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उदयपुर के पास ज़ावर में पुरातत्वविदों को जस्ता गलाने के ऐसे प्रमाण मिले हैं जो एक हज़ार वर्ष से भी काफ़ी पुराने हैं — धात्विक जस्ता बनाने वाले दुनिया के शुरुआती स्थानों में भारत भी था। आज वही क्षेत्र भारत के जस्ता उद्योग का केंद्र है। राजस्थान की प्राचीन चट्टानों में, विशेषकर अरावली में, खनिजों की असाधारण विविधता है, इसीलिए राज्य को "खनिजों का अजायबघर (museum of minerals)" कहा जाता है। RAS के लिए खनिज विषय भूगोल (कहाँ), अर्थव्यवस्था (उत्पादन और राजस्व) और पर्यावरण (खनन की क़ीमत) — तीनों को जोड़ता है।
राजस्थान खनिजों में समृद्ध क्यों है
अरावली और उससे जुड़ी शैल संरचनाएँ भारत की सबसे पुरानी संरचनाओं में से हैं। अरबों वर्षों में भूगर्भीय प्रक्रियाओं ने इन चट्टानों में धातुओं और अधात्विक खनिजों को संकेंद्रित किया। पश्चिम की मरुस्थलीय द्रोणियों (basins) में लिग्नाइट, जिप्सम और पेट्रोलियम मिलते हैं।
धात्विक खनिज
| खनिज | मुख्य क्षेत्र | टिप्पणी |
|---|---|---|
| सीसा और जस्ता | ज़ावर (उदयपुर), रामपुरा-आगूचा (भीलवाड़ा), राजपुरा-दरीबा (राजसमंद), सिंदेसर खुर्द | देश का लगभग सारा सीसा और जस्ता राजस्थान में पैदा होता है; रामपुरा-आगूचा दुनिया की सबसे बड़ी जस्ता खानों में से है; प्रगालक (smelters) चंदेरिया (चित्तौड़गढ़) और देबारी (उदयपुर) में |
| ताँबा | खेतड़ी–कोलिहान पट्टी (झुंझुनूँ), खो-दरीबा (अलवर) | हिंदुस्तान कॉपर का खेतड़ी परिसर |
| चाँदी | सीसा-जस्ता अयस्कों का उप-उत्पाद | राजस्थान देश का सबसे बड़ा चाँदी उत्पादक है |
| टंगस्टन | डेगाना (नागौर) | भारत के गिने-चुने टंगस्टन भंडारों में से एक |
| लौह अयस्क | मोरीजा (जयपुर), नीमला, डाबला | छोटे भंडार |
| मैंगनीज़ | बाँसवाड़ा | छोटे भंडार |
अधात्विक खनिज
| खनिज | मुख्य क्षेत्र | टिप्पणी |
|---|---|---|
| रॉक फॉस्फेट | झामरकोटड़ा (उदयपुर), बिरमानिया (जैसलमेर) | उर्वरक का कच्चा माल; राजस्थान प्रमुख उत्पादक है |
| जिप्सम | बीकानेर, नागौर, हनुमानगढ़, बाड़मेर, जैसलमेर | देश के जिप्सम का अधिकांश भाग राजस्थान में; सीमेंट, उर्वरक और क्षारीय मिट्टी के सुधार में उपयोग |
| वोलस्टोनाइट | सिरोही, डूंगरपुर | भारत में राजस्थान लगभग एकमात्र उत्पादक है |
| संगमरमर | मकराना (डीडवाना-कुचामन), राजसमंद, उदयपुर, बाँसवाड़ा (हरा संगमरमर), जैसलमेर (पीला) | ताजमहल में मकराना का सफ़ेद संगमरमर लगा है |
| चूना पत्थर | चित्तौड़गढ़, जैसलमेर, नागौर, सिरोही, कोटा (कोटा स्टोन) | सीमेंट उद्योग — चित्तौड़गढ़, निम्बाहेड़ा, ब्यावर और अन्य स्थानों पर बड़े सीमेंट संयंत्र |
| बलुआ पत्थर | धौलपुर, करौली, भरतपुर, कोटा, जोधपुर | धौलपुर का लाल बलुआ पत्थर दिल्ली के भवनों में लगा है |
| ग्रेनाइट | जालोर, बाड़मेर, सिरोही | जालोर ग्रेनाइट का केंद्र है |
| अभ्रक | भीलवाड़ा, अजमेर | महत्व घट गया है |
| फेल्सपार, क्वार्ट्ज़, सेलखड़ी (soapstone), फ्लोराइट, एस्बेस्टस, बॉल क्ले, मुल्तानी मिट्टी (fuller's earth) | विभिन्न क्षेत्र | औद्योगिक खनिज |
ईंधन खनिज
| खनिज | क्षेत्र | टिप्पणी |
|---|---|---|
| लिग्नाइट | बाड़मेर, बीकानेर (पलाना, बरसिंगसर), नागौर | ताप विद्युत संयंत्रों में उपयोग |
| पेट्रोलियम | बाड़मेर बेसिन — मंगला, भाग्यम, ऐश्वर्या और अन्य क्षेत्र | 2000 के दशक की शुरुआत में केयर्न (Cairn) ने खोजे; भारत के सबसे महत्वपूर्ण स्थलीय (onshore) तेल क्षेत्रों में से; पचपदरा (बालोतरा) में रिफ़ाइनरी-सह-पेट्रोरसायन परिसर बन रहा है |
| प्राकृतिक गैस | जैसलमेर बेसिन (मनिहारी टिब्बा, तनोट) | बिजली उत्पादन में उपयोग |
आर्थिक महत्व
- खनिज राज्य के राजस्व (रॉयल्टी) और रोज़गार का बड़ा स्रोत हैं।
- ये कई उद्योगों को आधार देते हैं: सीमेंट, जस्ता और सीसा प्रगलन, संगमरमर और ग्रेनाइट प्रसंस्करण, उर्वरक, सिरेमिक और काँच।
- राजस्थान खनिज नीति (राज्य समय-समय पर नई नीतियाँ जारी करता रहा है) का लक्ष्य अन्वेषण, मूल्य-वर्धन, पारदर्शिता (खानों की नीलामी) और पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों को बढ़ावा देना है।
- हर खनन ज़िले में ज़िला खनिज फ़ाउंडेशन (District Mineral Foundation) खनन राजस्व का एक हिस्सा स्थानीय विकास पर ख़र्च करता है।
खनन से जुड़े मुद्दे
| मुद्दा | व्याख्या |
|---|---|
| अवैध खनन | विशेषकर बलुआ पत्थर, संगमरमर और बजरी का; राजस्व की हानि और पर्यावरण को नुक़सान |
| पर्यावरणीय क्षति | अरावली की पहाड़ियों का विनाश, वनों की कटाई, धूल, भूजल का घटना |
| सिलिकोसिस | बलुआ पत्थर और पत्थर की खदानों के श्रमिकों में फेफड़ों का गंभीर रोग; राजस्थान ने मुआवज़े और पुनर्वास के लिए सिलिकोसिस नीति (2019) लागू की |
| विस्थापन | स्थानीय समुदायों की ज़मीन और आजीविका छिनना |
| श्रमिक सुरक्षा | अनौपचारिक, असुरक्षित कार्य परिस्थितियाँ |
अभ्यास
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) शैली:
- राजस्थान को "खनिजों का अजायबघर" क्यों कहा जाता है?
- राजस्थान की मुख्य जस्ता खानें कहाँ हैं?
- राजस्थान में टंगस्टन कहाँ मिलता है?
- भारत में राजस्थान किस खनिज का लगभग एकमात्र उत्पादक है?
- बाड़मेर बेसिन में कौन-से तेल क्षेत्र हैं?
मुख्य परीक्षा (Mains) शैली (50 शब्द): सिलिकोसिस क्या है, और यह राजस्थान में चिंता का विषय क्यों है?
मुख्य परीक्षा शैली (100 शब्द): राजस्थान में खनिजों के आर्थिक महत्व और टिकाऊ खनन की चुनौतियों की विवेचना कीजिए।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Rajasthan Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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