इस गाइड में
पहली नज़र में MPPSC का पाठ्यक्रम (syllabus) लंबा और बिखरा हुआ लगता है — प्राचीन भारत और भील जनजाति, नर्मदा और संविधान, मध्य प्रदेश का बजट और कांट, हिंदी व्याकरण और अभिप्रेरणा का मनोविज्ञान। इसे साधने की कुंजी है इसकी संरचना को देखना: एक राष्ट्रीय GS आधार; मध्य प्रदेश की एक परत, जो लगभग हर विषय में चलती है; दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान और लोक प्रशासन पर एक अलग तरह का GS IV प्रश्नपत्र (paper); और हिंदी के दो प्रश्नपत्र। एक बार यह संरचना दिख जाए, तो पाठ्यक्रम भूलभुलैया नहीं, एक नक्शा बन जाता है।
आधिकारिक दस्तावेज़ से शुरू करें
mppsc.mp.gov.in से वर्तमान योजना और पाठ्यक्रम डाउनलोड करें। इसका प्रिंट निकालें और अपनी मेज़ पर रखें। MPPSC ने अपना पैटर्न और पाठ्यक्रम कई बार बदला है; कोचिंग के सारांश पुराने हो सकते हैं।
प्रारंभिक परीक्षा एक नज़र में
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) का प्रश्नपत्र I (सामान्य अध्ययन) मोटे तौर पर इन विषयों को कवर करता है:
- भारत और मध्य प्रदेश का इतिहास;
- विश्व, भारत और मध्य प्रदेश का भूगोल;
- भारत और मध्य प्रदेश का संविधान, शासन और राजनीतिक व्यवस्था;
- भारत और मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था;
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी;
- पर्यावरण;
- समसामयिकी (current affairs) — अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और मध्य प्रदेश;
- सूचना और संचार प्रौद्योगिकी;
- मध्य प्रदेश की जनजातियाँ और उनकी संस्कृति; मध्य प्रदेश की कला, साहित्य और विरासत।
प्रश्नपत्र II (सामान्य अभिरुचि परीक्षण) में बोध (comprehension), अंतर्वैयक्तिक कौशल, तर्कशक्ति (रीज़निंग), मानसिक योग्यता, संख्यात्मक योग्यता, आँकड़ों का विश्लेषण, निर्णय लेना और हिंदी बोध शामिल हैं। यह क्वालीफाइंग (qualifying) है।
मुख्य परीक्षा एक नज़र में
| प्रश्नपत्र | क्या खास है |
|---|---|
| GS I | भारत और मध्य प्रदेश का इतिहास और संस्कृति; भारत, विश्व और मध्य प्रदेश का भूगोल |
| GS II | संविधान और राजव्यवस्था; सामाजिक मुद्दे और समाजशास्त्र; अंतरराष्ट्रीय संबंध |
| GS III | भारत और मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था; विज्ञान और प्रौद्योगिकी; स्वास्थ्य; पर्यावरण और आपदाएँ |
| GS IV | दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन — विचारक, नीतिशास्त्र, अभिवृत्तियाँ, केस स्टडी |
| प्रश्नपत्र V | सामान्य हिंदी एवं व्याकरण |
| प्रश्नपत्र VI | हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन |
मध्य प्रदेश का मूल भाग पहचानें
पाठ्यक्रम की हर उस पंक्ति को हाइलाइट करें जिसमें मध्य प्रदेश का ज़िक्र है। आप पाएँगे कि मध्य प्रदेश इतिहास, संस्कृति, भूगोल, जनजातियों, अर्थव्यवस्था, राजव्यवस्था और समसामयिकी में मौजूद है। यही मध्य प्रदेश का मूल भाग आपकी तैयारी की रीढ़ है, क्योंकि यह प्रारंभिक और मुख्य (Mains), दोनों परीक्षाओं में आता है, और क्योंकि अभ्यर्थियों (candidates) के बीच सबसे बड़ा अंतर यहीं बनता है।
मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्रों के हिसाब से एक मध्य प्रदेश नोटबुक बनाएँ:
- इतिहास: भीमबेटका, साँची, परमार, चंदेल, गोंड, होलकर, सिंधिया, भोपाल की बेगमें, 1857, स्वतंत्रता संग्राम, मध्य प्रदेश का गठन।
- संस्कृति: जनजातियाँ, नृत्य, शिल्प, मेले, संगीत (तानसेन), साहित्य।
- भूगोल: भौतिक स्वरूप, नर्मदा और अन्य नदियाँ, वन, टाइगर रिज़र्व, खनिज, कृषि।
- अर्थव्यवस्था और शासन: बजट, योजनाएँ, उद्योग, लोक सेवा गारंटी अधिनियम (Public Services Guarantee Act), पंचायती राज।
GS IV से न डरें
GS IV अलग तरह का प्रश्नपत्र है। इसमें दर्शनशास्त्र (भारतीय और पाश्चात्य विचारक), मनोविज्ञान (बुद्धि, व्यक्तित्व, अभिप्रेरणा, अभिवृत्ति, संवेगात्मक बुद्धि) और लोक प्रशासन (अवधारणाएँ, जवाबदेही, शासन में नैतिकता) के साथ केस स्टडी भी आती हैं। इसका बड़ा हिस्सा नीतिशास्त्र (ethics) के प्रश्नपत्र से मेल खाता है, पर यह दर्शनशास्त्र और मनोविज्ञान में उससे आगे जाता है। तीन-चार महीने की व्यवस्थित योजना — पहले विचारक, फिर मनोविज्ञान और प्रशासन, फिर केस स्टडी — इसे संभालने लायक बना देती है। इस पर हमारी अलग मार्गदर्शिकाएँ देखें।
हिंदी के प्रश्नपत्रों को गंभीरता से लें
सामान्य हिंदी एवं व्याकरण और हिंदी निबंध एवं प्रारूप लेखन, दोनों प्रश्नपत्रों में शुद्धता पर अंक मिलते हैं: वर्तनी, संधि, समास, सही प्रयोग, पत्र और प्रतिवेदन के सही प्रारूप, और सुगठित निबंध। धाराप्रवाह हिंदी बोलने वाले कई अभ्यर्थी लापरवाही से अंक गँवा देते हैं। नियमित अभ्यास इन प्रश्नपत्रों को भरोसेमंद अंक दिलाने वाला बना देता है।
साझा हिस्से देखें
| विषय | कहाँ-कहाँ आता है |
|---|---|
| मध्य प्रदेश का इतिहास और संस्कृति | प्रारंभिक परीक्षा; GS I; निबंध (essay); साक्षात्कार (interview) |
| मध्य प्रदेश का भूगोल | प्रारंभिक परीक्षा; GS I; GS III (पर्यावरण, कृषि) |
| राजव्यवस्था और शासन | प्रारंभिक परीक्षा; GS II; GS IV (लोक प्रशासन) |
| अर्थव्यवस्था | प्रारंभिक परीक्षा; GS III |
| नीतिशास्त्र और विचारक | GS IV; निबंध; साक्षात्कार |
| समसामयिकी | प्रारंभिक परीक्षा; सभी GS प्रश्नपत्र; निबंध; साक्षात्कार |
माइक्रो-सिलेबस बनाएँ
पाठ्यक्रम की हर पंक्ति के लिए ये चीज़ें लिखें: उप-विषय, एक मुख्य स्रोत, मध्य प्रदेश का एक स्रोत, संभावित लघु प्रश्न और संभावित दीर्घ प्रश्न। शुरू में इसमें समय लगता है, पर इससे एक धुँधला पाठ्यक्रम पूरे किए जा सकने वाले कामों की सूची में बदल जाता है।
भरोसेमंद स्रोत
- राष्ट्रीय आधार के लिए NCERT की पाठ्यपुस्तकें।
- मध्य प्रदेश के इतिहास, भूगोल और संस्कृति के लिए MP बोर्ड की पाठ्यपुस्तकें और मध्य प्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के प्रकाशन।
- आर्थिक आँकड़ों के लिए मध्य प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण और बजट दस्तावेज़।
- योजनाओं के लिए विभागों की वेबसाइटें और आधिकारिक विज्ञप्तियाँ।
- MPPSC के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र — गहराई और शैली समझने के लिए सबसे अच्छे मार्गदर्शक।
एक घंटे का अभ्यास
पाठ्यक्रम की तीन पंक्तियाँ लें — एक मध्य प्रदेश के इतिहास से, एक GS IV के मनोविज्ञान से और एक मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था से। हर पंक्ति के लिए उप-विषय, एक स्रोत और दो संभावित प्रश्न लिखें। एक घंटे में आपको पाठ्यक्रम की उससे साफ़ तस्वीर मिल जाएगी, जितनी ज़्यादातर अभ्यर्थियों को हफ़्तों बाद मिलती है।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Madhya Pradesh Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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