इस गाइड में
UPPSC के ज़्यादातर परीक्षा कक्षों में अधिकांश उत्तर पुस्तिकाएँ हिंदी में लिखी जाती हैं। इनसे कम अंग्रेज़ी में होती हैं, और कुछ उर्दू में। अभ्यर्थी अक्सर पूछते हैं कि किस माध्यम में "अंक ज़्यादा आते हैं"। ईमानदार उत्तर यह है: आयोग विषय-वस्तु, ढाँचे और स्पष्टता का मूल्यांकन करता है, भाषा का नहीं। सबसे अच्छा माध्यम वही है जिसमें आप सबसे स्पष्ट और सबसे तेज़ लिखते हैं।
नियम क्या अनुमति देते हैं
- मुख्य परीक्षा (Mains) के उत्तर हिंदी, अंग्रेज़ी या उर्दू में लिखे जा सकते हैं, जैसा अधिसूचना (notification) में अनुमति हो।
- सामान्य हिंदी का प्रश्नपत्र (paper) सभी के लिए अनिवार्य है और मेरिट (merit) में गिना जाता है।
- माध्यम घोषित करने और पूरी परीक्षा में एक ही माध्यम रखने के नियम अधिसूचना में देखें।
निर्णय कैसे लें
| पहलू | प्रश्न |
|---|---|
| स्कूली शिक्षा | स्कूल और कॉलेज में आपने किस भाषा में पढ़ाई की? |
| गति | किस भाषा में आप 7–8 मिनट में 150–200 शब्द लिख सकते हैं? |
| शब्दावली | GS के शब्द आप किस भाषा में जानते हैं? |
| स्रोत | आपकी किताबें और अख़बार किस भाषा में हैं? |
| सहजता | सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर आप स्वाभाविक रूप से किस भाषा में सोचते हैं? |
जाँच का तरीका: एक ही उत्तर दोनों भाषाओं में समय बाँधकर लिखें। विषय-वस्तु की पूर्णता, स्पष्टता और गति की तुलना करें।
व्यवहार में यह जाँच आम तौर पर ऐसे होती है। 150 शब्दों वाला कोई GS प्रश्न लें — जैसे, "पूर्वी उत्तर प्रदेश में बाढ़ के कारणों की विवेचना कीजिए।" सात मिनट का टाइमर लगाएँ और इसे हिंदी में लिखें। अगले दिन यही प्रश्न अंग्रेज़ी में लिखें। फिर दोनों उत्तर साथ रखकर देखें, या किसी मित्र या मार्गदर्शक से दिखवाएँ। किसमें अधिक बिंदु आए? कौन-सा अधिक स्वाभाविक लगता है? कौन-सा आपने समय रहते पूरा किया? अलग-अलग प्रश्नपत्रों के दो-तीन और प्रश्नों के साथ यही दोहराएँ। एक सप्ताह के भीतर उत्तर आम तौर पर साफ़ हो जाता है — और अक्सर वह नहीं होता जिसकी अभ्यर्थियों को उम्मीद थी।
कुछ अभ्यर्थी पाते हैं कि वे पढ़ते अंग्रेज़ी में हैं, पर सोचते और लिखते हिंदी में ज़्यादा तेज़ हैं। कुछ को इसका उल्टा अनुभव होता है। कुछ सचमुच दोनों में बराबर होते हैं; उनके लिए स्रोतों की उपलब्धता और UPSC से मेल (अगर वे वह परीक्षा भी दे रहे हैं) निर्णय कर सकते हैं।
इन भ्रमों को छोड़ दें
- "परीक्षक अंग्रेज़ी को पसंद करते हैं।" इसका कोई भरोसेमंद प्रमाण नहीं है।
- "हिंदी में अच्छे उत्तर लिखना आसान है।" तभी, जब आपकी हिंदी मज़बूत और सटीक हो।
- "तकनीकी विषयों के लिए अंग्रेज़ी में जाना ही पड़ता है।" हिंदी में मानक तकनीकी शब्द मौजूद हैं; उन्हें सीखें।
अगर आप हिंदी में लिखते हैं
ताकत: उत्तर प्रदेश के अधिकांश अभ्यर्थियों के लिए स्वाभाविक अभिव्यक्ति; सामान्य हिंदी और निबंध प्रश्नपत्रों से मेल; उत्तर प्रदेश के कई स्रोत हिंदी में।
इनसे सावधान रहें:
- तकनीकी शब्द — NCERT के हिंदी संस्करणों और सरकारी दस्तावेज़ों की मदद से एक शब्दावली बनाएँ।
- वर्तनी और व्याकरण — गलतियाँ ध्यान भटकाती हैं (सामान्य हिंदी पर हमारी गाइड देखें)।
- अत्यधिक संस्कृतनिष्ठ भाषा — भाषा स्पष्ट रखें।
- अंग्रेज़ी शब्दों की मिलावट — हिंदी शब्दों का लगातार प्रयोग करें, सिवाय वहाँ के जहाँ अंग्रेज़ी शब्द ही मानक है (जैसे GST)।
अगर आप अंग्रेज़ी में लिखते हैं
ताकत: मानक पुस्तकों, रिपोर्टों और राष्ट्रीय अख़बारों तक व्यापक पहुँच; UPSC से मेल।
इनसे सावधान रहें:
- उत्तर प्रदेश से जुड़े शब्द — उत्तर प्रदेश के कई स्रोत हिंदी में हैं; नोट्स अंग्रेज़ी में बनाएँ।
- व्याकरण — वाक्य छोटे रखें।
- सामान्य हिंदी — इस 150 अंकों के प्रश्नपत्र में आपको फिर भी अच्छे अंक चाहिए।
द्विभाषी शब्दावली बनाएँ
| अंग्रेज़ी | हिंदी |
|---|---|
| Federalism | संघवाद |
| Fiscal deficit | राजकोषीय घाटा |
| Gross State Domestic Product | सकल राज्य घरेलू उत्पाद |
| Inclusive growth | समावेशी विकास |
| Good governance | सुशासन |
| Accountability | जवाबदेही |
| Transparency | पारदर्शिता |
| Empathy | समानुभूति |
| Integrity | सत्यनिष्ठा |
| Disaster management | आपदा प्रबंधन |
| Groundwater | भूजल |
| Industrial corridor | औद्योगिक गलियारा |
हर सप्ताह पाँच शब्द जोड़ें।
मज़बूत हिंदी उत्तर कैसा दिखता है
हिंदी माध्यम के कई उत्तर इसलिए अंक नहीं गँवाते कि विषय-वस्तु कमज़ोर है, बल्कि इसलिए कि भाषा भटकती है। हिंदी में मज़बूत उत्तर किसी अच्छी सरकारी टिप्पणी जैसा पढ़ा जाता है: छोटे वाक्य, मानक शब्द, और कोई सजावट नहीं। भूजल पर एक प्रश्न के दो आरंभ देखिए:
- कमज़ोर: प्राचीन काल से मानव सभ्यता में जल के महत्व पर एक लंबा वाक्य, कई संस्कृत उद्धरणों के साथ।
- मज़बूत: "उत्तर प्रदेश में सिंचाई का सबसे बड़ा स्रोत भूजल है, किंतु पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के अनेक विकासखंडों में जल-स्तर तेजी से गिर रहा है।"
दूसरा आरंभ सीधा है, मानक शब्दों (भूजल, विकासखंड, जल-स्तर) का प्रयोग करता है, और परीक्षक को तुरंत बता देता है कि अभ्यर्थी मुद्दे को समझते हैं। यही सिद्धांत अंग्रेज़ी पर भी लागू होता है: पहले वाक्य में ही मुद्दे पर आएँ।
प्रस्तुति के सुझाव
- छोटे अनुच्छेद; स्पष्ट उपशीर्षक।
- साफ़ लिखावट; एक-सी दूरी।
- मुख्य शब्दों को कम ही रेखांकित करें।
- सरल आरेख और मानचित्र।
जल्दी निर्णय लें
पहले दो महीनों के भीतर अपना माध्यम चुन लें, और उसी पर टिके रहें। देर से माध्यम बदलने पर गति और निरंतरता, दोनों का नुकसान होता है।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Uttar Pradesh Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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