क्षेत्र बार-बार बनाएँ।

जाँच करें। मध्य प्रदेश GK की किताबों में अक्सर गलतियाँ या पुराने तथ्य होते हैं — खासकर जिलों (अब मध्य प्रदेश में 55 जिले हैं), टाइगर रिज़र्व (9) और योजनाओं के बारे में। इन्हें आधिकारिक वेबसाइटों और मध्य प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण से मिलाएँ।

राष्ट्रीय GS

प्रारंभिक परीक्षा के राष्ट्रीय हिस्से के लिए NCERT की पाठ्यपुस्तकें और हर विषय की एक मानक पुस्तक काफ़ी है। पढ़ते समय मध्य प्रदेश को ध्यान में रखें: राष्ट्रीय आंदोलन पढ़ते समय मध्य प्रदेश की भूमिका नोट करें (चंद्रशेखर आज़ाद, झंडा सत्याग्रह, टंट्या भील); भारत का भूगोल पढ़ते समय नर्मदा की भ्रंश घाटी और मालवा का पठार नोट करें।

समसामयिकी

परीक्षा से पहले के 12–18 महीने कवर करें — राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ, और मध्य प्रदेश की योजनाएँ, बजट, पुरस्कार, खेल, नियुक्तियाँ, नए जिले, संरक्षित क्षेत्र और निवेश सम्मेलन। राज्य से जुड़ी बातों के लिए आधिकारिक विज्ञप्तियाँ और मध्य प्रदेश सरकार के प्रकाशन सबसे भरोसेमंद स्रोत हैं।

प्रश्न हल करने की रणनीति

यदि ऋणात्मक अंकन लागू है (3 में से हर गलत उत्तर पर 1 अंक की कटौती):

  • चार विकल्पों में आँख मूँदकर लगाए गए अनुमान का अपेक्षित मान शून्य है — इसमें जोखिम है, लाभ नहीं;
  • एक विकल्प हटाने (elimination) के बाद लगाया गया अनुमान थोड़ा फ़ायदेमंद है;
  • दो विकल्प हटाने के बाद लगाया गया अनुमान साफ़ तौर पर लगाने लायक है।

तीन चरणों में हल करें:

  1. जिन प्रश्नों के उत्तर पक्के हैं, वे सब कर दें; बाकी पर निशान लगा दें।
  2. निशान वाले प्रश्नों पर लौटें; जहाँ दो विकल्प हटा सकें, वहाँ उत्तर दें।
  3. केवल सोच-समझकर लगाए गए अनुमान ही लें; अपनी उत्तर-पुस्तिका जाँच लें।

यदि ऋणात्मक अंकन नहीं है, तो हर प्रश्न का उत्तर दें — खाली छोड़े प्रश्न पर कुछ नहीं मिलता।

प्रश्नपत्र II: इसे हल्के में न लें

प्रश्नपत्र II क्वालीफाइंग (qualifying) है, पर हर चक्र में GS में बहुत अच्छे अंक लाने वाले अभ्यर्थी इसमें पास न होने के कारण बाहर हो जाते हैं। पिछले वर्ष का एक प्रश्नपत्र जल्दी हल करके देखें; यदि आप क्वालीफाइंग अंकों से आराम से ऊपर नहीं हैं, तो हर सप्ताह अभ्यास करें (प्रश्नपत्र II पर हमारी मार्गदर्शिका देखें)।

मॉक टेस्ट

परीक्षा से तीन महीने पहले से हर सप्ताह परीक्षा जैसी स्थितियों में पूरे प्रश्नपत्र वाला (full-length) मॉक टेस्ट (mock test) दें। हर टेस्ट के बाद गलतियों को बाँटें — ज्ञान की कमी, प्रश्न गलत पढ़ना, खराब अनुमान — और एक गलतियों की सूची (error log) रखें। इस सूची को हर सप्ताह दोहराएँ।

दोहराव के चक्र

चक्रकबकैसे
पहलापाठ्यक्रम पूरा करने के बादधीरे; नोट्स कसें
दूसरापरीक्षा से 6–8 सप्ताह पहलेतेज़ी से; निशान लगाए तथ्यों और मध्य प्रदेश की तालिकाओं पर ध्यान
तीसराअंतिम 2–3 सप्ताहकेवल एक-पन्ने की शीटें, नक्शे और गलतियों की सूची

अंतिम पखवाड़ा

  • कोई नया स्रोत नहीं।
  • मध्य प्रदेश की तालिकाएँ, नक्शे और समसामयिकी दोहराएँ।
  • परीक्षा के समय पर ही दो-तीन मॉक टेस्ट दें।
  • अच्छी नींद लें — थका हुआ दिमाग प्रश्न गलत पढ़ता है।

परीक्षा के दिन

शुरुआती प्रश्न कठिन लग सकते हैं; शांत रहें। प्रश्नपत्र सभी के लिए कठिन होता है, और कट-ऑफ (cut-off) उसी हिसाब से बदलता है। अपनी तीन चरणों वाली योजना पर चलें, समय का ध्यान रखें, और किसी एक कठिन प्रश्न को अगले दस प्रश्न न बिगाड़ने दें।

तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Madhya Pradesh Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।

अगली MPPSC गाइड ईमेल पर पाएँ

हर हफ़्ते नई गाइड। कोई स्पैम नहीं, जब चाहें सदस्यता छोड़ें।

और पढ़ें

MPPSCStrategyMPPSC के पद: डिप्टी कलेक्टर, DSP और उससे आगेMPPSC राज्य सेवा परीक्षा मध्य प्रदेश के प्रशासन में अनेक पद भरती है — डिप्टी कलेक्टर, पुलिस उप अधीक्षक, वाणिज्यिक कर अधिकारी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नायब तहसीलदार और कई अन्य। प्रमुख पदों में क्या काम होता है, करियर कैसे आगे बढ़ता है, एक सामान्य दिन कैसा होता है और पदों की पसंद कैसे तय करें, जानिए। 4 min read·27 Sept 2026MPPSCStrategyMPPSC और UPSC की एक साथ तैयारीमध्य प्रदेश के बहुत से अभ्यर्थी UPSC सिविल सेवा परीक्षा और MPPSC राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी एक साथ करते हैं। राष्ट्रीय GS का मूल भाग काफ़ी हद तक साझा है, लेकिन MPPSC में मध्य प्रदेश की एक बड़ी परत जुड़ती है, GS IV दर्शनशास्त्र और मनोविज्ञान में अधिक गहराई तक जाता है, और हिंदी के दो प्रश्नपत्र मेरिट में गिने जाते हैं; वहीं UPSC में वैकल्पिक विषय है और उत्तर लंबे होते हैं। काम कैसे बाँटें और दोनों को कहाँ अलग रखें, जानिए। 5 min read·27 Sept 2026MPPSCStrategyMPPSC अभ्यर्थियों की दस आम गलतियाँMPPSC में पीछे रह जाने वाले ज़्यादातर अभ्यर्थियों ने मेहनत की थी। उन्हें आम तौर पर किसी पहले से पहचानी जा सकने वाली गलती ने रोका — पुराना मध्य प्रदेश GK, प्रश्नपत्र II की अनदेखी, GS IV के दर्शनशास्त्र और मनोविज्ञान की उपेक्षा, हिंदी के प्रश्नपत्रों को औपचारिकता मानना, लघु उत्तर की जगह लंबे उत्तर लिखना, या मुख्य परीक्षा की तैयारी देर से शुरू करना। दस गलतियाँ और उनसे बचने के तरीके। 6 min read·27 Sept 2026MPPSCStrategyMPPSC हिंदी में लिखें या अंग्रेज़ी मेंMPPSC के ज़्यादातर अभ्यर्थी अपने GS प्रश्नपत्र हिंदी में लिखते हैं, और मुख्य परीक्षा के दो प्रश्नपत्र — सामान्य हिंदी, और हिंदी निबंध व प्रारूप लेखन — तो हर हाल में हिंदी में ही लिखने होते हैं। GS हिंदी में लिखें या अंग्रेज़ी में? अफ़वाहों के बजाय गति और सटीकता के आधार पर कैसे तय करें, GS IV के दर्शनशास्त्र और मनोविज्ञान की शब्दावली कैसे बनाएँ, और अंग्रेज़ी माध्यम के अभ्यर्थी हिंदी प्रश्नपत्रों की तैयारी कैसे करें। 5 min read·27 Sept 2026