इस गाइड में
2000 में जब बिहार का विभाजन हुआ, तो इसके अधिकांश वन झारखंड में चले गए। जो बिहार बचा, वह भारत के सबसे कम वन वाले बड़े राज्यों में है — घना बसा, खेती वाला मैदान, जहाँ वन मुख्यतः किनारों तक सिमटे हैं। फिर भी यहाँ एक टाइगर रिज़र्व (tiger reserve, बाघ अभयारण्य) है, गंगा डॉल्फ़िन के लिए भारत का एकमात्र अभयारण्य है, महत्वपूर्ण पक्षी अभयारण्य हैं, और देश के सबसे महत्वाकांक्षी वृक्षारोपण कार्यक्रमों में से एक है।
वन आवरण
- भारत वन स्थिति रिपोर्ट (India State of Forest Report, ISFR) के अनुसार, बिहार का दर्ज वन और वृक्ष आवरण उसके क्षेत्रफल के अनुपात में कम है — राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे, और राष्ट्रीय वन नीति के 33 प्रतिशत के लक्ष्य से बहुत नीचे।
- वन इन क्षेत्रों में केंद्रित हैं:
- पश्चिम चंपारण (वाल्मीकि, शिवालिक की तलहटी में);
- कैमूर और रोहतास (कैमूर पठार);
- गया, नवादा, जमुई, मुंगेर और बांका (दक्षिणी किनारे की पहाड़ियाँ)।
वनों के प्रकार
| प्रकार | कहाँ | प्रजातियाँ |
|---|---|---|
| उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती (tropical moist deciduous) | वाल्मीकि (पश्चिम चंपारण) | साल, शीशम, खैर, सेमल |
| उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती (tropical dry deciduous) | कैमूर, रोहतास, गया, जमुई, मुंगेर, बांका | साल, महुआ, तेंदू, पलाश, बाँस |
| नदी तटीय वन और घास के मैदान | नदियों के किनारे; तराई | घासें, खैर, शीशम |
वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व और राष्ट्रीय उद्यान
- पश्चिम चंपारण में स्थित, जिसकी सीमा नेपाल के चितवन राष्ट्रीय उद्यान और उत्तर प्रदेश के सोहगी बरवा अभयारण्य से लगती है।
- 1990 में टाइगर रिज़र्व घोषित (बाघ परियोजना, यानी Project Tiger, के 1989–90 के चरण में)।
- इसमें वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान शामिल है — बिहार का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान।
- इसका नाम ऋषि वाल्मीकि के नाम पर है; इस क्षेत्र का संबंध रामायण परंपरा से जोड़ा जाता है।
- हाल की अखिल भारतीय बाघ आकलन (All-India Tiger Estimation) रिपोर्टों में बाघों की संख्या बढ़ी है।
- चितवन के साथ बाघों, गैंडों और हाथियों की सीमा-पार आवाजाही के कारण भारत–नेपाल सहयोग महत्वपूर्ण है।
कैमूर क्षेत्र में दूसरे टाइगर रिज़र्व पर विचार होता रहा है; इसकी वर्तमान स्थिति राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की वेबसाइट पर जाँचें।
वन्यजीव और पक्षी अभयारण्य (चुने हुए)
| अभयारण्य | ज़िला | टिप्पणी |
|---|---|---|
| कैमूर वन्यजीव अभयारण्य | कैमूर, रोहतास | बिहार का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य; पठारी वन; जलप्रपात |
| भीमबांध | मुंगेर | गर्म जलस्रोत; वन |
| गौतम बुद्ध | गया | वनाच्छादित पहाड़ियाँ |
| राजगीर (पंत) | नालंदा | राजगीर के आसपास की पहाड़ियाँ |
| उदयपुर | पश्चिम चंपारण | एक झील के आसपास |
| विक्रमशिला गंगा डॉल्फ़िन अभयारण्य | भागलपुर | भारत का एकमात्र डॉल्फ़िन अभयारण्य (सुल्तानगंज से कहलगाँव तक) |
| कांवर झील पक्षी अभयारण्य | बेगूसराय | बड़ी मीठे पानी की आर्द्रभूमि; रामसर स्थल |
| सलीम अली जुब्बा सहनी पक्षी अभयारण्य (बरैला) | वैशाली | आर्द्रभूमि के पक्षी |
| कुशेश्वर स्थान | दरभंगा | आर्द्रभूमि के पक्षी |
| नागी और नकटी बाँध | जमुई | पक्षी अभयारण्य; रामसर स्थल |
गंगा डॉल्फ़िन
- भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव (national aquatic animal), 2009 में घोषित।
- लगभग दृष्टिहीन; प्रतिध्वनि-निर्धारण (echolocation) का प्रयोग करती है।
- खतरे: प्रदूषण, बाँध और बराज, मछली पकड़ने के जाल, बालू खनन, नावों की आवाजाही।
- प्रोजेक्ट डॉल्फ़िन (2020 में घोषित) और पटना स्थित राष्ट्रीय डॉल्फ़िन अनुसंधान केंद्र संरक्षण में सहायता करते हैं।
बिहार के राजकीय प्रतीक
| प्रतीक | प्रजाति |
|---|---|
| राजकीय पशु | गौर (भारतीय बाइसन) |
| राजकीय पक्षी | गौरैया (house sparrow) |
| राजकीय वृक्ष | पीपल |
| राजकीय पुष्प | गेंदा |
जल-जीवन-हरियाली अभियान
- राज्य सरकार ने इसे 2019 में शुरू किया, जो जल, जीवन और हरियाली को जोड़ता है।
- इसके घटकों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, तालाबों, कुओं और आहर–पईन का जीर्णोद्धार, वर्षा जल संचयन, चेक डैम, सौर ऊर्जा और जलवायु-अनुकूल कृषि शामिल हैं।
- बिहार ने हरित आवरण बढ़ाने के लिए बड़े वृक्षारोपण अभियान भी चलाए हैं।
संरक्षण की चुनौतियाँ
| चुनौती | व्याख्या |
|---|---|
| कम वन आवरण | घनी आबादी, खेती के लिए भूमि की माँग |
| मानव–वन्यजीव संघर्ष | वाल्मीकि के आसपास (बाघ, तेंदुए); नेपाल और झारखंड से आने वाले हाथी; पूरे मैदानी क्षेत्र में फसलें नष्ट करती नीलगाय (blue bull) |
| अवैध शिकार और अवैध कटाई | सीमावर्ती और पहाड़ी वनों में |
| नदियों का क्षरण | डॉल्फ़िन और आर्द्रभूमियों के लिए खतरा |
| खनन और पत्थर उत्खनन | दक्षिणी पहाड़ियों में |
| जलवायु परिवर्तन | बाढ़, गर्मी और सूखा पारिस्थितिक तंत्रों को प्रभावित करते हैं |
अभ्यास
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) शैली:
- बिहार का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान कौन-सा है?
- नेपाल का कौन-सा राष्ट्रीय उद्यान वाल्मीकि से सटा है?
- विक्रमशिला गंगा डॉल्फ़िन अभयारण्य कहाँ है?
- बिहार का राजकीय पशु और राजकीय पक्षी क्या हैं?
- जल-जीवन-हरियाली अभियान क्या है?
मुख्य परीक्षा शैली:
- "बिहार को खेती की ज़मीन घटाए बिना हरित आवरण बढ़ाना होगा।" रणनीतियों की चर्चा कीजिए।
- गंगा डॉल्फ़िन के सामने खतरों का परीक्षण कीजिए और संरक्षण के उपाय सुझाइए।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Bihar Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
अगली BPSC गाइड ईमेल पर पाएँ
हर हफ़्ते नई गाइड। कोई स्पैम नहीं, जब चाहें सदस्यता छोड़ें।