इस गाइड में
अगर आप BPSC की तैयारी कर रहे हैं, तो आप उसी प्रशासन में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं जिसका वर्णन इस मार्गदर्शिका में है — अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) / वरीय उप समाहर्ता (Senior Deputy Collector), पुलिस उपाधीक्षक (DSP), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), राजस्व अधिकारी या किसी अन्य अधिकारी के रूप में। बिहार सरकार की संरचना समझना सामान्य अध्ययन (General Studies, GS) के प्रश्नपत्र (paper) में काम आता है, और उतना ही साक्षात्कार (interview) में भी, जहाँ आपसे पूछा जा सकता है कि आपका चुना हुआ पद वास्तव में क्या काम करता है।
संवैधानिक ढाँचा
दूसरे राज्यों की तरह बिहार का शासन भी संविधान के भाग 6 (अनुच्छेद 152–237) के तहत चलता है।
राज्यपाल
- राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त (अनुच्छेद 155); राज्य का संवैधानिक प्रमुख।
- मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह (aid and advice) पर काम करता है, सिवाय उन मामलों के जहाँ संविधान विवेकाधिकार देता है।
- मुख्यमंत्री, महाधिवक्ता (Advocate General), राज्य निर्वाचन आयुक्त (State Election Commissioner) और BPSC के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति करता है।
- राज्य के विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति (Chancellor) होता है (राज्य के विश्वविद्यालय कानूनों के तहत)।
- आधिकारिक निवास पटना में है, जो लंबे समय तक राजभवन कहलाया और दिसंबर 2025 में इसका नाम लोक भवन कर दिया गया।
मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करता है — सामान्यतः विधान सभा में बहुमत दल के नेता की।
- मंत्रिपरिषद विधान सभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है।
- इसका आकार विधान सभा की सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता (91वाँ संशोधन, 2003)। 243 सदस्यों के साथ बिहार में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 36 मंत्री हो सकते हैं।
विधानमंडल
बिहार का विधानमंडल द्विसदनीय (bicameral) है:
- विधान सभा (Legislative Assembly) — 243 सदस्य;
- विधान परिषद (Legislative Council) — 75 सदस्य।
बिहार विधानमंडल पर हमारी मार्गदर्शिका देखें।
सचिवालय
- राज्य का प्रशासनिक मुख्यालय पटना स्थित सचिवालय है (पुराना सचिवालय एक धरोहर भवन है; विभाग मुख्य सचिवालय और दूसरे भवनों से भी काम करते हैं)।
- हर विभाग का राजनीतिक प्रमुख एक मंत्री होता है और प्रशासनिक प्रमुख एक अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव या सचिव।
- मुख्य सचिव (Chief Secretary) सबसे वरिष्ठ सिविल सेवक और राज्य प्रशासन के प्रमुख होते हैं।
- पुलिस महानिदेशक (Director General of Police, DGP) राज्य पुलिस के प्रमुख होते हैं।
क्षेत्रीय प्रशासन
| स्तर | बिहार में इकाइयाँ | प्रमुख |
|---|---|---|
| प्रमंडल (Division) | 9 (पटना, तिरहुत, सारण, दरभंगा, कोसी, पूर्णिया, भागलपुर, मुंगेर, मगध) | प्रमंडलीय आयुक्त (Divisional Commissioner) |
| जिला | 38 | जिला पदाधिकारी (DM) एवं समाहर्ता (Collector) |
| अनुमंडल (Sub-division) | लगभग 100 | अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) |
| प्रखंड (Block) | लगभग 530 | प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) |
| अंचल (Circle) | सामान्यतः प्रखंड के साथ सह-सीमावर्ती | अंचल अधिकारी (CO) — राजस्व |
| गाँव / पंचायत | — | राजस्व कर्मी (जैसे राजस्व कर्मचारी); पंचायत सचिव |
जिला पदाधिकारी
- राजस्व — भूमि अभिलेख, वसूली, भूमि अधिग्रहण;
- विधि-व्यवस्था — जिला दंडाधिकारी के रूप में, पुलिस अधीक्षक के साथ;
- चुनाव — जिला निर्वाचन पदाधिकारी;
- आपदा प्रबंधन — जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष;
- विकास — योजनाओं का समन्वय।
जिले के अन्य पदाधिकारी
| पदाधिकारी | भूमिका |
|---|---|
| पुलिस अधीक्षक (SP) | जिले में पुलिस प्रशासन |
| उप विकास आयुक्त (DDC) | विकास कार्य; सामान्यतः जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) |
| अपर समाहर्ता / ADM | जिला पदाधिकारी की सहायता |
| सिविल सर्जन | जिले की स्वास्थ्य सेवाएँ |
| जिला शिक्षा पदाधिकारी | शिक्षा |
अनुमंडल, प्रखंड और अंचल
- अनुमंडल पदाधिकारी — एक वरिष्ठ अधिकारी (प्रायः बिहार प्रशासनिक सेवा से, जिसके पद BPSC के माध्यम से भरे जाते हैं) — अनुमंडल का प्रमुख होता है, जिसके पास दंडाधिकारी और राजस्व संबंधी शक्तियाँ होती हैं।
- प्रखंड विकास पदाधिकारी — प्रखंड प्रशासन का प्रमुख होता है और ग्रामीण विकास की योजनाओं का समन्वय करता है।
- अंचल अधिकारी — अंचल स्तर पर भूमि अभिलेख, नामांतरण (दाखिल-खारिज, mutation), भूमि विवाद और प्रमाणपत्रों का काम देखता है।
पुलिस
| स्तर | अधिकारी |
|---|---|
| राज्य | पुलिस महानिदेशक (DGP) |
| क्षेत्र / रेंज | पुलिस महानिरीक्षक (IG) / पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) |
| जिला | पुलिस अधीक्षक (SP) (कुछ जिलों में वरीय पुलिस अधीक्षक, SSP) |
| अनुमंडल | पुलिस उपाधीक्षक (DSP) / अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) |
| थाना | निरीक्षक / अवर निरीक्षक |
न्यायपालिका
- पटना उच्च न्यायालय, जिसकी स्थापना 1916 में हुई, बिहार का उच्च न्यायालय है।
- हर जिले में जिला एवं सत्र न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालय।
- बिहार की अपनी विशेषता: ग्राम कचहरी — पंचायती राज व्यवस्था के तहत गाँव की अदालतें, जिनका प्रमुख सरपंच होता है और जिन्हें छोटे दीवानी और फ़ौजदारी विवाद निपटाने की शक्ति है (बिहार में पंचायती राज पर हमारी मार्गदर्शिका देखें)।
अन्य संस्थाएँ
| संस्था | आधार |
|---|---|
| बिहार लोक सेवा आयोग | अनुच्छेद 315 |
| बिहार कर्मचारी चयन आयोग | राज्य का कानून |
| महाधिवक्ता | अनुच्छेद 165 |
| राज्य निर्वाचन आयोग | अनुच्छेद 243ट (243K), 243यक (243ZA) |
| राज्य वित्त आयोग | अनुच्छेद 243झ (243I) |
| लोकायुक्त | राज्य का कानून (हमारी मार्गदर्शिका देखें) |
| राज्य मानवाधिकार आयोग, राज्य सूचना आयोग, राज्य महिला आयोग | वैधानिक |
संसद में प्रतिनिधित्व
- लोक सभा: 40 सीटें।
- राज्य सभा: 16 सीटें।
अभ्यास
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) शैली के प्रश्न:
- बिहार में कितने प्रमंडल और कितने जिले हैं?
- बिहार की मंत्रिपरिषद का अधिकतम आकार कितना हो सकता है?
- पटना उच्च न्यायालय की स्थापना कब हुई?
- बिहार में जिला परिषद का मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) सामान्यतः कौन होता है?
- ग्राम कचहरी क्या है?
मुख्य परीक्षा (Mains) शैली के प्रश्न:
- "जिला पदाधिकारी आज भी बिहार के जिला प्रशासन की धुरी है।" विवेचना कीजिए।
- भूमि प्रशासन में अंचल अधिकारी की भूमिका और उससे जुड़ी चुनौतियों का परीक्षण कीजिए।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Bihar Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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