इस गाइड में
- यह क्रम क्यों
- पाँच चरण
- आपका साप्ताहिक घंटों का बजट
- महीने 1–3: नींव
- महीने 4–6: गहराई और बिहार परत
- महीने 7–9: सुदृढ़ीकरण
- महीने 10–12: प्रारंभिक परीक्षा की अंतिम तैयारी
- प्रारंभिक परीक्षा के बाद: मुख्य परीक्षा का चरण
- मुख्य परीक्षा के बाद: साक्षात्कार
- साप्ताहिक ढाँचा (पूर्णकालिक)
- अगर आप नौकरी करते हैं
- जाँच-बिंदु
- खुद को जाँचें
- आगे क्या करें
जो योजना मानकर चलती है कि हर दिन एकदम ठीक जाएगा, वह योजना नहीं, इच्छा है। नीचे BPSC के लिए बारह महीने की ऐसी योजना है जिसमें दोहराव (revision), टेस्ट और आराम पहले से शामिल हैं, ताकि बीमारी, पारिवारिक कार्यक्रमों और कभी-कभार के खराब मॉक टेस्ट (mock test) के बाद भी वह टिकी रहे। यह मानकर चलती है कि आप पूर्णकालिक तैयारी कर रहे हैं; कामकाजी अभ्यर्थियों (candidates) के लिए नोट्स आगे दिए गए हैं।
अधिसूचित प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) की तिथि से पीछे की ओर गिनें। नीचे दिए महीने "प्रारंभिक परीक्षा से पहले के महीने" हैं। BPSC का कैलेंडर खिसक सकता है, इसलिए bpsc.bihar.gov.in पर आयोग का कैलेंडर और अधिसूचनाएँ (notifications) देखते रहें, और जब भी कोई तिथि बदले, योजना को नए सिरे से जोड़ें।
यह क्रम क्यों
परीक्षा से जुड़े तीन तथ्य इस योजना को आकार देते हैं।
- प्रारंभिक परीक्षा छँटनी करती है; मुख्य परीक्षा (Mains) रैंक तय करती है। प्रारंभिक परीक्षा ऋणात्मक अंकन (negative marking) वाला 150 प्रश्नों का एक GS प्रश्नपत्र (paper) है, और इसके अंक अंतिम मेरिट (final merit) में नहीं गिने जाते। मेरिट GS I, GS II और निबंध (Essay) के 900 अंकों तथा साक्षात्कार (Interview) के 120 अंकों से बनती है। इसलिए लेखन प्रारंभिक परीक्षा से बहुत पहले शुरू होना चाहिए।
- बिहार हर जगह है। हर GS क्षेत्र की एक बिहार परत है, इसलिए राष्ट्रीय और बिहार की नींव एक के बाद एक नहीं, साथ-साथ बनती है।
- दो क्वालीफाइंग (qualifying) प्रश्नपत्र अब भी आपको बाहर कर सकते हैं। सामान्य हिंदी (30 प्रतिशत) और वैकल्पिक विषय (optional subject) को थोड़ा, पर नियमित समय चाहिए, आखिरी महीने की घबराहट नहीं।
पूरी परीक्षा योजना के लिए BPSC परीक्षा पैटर्न मार्गदर्शिका देखें।
पाँच चरण
- नींव: NCERT और बिहार का आधार।
- गहराई और बिहार परत: मानक पुस्तकें; बिहार का इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था और राजव्यवस्था।
- सुदृढ़ीकरण: बचे हुए विषय, निबंध अभ्यास और खंडवार (sectional) टेस्ट।
- प्रारंभिक परीक्षा की अंतिम तैयारी: MCQ और दोहराव।
- मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार।
आपका साप्ताहिक घंटों का बजट
छह अध्ययन दिनों और रोज़ आठ घंटे वाले पूर्णकालिक सप्ताह में 48 घंटे होते हैं। साल के बीच में इन्हें खर्च करने का एक तरीका यह है।
| गतिविधि | प्रति सप्ताह घंटे |
|---|---|
| सप्ताह का GS विषय (राष्ट्रीय) | 18 |
| बिहार परत | 8 |
| अखबार और समसामयिकी (current affairs) के नोट्स | 7 |
| उत्तर लेखन (answer writing) (निबंध या सांख्यिकी सहित) | 6 |
| टेस्ट और विश्लेषण | 5 |
| पिछले सप्ताहों का दोहराव | 4 |
| कुल | 48 |
सातवाँ दिन आराम और योजना के लिए है। 48 कामकाजी सप्ताहों में (चार सप्ताह अतिरिक्त गुंजाइश के लिए छोड़कर), 48 घंटे प्रति सप्ताह से 2,304 घंटे बनते हैं। यह काफी है, बशर्ते घंटे सही कामों में लगें। चरण के अनुसार अनुपात बदलें: शुरुआत में GS और बिहार ज़्यादा, अंत में टेस्ट और दोहराव ज़्यादा।
महीने 1–3: नींव
| विषय | राष्ट्रीय | बिहार |
|---|---|---|
| इतिहास | NCERT प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक | मगध, बौद्ध धर्म, जैन धर्म, मौर्य, गुप्त, नालंदा |
| भूगोल | NCERT भौतिक और भारत | बिहार का भौतिक स्वरूप, नदियाँ, मिट्टियाँ |
| राजव्यवस्था | NCERT + एक मानक पुस्तक | बिहार की सरकार और स्थानीय निकाय |
| अर्थव्यवस्था | NCERT अर्थशास्त्र | बाद में |
| विज्ञान | NCERT विज्ञान (कक्षा 6–10) | — |
रोज़: 60–90 मिनट अखबार — बिहार कवरेज वाला एक हिंदी अखबार और एक राष्ट्रीय अखबार। पहले महीने बस इतना लक्ष्य रखें कि जो पढ़ें, वह समझ आए।
हर सप्ताह: मानसिक योग्यता का एक सत्र, क्योंकि BPSC प्रारंभिक परीक्षा में अलग CSAT प्रश्नपत्र नहीं है और ये प्रश्न GS प्रश्नपत्र के भीतर ही आते हैं।
तीसरे महीने के अंत तक: आपको बिहार की मुख्य नदियाँ याद से बनानी आनी चाहिए, और बिना नोट्स के संविधान की मुख्य विशेषताएँ समझा पानी चाहिए।
महीने 4–6: गहराई और बिहार परत
- आधुनिक इतिहास, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था और भूगोल की मानक पुस्तकें।
- बिहार का आधुनिक इतिहास: 1857 और कुँवर सिंह, वहाबी आंदोलन, जनजातीय विद्रोह, चंपारण, भारत छोड़ो, किसान सभा, जेपी आंदोलन।
- बिहार की अर्थव्यवस्था: नवीनतम बिहार आर्थिक सर्वेक्षण, राज्य का बजट और मुख्य योजनाएँ।
- बिहार की राजव्यवस्था: पंचायती राज, मद्यनिषेध, जाति सर्वेक्षण, आरक्षण, लोक सेवाओं का अधिकार।
- उत्तर लेखन शुरू करें: पूरे किए गए विषयों पर सप्ताह में तीन से चार उत्तर।
- सांख्यिकी का अभ्यास शुरू करें: सप्ताह में एक सत्र।
महीने 7–9: सुदृढ़ीकरण
- बचे हुए विषय पूरे करें: विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, संस्कृति, बिहार की कला और भाषाएँ।
- निबंध: हर पखवाड़े एक निबंध, प्रश्नपत्र के तीनों खंडों को बारी-बारी से लेते हुए।
- वैकल्पिक विषय: हल्का दोहराव, सप्ताह में दो से तीन घंटे।
- सामान्य हिंदी: अगर आप मुख्यतः अंग्रेज़ी में लिखते हैं, तो सप्ताह में व्याकरण का एक सत्र।
- प्रारंभिक परीक्षा के MCQ: खंडवार टेस्ट, और हर गलत उत्तर दर्ज करें।
महीने 10–12: प्रारंभिक परीक्षा की अंतिम तैयारी
- कोई नया स्रोत नहीं; अपने नोट्स से दोहराव करें।
- हर सप्ताह दो पूरे प्रश्नपत्र वाले (full-length) GS मॉक टेस्ट, हर एक के बाद विश्लेषण।
- बिहार के तथ्यों का दोहराव: नक्शे, नदियाँ, स्थल, स्वतंत्रता सेनानी, योजनाएँ।
- पिछले 12–18 महीनों की समसामयिकी।
- सप्ताह में दो-तीन उत्तर लिखते रहें, ताकि लेखन की आदत बनी रहे।
प्रारंभिक परीक्षा के बाद: मुख्य परीक्षा का चरण
| अवधि | ध्यान |
|---|---|
| पहले कुछ सप्ताह | GS I और GS II के पूरे प्रश्नपत्र; कमज़ोर क्षेत्रों की पहचान |
| बीच का समय | रोज़ उत्तर लेखन; हर सप्ताह निबंध; सांख्यिकी का अभ्यास |
| अंतिम सप्ताह | सामान्य हिंदी के अभ्यास प्रश्नपत्र; वैकल्पिक विषय के MCQ; बिहार उदाहरणों का दोहराव |
प्रारंभिक परीक्षा के अगले दिन को मुख्य परीक्षा का पहला दिन मानें। परिणाम का इंतज़ार करने में वे सप्ताह चले जाते हैं जो वापस नहीं आते। BPSC मुख्य परीक्षा से पहले के अंतिम 60 दिन पर हमारी मार्गदर्शिका इस चरण को और विस्तार से बाँटती है।
मुख्य परीक्षा के बाद: साक्षात्कार
अपना आवेदन पत्र, अपना ज़िला, बिहार के समसामयिक मुद्दे और आपके द्वारा चुने गए पद — इनकी तैयारी करें।
साप्ताहिक ढाँचा (पूर्णकालिक)
| दिन | सुबह (3 घंटे) | दोपहर (3 घंटे) | शाम (2 घंटे) |
|---|---|---|---|
| सोम–शुक्र | मुख्य विषय | दूसरा विषय या बिहार परत | अखबार के नोट्स; एक उत्तर |
| शनि | टेस्ट | टेस्ट का विश्लेषण | निबंध या सांख्यिकी |
| रवि | साप्ताहिक दोहराव | आराम | अगले सप्ताह की योजना |
अगर आप नौकरी करते हैं
योजना को 18–24 महीनों तक फैलाएँ:
- कार्यदिवस: दो से तीन घंटे (अखबार और एक विषय);
- सप्ताहांत: छह से आठ घंटे (गहराई, टेस्ट, लेखन);
- हो सके तो प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा से पहले छुट्टी लें।
5 × 2.5 घंटे और 2 × 7 घंटे वाले कामकाजी सप्ताह में 12.5 + 14 = 26.5 घंटे बनते हैं, जो पूर्णकालिक बजट के आधे से थोड़ा ज़्यादा है। इसीलिए समय-सीमा लगभग दोगुनी हो जाती है। कामकाजी अभ्यर्थियों के लिए हमारी मार्गदर्शिका देखें।
जाँच-बिंदु
| कब | जाँच |
|---|---|
| महीना 3 | क्या आप बिना नोट्स के संविधान की मुख्य विशेषताएँ और बिहार का भौतिक स्वरूप समझा सकते हैं? |
| महीना 6 | क्या आपने 50 उत्तर और 3 निबंध लिख लिए हैं? |
| महीना 9 | क्या खंडवार टेस्ट के अंक सुधर रहे हैं? |
| महीना 11 | क्या पूरे मॉक टेस्ट के अंक संभावित कट-ऑफ (cut-off) से ऊपर स्थिर हैं? |
अगर कोई जाँच-बिंदु विफल हो, तो केवल घंटे नहीं, तरीका बदलें। उत्तर लेखन में पीछे हैं? पढ़ने का समय घटाएँ, लिखने का नहीं। मॉक टेस्ट के अंक नहीं बढ़ रहे? नए टेस्ट से ज़्यादा समय विश्लेषण को दें।
खुद को जाँचें
- कौन-से प्रश्नपत्र आपकी लिखित मेरिट तय करते हैं?
- उत्तर लेखन किस महीने से शुरू होना चाहिए?
- एक कामकाजी अभ्यर्थी पाँच कार्यदिवसों में रोज़ 2 घंटे और सप्ताहांत के हर दिन 8 घंटे पढ़ते हैं। साप्ताहिक कुल कितना है?
उत्तर:
- GS I, GS II और निबंध, कुल 900 अंक।
- चौथे महीने से, सप्ताह में तीन से चार उत्तर।
- 5 × 2 + 2 × 8 = 10 + 16 = 26 घंटे।
आगे क्या करें
- प्रारंभिक परीक्षा की संभावित तिथि पता करें और अपने कैलेंडर पर "महीना 1" लिखें।
- साप्ताहिक घंटों का बजट उतारें और उसे अपने वास्तविक घंटों के अनुसार बदलें।
- केवल महीने 1–3 की पुस्तकें खरीदें या उधार लें; बाकी अभी इकट्ठा न करें।
- रविवार को 15 मिनट की समीक्षा का समय तय करें।
- चारों जाँच-बिंदु अभी अपने कैलेंडर पर चिह्नित करें।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Bihar Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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