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राजस्थान की कृषि और फ़सलें

राजस्थान की अधिकांश कृषि भूमि अनिश्चित वर्षा पर निर्भर है, फिर भी राज्य बाजरा, सरसों और ग्वार में देश में सबसे आगे है, और दलहन, जीरा, धनिया और ईसबगोल का प्रमुख उत्पादक है। खरीफ़ और रबी फ़सलें, वे कहाँ उगती हैं, कृषि-जलवायु क्षेत्र, सिंचाई, और राजस्थान की खेती के पीछे का भूगोल।

21 Oct 2026 4 मिनट में पढ़ें

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इस गाइड में
  1. कृषि का महत्व
  2. खरीफ़ फ़सलें (बुआई जून–जुलाई, कटाई सितंबर–अक्टूबर)
  3. रबी फ़सलें (बुआई अक्टूबर–नवंबर, कटाई मार्च–अप्रैल)
  4. बागवानी
  5. कृषि-जलवायु क्षेत्र
  6. सिंचाई के साधन
  7. चुनौतियाँ
  8. अभ्यास

पश्चिमी मरुस्थल में किसान मानसून की पहली बौछारों का इंतज़ार करते हैं, और फिर रेतीली मिट्टी में बाजरा, मोठ और ग्वार बोने में जुट जाते हैं — ऐसी फ़सलें जो बहुत कम पानी में भी बच जाती हैं। बारिश न हो, तो फ़सल भी नहीं होती, और परिवार साल काटने के लिए अपने पशुओं पर निर्भर हो जाते हैं। पूर्व और दक्षिण-पूर्व में, जहाँ वर्षा अधिक भरोसेमंद है और नहरें व कुएँ पानी देते हैं, सर्दियों में मैदानों पर गेहूँ और चटख पीली सरसों के खेत दूर तक फैले दिखते हैं। राजस्थान की कृषि अभाव के साथ तालमेल की कहानी है, और यह देश की कुछ सबसे महत्वपूर्ण शुष्क-भूमि फ़सलें पैदा करती है।

कृषि का महत्व

  • राजस्थान की जनसंख्या के बड़े हिस्से के लिए, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, कृषि और पशुपालन आज भी आजीविका का मुख्य साधन हैं।
  • कृषि क्षेत्र का बड़ा भाग वर्षा-आधारित है — मानसून पर निर्भर।
  • पशुपालन खेती से गहराई से जुड़ा है (पशुधन पर हमारा लेख देखें)।

खरीफ़ फ़सलें (बुआई जून–जुलाई, कटाई सितंबर–अक्टूबर)

फ़सलकहाँटिप्पणी
बाजरा (pearl millet)पूरे पश्चिम और उत्तर में — बाड़मेर, जोधपुर, नागौर, जयपुर, सीकर, चूरू, झुंझुनूँ, अलवरराजस्थान देश का सबसे बड़ा उत्पादक है; सूखे को बहुत अच्छी तरह सहता है
ज्वार (sorghum)अजमेर, नागौर, पाली, भीलवाड़ाभोजन और चारा
मक्कादक्षिण — उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, बाँसवाड़ा, डूंगरपुरजनजातीय दक्षिण का मुख्य भोजन
मोठपश्चिमी मरुस्थलराजस्थान सबसे बड़ा उत्पादक है; सूखे को अत्यधिक सहने वाली फ़सल
मूँग (green gram)नागौर, जोधपुर, अजमेर, जयपुरमहत्वपूर्ण दलहन
ग्वार (cluster bean)पश्चिमी और उत्तरी मरुस्थल — बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़भारत के ग्वार का अधिकांश भाग राजस्थान में पैदा होता है; ग्वार गम खाद्य उद्योग और तेल व गैस उद्योग के लिए निर्यात होता है
मूँगफलीबीकानेर, जयपुर, जोधपुरप्रमुख उत्पादक राज्यों में से एक
कपासश्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ (नहरी क्षेत्र)सिंचित
सोयाबीनहाड़ौती — कोटा, बारां, झालावाड़काली मिट्टी पर
धानसीमित — हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बूँदी, कोटा, बाँसवाड़ासिंचित

रबी फ़सलें (बुआई अक्टूबर–नवंबर, कटाई मार्च–अप्रैल)

फ़सलकहाँटिप्पणी
गेहूँश्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, अलवर, कोटा, बूँदीरबी का मुख्य अनाज; अधिकतर सिंचित
जौजयपुर, सीकर, झुंझुनूँलवणता सह लेती है
सरसों (राई-सरसों)अलवर, भरतपुर, श्रीगंगानगर, टोंक, सवाई माधोपुरराजस्थान देश का सबसे बड़ा उत्पादक है
चना (chickpea)चूरू, बीकानेर, हनुमानगढ़, जयपुरप्रमुख उत्पादक राज्यों में से एक
जीराजालोर, बाड़मेर, जोधपुर, नागौरशीर्ष उत्पादकों में
धनियाकोटा, बारां, झालावाड़ (हाड़ौती)प्रमुख उत्पादक
ईसबगोल (psyllium)जालोर, बाड़मेर, नागौरशीर्ष उत्पादकों में
मेथीनागौर (नागौरी मेथी), सीकरमसाला फ़सल
लहसुनहाड़ौतीमसाला और सब्ज़ी

बागवानी

  • फल: किन्नू (श्रीगंगानगर), अनार (बाड़मेर, जालोर), अमरूद (सवाई माधोपुर), संतरा (झालावाड़ — "राजस्थान का नागपुर"), खजूर (पश्चिमी मरुस्थल), बेर, आँवला।
  • सब्ज़ियाँ: प्याज़, टमाटर, मिर्च (जोधपुर की मथानिया मिर्च)।
  • फूल: पुष्कर और हल्दीघाटी के गुलाब (गुलकंद और गुलाब जल के लिए)।

कृषि-जलवायु क्षेत्र

राजस्थान को दस कृषि-जलवायु क्षेत्रों (agro-climatic zones) में बाँटा गया है। इन्हें मोटे तौर पर इन समूहों में रखा जाता है: शुष्क पश्चिमी मैदान, सिंचित उत्तर-पश्चिमी मैदान, अंतर्वर्ती (transitional) मैदान, अर्ध-शुष्क पूर्वी मैदान, बाढ़-प्रवण पूर्वी मैदान, उप-आर्द्र दक्षिणी मैदान, आर्द्र दक्षिणी मैदान और आर्द्र दक्षिण-पूर्वी मैदान (हाड़ौती)। कृषि विश्वविद्यालयों के अनुसंधान केंद्र हर क्षेत्र में काम करते हैं।

सिंचाई के साधन

साधनहिस्सा / टिप्पणी
कुएँ और नलकूपसबसे बड़ा साधन; भूजल का भारी उपयोग, कई ब्लॉकों में अति-दोहन
नहरेंइंदिरा गांधी नहर, गंग नहर, भाखड़ा नहरें (उत्तर); चंबल नहरें (हाड़ौती); माही (दक्षिण)
तालाबमुख्यतः दक्षिण और दक्षिण-पूर्व में

पानी बचाने के लिए सूक्ष्म सिंचाई (बूँद-बूँद/ड्रिप और फव्वारा/स्प्रिंकलर) को बढ़ावा दिया जा रहा है।

चुनौतियाँ

  1. वर्षा पर निर्भरता — बार-बार फ़सलों का नष्ट होना।
  2. भूजल का घटना — विशेषकर पूर्व और मध्य भाग में।
  3. पूर्व और दक्षिण में छोटी और बिखरी जोतें; पश्चिम में बड़ी पर कम गुणवत्ता वाली जोतें।
  4. मिट्टी की समस्याएँ — लवणता, अपरदन, जलभराव।
  5. विपणन — क़ीमतों में उतार-चढ़ाव, विशेषकर ग्वार और मसालों में।
  6. जलवायु परिवर्तन — गेहूँ और सरसों पर गर्मी का दबाव।

नीतिगत मुद्दों और सुधारों के लिए कृषि पर हमारा अर्थव्यवस्था वाला लेख देखें।

अभ्यास

प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) शैली:

  1. ऐसी दो फ़सलों के नाम बताइए जिनमें राजस्थान देश का सबसे बड़ा उत्पादक है।
  2. किस क्षेत्र में काली मिट्टी पर सोयाबीन और धनिया उगाए जाते हैं?
  3. ग्वार गम का उपयोग किसमें होता है?
  4. कौन-सा ज़िला किन्नू के लिए प्रसिद्ध है?
  5. राजस्थान में सिंचाई का सबसे बड़ा साधन क्या है?

मुख्य परीक्षा (Mains) शैली (50 शब्द): बाजरा पश्चिमी राजस्थान के लिए उपयुक्त क्यों है?

मुख्य परीक्षा शैली (100 शब्द): राजस्थान के शस्य प्रतिरूप (cropping pattern) को प्रभावित करने वाले भौगोलिक कारकों की विवेचना कीजिए।

तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Rajasthan Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।

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