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बीस वर्ष पहले जोधपुर के उत्तर-पश्चिम में मरुस्थल में बसा भड़ला मुख्य रूप से अपनी रेत, गर्मी और धूल भरी आँधियों के लिए जाना जाता था। आज यहाँ दुनिया के सबसे बड़े सौर पार्कों में से एक है, जिसमें सौर पैनलों की कतारें दसियों वर्ग किलोमीटर तक फैली हैं। भड़ला एक उल्लेखनीय बदलाव का प्रतीक है: जो राजस्थान कभी बिजली के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर था, वह आज सौर ऊर्जा में भारत का अग्रणी राज्य है, और स्वच्छ ऊर्जा की ओर देश के संक्रमण में सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक।
राजस्थान सौर और पवन ऊर्जा के लिए आदर्श क्यों है
| कारक | व्याख्या |
|---|---|
| सौर विकिरण | देश में सबसे अधिक में से; वर्ष में बहुत-से साफ़, धूप वाले दिन |
| भूमि | पश्चिम में बंजर या कम उत्पादकता वाली भूमि के बड़े भू-भाग |
| कम वर्षा और बादल | उत्पादन में कम रुकावट |
| पवन | जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर के कुछ भागों में तेज़ हवाएँ |
सौर ऊर्जा
- भारत के सभी राज्यों में सबसे अधिक स्थापित सौर क्षमता राजस्थान में है।
- भड़ला सौर पार्क (फलोदी क्षेत्र में, जो पहले जोधपुर ज़िले का भाग था) — 2,000 MW से अधिक क्षमता के साथ — दुनिया के सबसे बड़े सौर पार्कों में से है।
- अन्य प्रमुख सौर क्षेत्र: जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर और फलोदी।
- छत पर सौर (rooftop solar) और सौर पंप (PM-KUSUM के अंतर्गत) घरों और किसानों के बीच फैल रहे हैं।
पवन ऊर्जा
- प्रमुख पवन क्षेत्र: जैसलमेर (बड़ा बाग स्थित जैसलमेर पवन पार्क सहित), बाड़मेर, जोधपुर, प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़।
- भूमि और पारेषण लाइनों के बेहतर उपयोग के लिए हाइब्रिड सौर–पवन परियोजनाएँ विकसित की जा रही हैं।
परंपरागत बिजली
ताप (कोयला)
| संयंत्र | ज़िला |
|---|---|
| सूरतगढ़ (सुपरक्रिटिकल इकाइयों सहित) | श्रीगंगानगर |
| कोटा | कोटा |
| छबड़ा | बारां |
| कालीसिंध | झालावाड़ |
लिग्नाइट
| संयंत्र | ज़िला |
|---|---|
| गिरल | बाड़मेर |
| जालीपा–कपूरडी (राजवेस्ट) | बाड़मेर |
| बरसिंगसर (NLC) | बीकानेर |
गैस
| संयंत्र | ज़िला |
|---|---|
| धौलपुर | धौलपुर |
| रामगढ़ | जैसलमेर (स्थानीय प्राकृतिक गैस से) |
परमाणु ऊर्जा
- रावतभाटा (चित्तौड़गढ़) में, चंबल पर राणा प्रताप सागर के पास, राजस्थान परमाणु बिजलीघर (RAPS) स्थित है।
- इसकी पहली इकाई (1970 का दशक) कनाडा के सहयोग से बनी; बाद की इकाइयाँ स्वदेशी दाबित भारी जल रिएक्टर (PHWR) हैं, जिनमें नई 700 MW की इकाइयाँ भी शामिल हैं।
- माही बाँसवाड़ा में भी एक परमाणु बिजली परियोजना प्रस्तावित है।
जलविद्युत
नदियों की कमी के कारण सीमित:
- चंबल परियोजनाएँ — गांधी सागर (मध्य प्रदेश), राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर;
- माही बजाज सागर (बाँसवाड़ा)।
ग्रीन हाइड्रोजन और नई ऊर्जा
- राजस्थान ने सौर और पवन बिजली से हाइड्रोजन बनाने वाली परियोजनाओं को आकर्षित करने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन नीति (2023) जारी की।
- परिवर्तनशील नवीकरणीय बिजली को संतुलित करने के लिए बैटरी भंडारण और पंप्ड स्टोरेज की योजना बन रही है।
- राज्य की क्रमिक नवीकरणीय ऊर्जा / स्वच्छ ऊर्जा नीतियों ने 2030 के लिए महत्वाकांक्षी क्षमता लक्ष्य तय किए हैं।
चुनौतियाँ
| चुनौती | व्याख्या |
|---|---|
| पारेषण (transmission) | मरुस्थल में बनी बिजली को दूर के उपभोक्ताओं तक पहुँचाना होता है; हरित ऊर्जा गलियारे (green energy corridors) बनाए जा रहे हैं |
| गोडावण (Great Indian Bustard) | ऊपर से गुज़रती बिजली लाइनों से टकराकर ये गंभीर रूप से संकटग्रस्त पक्षी मारे जाते हैं; उच्चतम न्यायालय ने प्राथमिकता वाले आवासों में लाइनों को भूमिगत करने और पक्षी-विचलक (bird diverters) लगाने पर निर्देश दिए हैं, ताकि संरक्षण और ऊर्जा ज़रूरतों में संतुलन रहे |
| भूमि | स्थानीय समुदायों द्वारा उपयोग की जाने वाली चरागाह भूमि (ओरण — पवित्र उपवन — और गोचर) को लेकर टकराव |
| जल | जल-संकट वाले क्षेत्र में सौर पैनलों की सफ़ाई में पानी लगता है |
| डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति | विद्युत वितरण कंपनियों के घाटे; कृषि के लिए रियायती बिजली |
| स्थानीय लाभ | यह सुनिश्चित करना कि रोज़गार और राजस्व मरुस्थल के समुदायों तक पहुँचे |
अभ्यास
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) शैली:
- भड़ला सौर पार्क कहाँ है?
- राजस्थान का परमाणु बिजलीघर कहाँ है?
- राजस्थान के दो लिग्नाइट-आधारित बिजलीघरों के नाम बताइए।
- थार में बिजली लाइनों से कौन-सा संकटग्रस्त पक्षी ख़तरे में है?
- रामगढ़ गैस-आधारित बिजलीघर कहाँ है?
मुख्य परीक्षा (Mains) शैली (50 शब्द): पश्चिमी राजस्थान सौर ऊर्जा के लिए उपयुक्त क्यों है?
मुख्य परीक्षा शैली (100 शब्द): "राजस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा की वृद्धि को पारिस्थितिक चिंताओं के साथ संतुलित करना होगा।" विवेचना कीजिए।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Rajasthan Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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