इस गाइड में
- आधिकारिक दस्तावेज़ लें
- GS V में क्या है (मोटे तौर पर)
- GS VI में क्या है (मोटे तौर पर)
- GS V और VI का बाकी प्रश्नपत्रों से संबंध
- माइक्रो-सिलेबस बनाएँ
- उत्तर प्रदेश के प्रश्नपत्र जितने आसान दिखते हैं, उतने हैं नहीं
- हर पंक्ति के लिए गहराई का अर्थ
- उत्तर प्रदेश के भरोसेमंद स्रोत
- पिछले प्रश्नों की मैपिंग
- एक घंटे का अभ्यास
जब UPPSC ने वैकल्पिक विषय (optional subject) की जगह उत्तर प्रदेश पर दो प्रश्नपत्र रखे, तो उसने एक साफ संदेश दिया: जो अधिकारी उत्तर प्रदेश में सेवा करेगा, उसे उत्तर प्रदेश को जानना चाहिए। GS V और GS VI का पाठ्यक्रम (syllabus) लंबा है। इसमें राज्य के प्राचीन इतिहास से लेकर उसकी औद्योगिक नीति तक, और उसके लोक संगीत से लेकर वन आवरण तक सब कुछ शामिल है। इसे ध्यान से पढ़ना और फिर अध्ययन योजना में बदलना UPPSC की तैयारी का पहला असली काम है।
आधिकारिक दस्तावेज़ लें
uppsc.up.nic.in से वर्तमान परीक्षा योजना और पाठ्यक्रम डाउनलोड करें। उसका प्रिंट निकाल लें। पैटर्न हाल ही में बदला है, इसलिए पक्का कर लें कि आपकी प्रति उसी वर्ष की हो जिसकी आप तैयारी कर रहे हैं।
GS V में क्या है (मोटे तौर पर)
| क्षेत्र | पाठ्यक्रम के विषयों के उदाहरण |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश का इतिहास और संस्कृति | प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास; स्थापत्य, कला, संगीत, नृत्य, त्योहार, मेले, भाषाएँ और साहित्य |
| स्वतंत्रता संग्राम | 1857 और राष्ट्रीय आंदोलन में उत्तर प्रदेश की भूमिका; स्वतंत्रता सेनानी |
| राजव्यवस्था और शासन | राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद, विधानमंडल, उच्च न्यायालय; राज्य सेवाएँ; लोकायुक्त; स्थानीय निकाय |
| लोक प्रशासन | जिला और मंडल प्रशासन; ई-शासन (e-governance); नागरिक सेवाएँ |
| सामाजिक मुद्दे | उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय, महिलाएँ और बच्चे |
| कानून-व्यवस्था और सुरक्षा | पुलिस प्रशासन; आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे |
| उत्तर प्रदेश की समसामयिकी (current affairs) | हाल के घटनाक्रम |
GS VI में क्या है (मोटे तौर पर)
| क्षेत्र | उदाहरण |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था | वृद्धि, क्षेत्रवार संरचना, बजट, राज्य के वित्त, नियोजन |
| कृषि | फसलें, सिंचाई, बागवानी, पशुपालन, कृषि विपणन |
| उद्योग और व्यापार | औद्योगिक नीति, MSME, ODOP (एक जनपद एक उत्पाद), निर्यात, निवेश |
| अवसंरचना | सड़कें, एक्सप्रेसवे, बिजली, नगरीय विकास |
| भूगोल | भौतिक स्वरूप (physiography), नदियाँ, जलवायु, मिट्टियाँ, वन, खनिज |
| प्राकृतिक संसाधन और पर्यावरण | जल, वन, प्रदूषण, संरक्षण |
| जनसांख्यिकी | जनसंख्या, नगरीकरण, प्रवासन |
| विकास योजनाएँ | उत्तर प्रदेश में राज्य और केंद्र की योजनाएँ |
GS V और VI का बाकी प्रश्नपत्रों से संबंध
उत्तर प्रदेश के ज़्यादातर विषयों का एक राष्ट्रीय रूप GS I–III में मौजूद है:
| राष्ट्रीय विषय (GS I–III) | उत्तर प्रदेश की परत (GS V–VI) |
|---|---|
| भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन | मेरठ, लखनऊ, कानपुर, झाँसी में 1857; चौरी चौरा; काकोरी |
| भारतीय राजव्यवस्था | उत्तर प्रदेश का विधानमंडल, पंचायतें, लोकायुक्त, पुलिस कमिश्नरेट |
| भारतीय अर्थव्यवस्था | उत्तर प्रदेश का GSDP, बजट, औद्योगिक नीति, ODOP |
| भारतीय भूगोल | तराई, गंगा का मैदान, बुंदेलखंड; उत्तर प्रदेश की नदियाँ |
| पर्यावरण | गंगा प्रदूषण; आर्द्रभूमियाँ; NCR की वायु गुणवत्ता |
दोनों को साथ पढ़ने से समय बचता है और उत्तर अधिक समृद्ध बनते हैं।
माइक्रो-सिलेबस बनाएँ
GS V और VI की हर पंक्ति के लिए एक तालिका भरें:
| पाठ्यक्रम की पंक्ति | मुख्य उप-विषय | राष्ट्रीय स्रोत | उत्तर प्रदेश का स्रोत | संभावित प्रश्नों के विषय |
|---|---|---|---|---|
| "उत्तर प्रदेश का संगीत और नृत्य" | कथक (लखनऊ घराना), ठुमरी, बनारस घराना, लोक रूप | कला और संस्कृति पर NCERT | उत्तर प्रदेश की संस्कृति पर पुस्तकें, संगीत नाटक अकादमी | कथक का विकास; अवध के दरबारों की भूमिका |
| "उत्तर प्रदेश की कृषि" | गेहूँ, धान, गन्ना, आलू; सिंचाई; विपणन | अर्थव्यवस्था की मानक पुस्तक | उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के आँकड़े; बजट | गन्ना बकाया; फसल विविधीकरण |
शुरू में यह काम धीमा लगेगा। लेकिन इससे एक धुंधला पाठ्यक्रम ठोस कामों की ऐसी सूची में बदल जाता है जिन्हें पूरा किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश के प्रश्नपत्र जितने आसान दिखते हैं, उतने हैं नहीं
कई अभ्यर्थी मान लेते हैं कि उत्तर प्रदेश के प्रश्नपत्र आसान होंगे, क्योंकि "यह तो अपना राज्य है"। अक्सर सच इसका उलटा होता है। राष्ट्रीय विषयों के पीछे दशकों की मानक पुस्तकें, कोचिंग नोट्स और मॉडल उत्तर हैं। उत्तर प्रदेश के विषयों के पीछे ऐसा कुछ नहीं है। जानकारी विभागों की वेबसाइटों, बजट दस्तावेज़ों, जिला गज़ेटियरों, हिंदी अख़बारों और राज्य GK की गिनी-चुनी पुस्तकों में बिखरी पड़ी है, और इन पुस्तकों की गुणवत्ता भी एक जैसी नहीं है। ये प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत नए भी हैं, इसलिए पिछले वर्षों के ऐसे प्रश्न कम हैं जिनसे पता चले कि कितनी गहराई अपेक्षित है।
नतीजा यह होता है कि अभ्यर्थी अक्सर सामान्य (generic) उत्तर लिखते हैं — ऐसे उत्तर जो किसी भी राज्य पर लागू हो सकते हैं। वे उन थोड़े-से अभ्यर्थियों से अंक गँवा देते हैं जो विशिष्ट (specific) उत्तर लिखते हैं। यह अंतर आसानी से दिखता है। बुंदेलखंड की समस्याओं पर प्रश्न हो, तो सामान्य उत्तर में "सूखा, गरीबी और पिछड़ापन" लिखा होता है। विशिष्ट उत्तर में इस क्षेत्र के उत्तर प्रदेश वाले सात जिलों, कठोर चट्टानों वाले जलभृतों (hard rock aquifers), चंदेलकालीन तालाबों, पशुओं को खुला छोड़ देने की प्रथा (अन्ना प्रथा), केन–बेतवा लिंक, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, और झाँसी व चित्रकूट में रक्षा औद्योगिक गलियारे (defence corridor) के नोड का उल्लेख होता है। दोनों अभ्यर्थी बुंदेलखंड को "जानते" हैं। पर दिखाता केवल एक है।
हर पंक्ति के लिए गहराई का अर्थ
पाठ्यक्रम की हर पंक्ति के लिए ये चीज़ें आपकी उँगलियों पर होनी चाहिए:
- तीन से पाँच मुख्य तथ्य — नाम, तिथियाँ, स्थान, संख्याएँ;
- एक या दो वर्तमान घटनाक्रम — कोई योजना, परियोजना, न्यायालय का निर्णय या रिपोर्ट;
- एक समस्या और एक समाधान — मुख्य परीक्षा के ज़्यादातर प्रश्नों का विश्लेषणात्मक केंद्र;
- एक मानचित्र या आरेख जिसे आप जल्दी बना सकें।
इस स्तर तक तैयार की गई पाठ्यक्रम की एक पंक्ति प्रारंभिक परीक्षा के एक प्रश्न, मुख्य परीक्षा के एक छोटे प्रश्न, और मुख्य परीक्षा के किसी लंबे उत्तर या निबंध के एक अनुच्छेद — तीनों के काम आ सकती है।
उत्तर प्रदेश के भरोसेमंद स्रोत
- यूपी बोर्ड (UPMSP) और NCERT की पाठ्यपुस्तकें — बुनियाद के लिए।
- उत्तर प्रदेश सामान्य अध्ययन की एक मानक पुस्तक — तथ्यों को दूसरे स्रोतों से मिलाकर।
- उत्तर प्रदेश का बजट भाषण और दस्तावेज़; राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण (पहली बार 2025–26 के आँकड़ों के साथ प्रस्तुत) और नियोजन विभाग की अन्य रिपोर्टें।
- उत्तर प्रदेश सरकार के विभागों के आधिकारिक पोर्टल (योजनाओं और नीतियों के लिए)।
- उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, पर्यटन और संस्कृति विभाग की वेबसाइटें।
- उत्तर प्रदेश संस्करण वाला एक हिंदी दैनिक और एक राष्ट्रीय अख़बार।
पिछले प्रश्नों की मैपिंग
GS V और VI नए हैं, इसलिए प्रश्नों का भंडार अभी छोटा है। इनका उपयोग करें:
- UPPSC मुख्य परीक्षा के सबसे हाल के प्रश्नपत्र;
- मिलते-जुलते राष्ट्रीय विषयों पर UPSC और अन्य राज्यों के प्रश्नपत्र, उत्तर प्रदेश के संदर्भ में ढालकर;
- माइक्रो-सिलेबस की हर पंक्ति से बनाए गए आपके अपने अनुमानित प्रश्न।
एक घंटे का अभ्यास
तीन पंक्तियाँ चुनें — एक GS V के इतिहास से, एक GS V के शासन वाले हिस्से से और एक GS VI की अर्थव्यवस्था से। हर पंक्ति के लिए उप-विषय, एक राष्ट्रीय और एक उत्तर प्रदेश का स्रोत, और दो संभावित प्रश्न लिखें। एक घंटे बाद आपके पास उत्तर प्रदेश के प्रश्नपत्रों का उससे अधिक साफ नक्शा होगा, जितना ज़्यादातर अभ्यर्थियों के पास हफ़्तों बाद होता है।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Uttar Pradesh Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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