इस गाइड में
हर वर्ष 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश दिवस (UP Diwas) मनाता है — 1950 का वह दिन, जब संयुक्त प्रांत (United Provinces) का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश रखा गया। पर राज्य की कहानी इससे बहुत पहले शुरू हुई थी, जब ईस्ट इंडिया कंपनी ने धीरे-धीरे गंगा के मैदान में क्षेत्र हासिल किए। और यह कहानी इसके बहुत बाद तक चली, जब 2000 में इससे उत्तराखंड अलग किया गया। उत्तर प्रदेश ने आकार कैसे लिया, यह समझने से उसके आकार, उसके क्षेत्रों और उसकी संस्थाओं को समझने में मदद मिलती है।
कंपनी के अधिग्रहण
| वर्ष | क्षेत्र | कैसे |
|---|---|---|
| 1775 | बनारस क्षेत्र | अवध के नवाब ने सौंपा |
| 1801 | अर्पित प्रांत (Ceded Provinces) — रुहेलखंड, निचला दोआब, गोरखपुर | सहायक संधि के तहत अवध ने सौंपे |
| 1803 | विजित प्रांत (Conquered Provinces) — आगरा, दिल्ली क्षेत्र, ऊपरी दोआब | मराठों से जीते गए (दूसरा आंग्ल-मराठा युद्ध) |
| 1815–16 | कुमाऊँ और गढ़वाल (अब उत्तराखंड) | आंग्ल-नेपाल युद्ध |
पश्चिमोत्तर प्रांत
- 1834 में आगरा प्रेसीडेंसी का प्रस्ताव रखा गया; 1836 में इन क्षेत्रों को पश्चिमोत्तर प्रांत (North-Western Provinces — NWP) के रूप में संगठित किया गया, जिसका प्रमुख एक लेफ़्टिनेंट गवर्नर था और मुख्यालय आगरा में था।
- 1857 के बाद राजधानी इलाहाबाद चली गई (1858)।
अवध का विलय
- अवध (Oudh) का 1856 में विलय किया गया और लखनऊ से एक मुख्य आयुक्त (Chief Commissioner) उसका प्रशासन चलाता था।
- 1877 में पश्चिमोत्तर प्रांत के लेफ़्टिनेंट गवर्नर और अवध के मुख्य आयुक्त के पद मिला दिए गए — प्रांत का नाम पश्चिमोत्तर प्रांत और अवध हो गया।
संयुक्त प्रांत (1902)
- 1902 में प्रांत का नाम बदलकर आगरा और अवध का संयुक्त प्रांत (United Provinces of Agra and Oudh) रखा गया।
- 1921 में मॉन्टेग्यू–चेम्सफ़ोर्ड सुधारों के तहत लेफ़्टिनेंट गवर्नर का पद उन्नत करके इसे गवर्नर का प्रांत बना दिया गया।
- 1920 के दशक में राजधानी धीरे-धीरे इलाहाबाद से लखनऊ ले जाई गई (गवर्नर सर हारकोर्ट बटलर के समय में), हालाँकि उच्च न्यायालय इलाहाबाद में ही रहा।
- भारत सरकार अधिनियम, 1935 के तहत नाम छोटा करके संयुक्त प्रांत कर दिया गया (1937)।
उत्तर प्रदेश (1950)
- 24 जनवरी 1950 को संयुक्त प्रांत का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश ("उत्तरी प्रांत") रखा गया, और आद्याक्षर UP वही रहे।
- 1946 से प्रीमियर (प्रधानमंत्री) रहे गोविंद बल्लभ पंत पहले मुख्यमंत्री बने।
- उत्तर प्रदेश 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस मनाता है (आधिकारिक रूप से 2018 से, जब ODOP योजना भी शुरू की गई)।
उच्च न्यायालय
- पश्चिमोत्तर प्रांत का उच्च न्यायालय 1866 में आगरा में स्थापित हुआ और 1869 में इलाहाबाद ले जाया गया।
- लखनऊ के अवध चीफ़ कोर्ट (Chief Court of Oudh) का 1948 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विलय कर दिया गया। इसी कारण इलाहाबाद उच्च न्यायालय की एक लखनऊ खंडपीठ है।
- न्यायाधीशों की संख्या के हिसाब से यह भारत के सबसे बड़े उच्च न्यायालयों में से एक है।
उत्तराखंड का गठन (2000)
- गढ़वाल और कुमाऊँ के पर्वतीय क्षेत्र अपने अलग भूगोल, संस्कृति और विकास की ज़रूरतों का हवाला देकर लंबे समय से अलग राज्य की माँग कर रहे थे।
- उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 (Uttar Pradesh Reorganisation Act, 2000) ने 9 नवंबर 2000 को उत्तरांचल बनाया (2007 में इसका नाम उत्तराखंड हुआ)।
- उत्तर प्रदेश ने अपना हिमालयी क्षेत्र, पर्वतीय वन, पर्वतीय पर्यटन स्थल (hill stations) और अपनी जलविद्युत क्षमता का बड़ा हिस्सा खो दिया।
आज का उत्तर प्रदेश
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| क्षेत्रफल | लगभग 2.4 लाख वर्ग किमी — क्षेत्रफल में चौथा सबसे बड़ा राज्य |
| जनसंख्या | सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य (जनगणना 2011 में लगभग 20 करोड़) |
| मंडल | 18 |
| ज़िले | 75 |
| राजधानी | लखनऊ |
| उच्च न्यायालय | इलाहाबाद (लखनऊ में खंडपीठ) |
| विधानमंडल | द्विसदनीय — विधान सभा (403) और विधान परिषद (100) |
| लोक सभा सीटें | 80 — किसी भी राज्य से अधिक |
अभ्यास
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) शैली:
- "उत्तर प्रदेश" नाम कब अपनाया गया?
- आगरा और अवध का संयुक्त प्रांत कब बना?
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ क्यों है?
- उत्तराखंड कब और किस अधिनियम के तहत बना?
- उत्तर प्रदेश में लोक सभा की कितनी सीटें हैं?
मुख्य परीक्षा (Mains) शैली:
- 1836 से 2000 तक उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक विकास का क्रमवार वर्णन कीजिए।
- उत्तराखंड के गठन के उत्तर प्रदेश पर पड़े परिणामों का परीक्षण कीजिए।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Uttar Pradesh Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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