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मैथिली, भोजपुरी, मगही: बिहार की भाषाएँ और साहित्य

बिहार कई भाषाएँ बोलता है — दफ़्तरों में हिंदी और उर्दू, और घरों में मैथिली, भोजपुरी, मगही, अंगिका और बज्जिका। इसके साहित्यकारों में विद्यापति से लेकर दिनकर, रेणु और नागार्जुन तक हैं। बिहार की भाषाओं, उनकी स्थिति और उनके महानतम साहित्यकारों की मार्गदर्शिका।

14 Oct 2026 4 मिनट में पढ़ें

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इस गाइड में
  1. राजभाषाएँ
  2. बिहार की मुख्य भाषाएँ
  3. शास्त्रीय और मध्यकालीन साहित्य
  4. लोक और लोकप्रिय साहित्य
  5. बिहार का आधुनिक हिंदी साहित्य
  6. आज के भाषाई मुद्दे
  7. अभ्यास

बिहार में एक छोर से दूसरे छोर तक यात्रा करने वाला व्यक्ति हर कुछ घंटों में भाषा बदलती सुनता है: पश्चिम में भोजपुरी, पटना और गया के आसपास मगही, उत्तर में मैथिली, भागलपुर के आसपास अंगिका, मुज़फ़्फ़रपुर और वैशाली के आसपास बज्जिका — और साथ में हिंदी और उर्दू, जो राज्य, स्कूलों और साहित्य के बड़े हिस्से की भाषाएँ हैं। यह भाषाई समृद्धि बिहार की पहचान का हिस्सा है, और BPSC का बार-बार आने वाला विषय भी।

राजभाषाएँ

  • बिहार राजभाषा अधिनियम, 1950 (Bihar Official Language Act) के तहत हिंदी बिहार की राजभाषा (official language) है।
  • हिंदी के इतिहास में बिहार का विशेष स्थान है: 1881 में यह ऐसा पहला प्रांत बना, जहाँ अदालतों और प्रशासन की भाषा के रूप में उर्दू की जगह हिंदी (देवनागरी में) आई।
  • उर्दू द्वितीय राजभाषा है, जिसे 1980 के दशक में मान्यता मिली।

बिहार की मुख्य भाषाएँ

भाषाक्षेत्रस्थिति / टिप्पणी
मैथिलीउत्तर बिहार (मिथिला) — दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, पूर्णिया और अन्य; नेपाल में भी2003 से आठवीं अनुसूची (Eighth Schedule) में (92वाँ संशोधन); परंपरागत लिपि तिरहुता (मिथिलाक्षर), अब अधिकतर देवनागरी में लिखी जाती है
भोजपुरीपश्चिम बिहार — भोजपुर, बक्सर, सारण, सीवान, गोपालगंज, चंपारण और पूर्वी उत्तर प्रदेशव्यापक रूप से बोली जाती है, मॉरीशस, फ़िजी, सूरीनाम और कैरिबियन में बसे प्रवासी भारतीयों में भी; आठवीं अनुसूची में शामिल करने की पुरानी माँग
मगहीदक्षिण-मध्य बिहार — पटना, गया, नालंदा, जहानाबाद, नवादाइसकी जड़ें प्राचीन मगध की भाषा मागधी प्राकृत में मानी जाती हैं
अंगिकापूर्वी बिहार — भागलपुर, बाँका, मुंगेरप्राचीन अंग से जुड़ी
बज्जिकावैशाली, मुज़फ़्फ़रपुर, सीतामढ़ीवज्जि क्षेत्र से जुड़ी

शास्त्रीय और मध्यकालीन साहित्य

  • मागधी प्राकृत और पालि — बुद्ध ने लोगों की भाषाओं में उपदेश दिए; आरंभिक बौद्ध ग्रंथ पालि में हैं।
  • अर्धमागधी — आरंभिक जैन ग्रंथों की भाषा।
  • विद्यापति (चौदहवीं–पंद्रहवीं शताब्दी) — मैथिली के सबसे बड़े कवि, जिन्हें मैथिल कवि कोकिल ("मैथिली कविता की कोयल") कहा जाता है। उन्होंने राधा-कृष्ण पर प्रेम-गीत (पदावली) और शिव तथा शक्ति पर भक्ति-गीत लिखे, साथ ही संस्कृत और अवहट्ट में रचनाएँ भी कीं (जैसे कीर्तिलता)। उन्हें ओइनवार वंश के राजा शिवसिंह का संरक्षण मिला। उनके गीतों ने बांग्ला, असमिया और ओड़िया साहित्य को प्रभावित किया।
  • ज्योतिरीश्वर ठाकुर — वर्णरत्नाकर के रचयिता, जो मैथिली की एक आरंभिक गद्य रचना है।

लोक और लोकप्रिय साहित्य

  • भिखारी ठाकुर (1887–1971) — भोजपुरी नाटककार और कलाकार, बिदेसिया के रचयिता; उनके नाटकों (जैसे बिदेसिया, बेटी बेचवा और गबरघिचोर) में पलायन, बेटियों की बिक्री और अन्य सामाजिक मुद्दे उठाए गए।

बिहार का आधुनिक हिंदी साहित्य

साहित्यकारप्रमुख रचनाएँ / योगदान
रामधारी सिंह "दिनकर"राष्ट्रकवि; रश्मिरथी, कुरुक्षेत्र, परशुराम की प्रतीक्षा, संस्कृति के चार अध्याय (साहित्य अकादमी पुरस्कार); उर्वशी (ज्ञानपीठ पुरस्कार, 1972)
फणीश्वरनाथ "रेणु"मैला आँचल (1954) — पूर्णिया की पृष्ठभूमि पर लिखा मील का पत्थर आंचलिक (regional) उपन्यास; परती परिकथा; कहानी मारे गए गुलफ़ाम (जिस पर फ़िल्म तीसरी कसम बनी)
नागार्जुन (वैद्यनाथ मिश्र)"जनकवि"; हिंदी में लिखा और यात्री नाम से मैथिली में भी — अपनी मैथिली कृति पत्रहीन नग्न गाछ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार
देवकीनंदन खत्रीचंद्रकांता और चंद्रकांता संतति — हिंदी के सबसे आरंभिक लोकप्रिय उपन्यासों में
रामवृक्ष बेनीपुरीनिबंध और रेखाचित्र; माटी की मूरतें
शिवपूजन सहायदेहाती दुनिया; संपादक
राजा राधिकारमण प्रसाद सिंहहिंदी गद्यकार
गोपाल सिंह "नेपाली"कवि और गीतकार
आचार्य जानकीवल्लभ शास्त्रीकवि

उर्दू साहित्य

  • शाद अज़ीमाबादी (पटना) — उन्नीसवीं शताब्दी के अंत और बीसवीं शताब्दी के आरंभ के प्रमुख उर्दू शायर।
  • कलीम आजिज़ — उर्दू शायर (पद्मश्री)।

आज के भाषाई मुद्दे

मुद्दाव्याख्या
आठवीं अनुसूची की माँगेंभोजपुरी और मगही शामिल होना चाहती हैं
मातृभाषा में शिक्षाराष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 आरंभिक शिक्षा घर की भाषा में देने को प्रोत्साहित करती है; बिहार की अनेक भाषाओं में इसे लागू करना एक चुनौती है
मैथिली लिपितिरहुता को फिर से जीवित करने के प्रयास
प्रवासी भारतीयविदेशों में भोजपुरी संस्कृति मॉरीशस जैसे देशों के साथ भारत के संबंधों को मज़बूत करती है
सिनेमा और संगीतविशाल भोजपुरी फ़िल्म और संगीत उद्योग — और उसके कुछ हिस्से की गुणवत्ता और सामग्री पर बहस

अभ्यास

प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) शैली:

  1. किस संशोधन ने मैथिली को आठवीं अनुसूची में जोड़ा?
  2. "मैथिल कवि कोकिल" किसे कहा जाता है?
  3. दिनकर को किस कृति के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला?
  4. मैला आँचल किसने लिखा, और यह किस प्रकार का उपन्यास है?
  5. नागार्जुन ने मैथिली में किस उपनाम से लिखा?

मुख्य परीक्षा शैली:

  • "बिहार की भाषाएँ उसके इतिहास और पहचान को साथ लेकर चलती हैं।" विवेचना कीजिए।
  • आधुनिक हिंदी साहित्य में बिहार के साहित्यकारों के योगदान का परीक्षण कीजिए।

तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Bihar Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।

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