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उत्तर प्रदेश का भौतिक स्वरूप

उत्तर प्रदेश मुख्यतः एक विशाल जलोढ़ मैदान है — गंगा बेसिन का हृदय — जिसके उत्तर में नेपाल सीमा के साथ भाबर और तराई की एक संकरी पट्टी है और दक्षिण में बुंदेलखंड तथा विंध्य का पथरीला उच्चभाग। तीन भौतिक प्रदेश, उनकी विशेषताएँ, और वे कृषि, बसावट तथा आपदाओं को कैसे प्रभावित करते हैं।

15 Oct 2026 4 मिनट में पढ़ें

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इस गाइड में
  1. स्थिति और विस्तार
  2. तीन भौतिक प्रदेश
  3. भौतिक स्वरूप उत्तर प्रदेश को कैसे आकार देता है
  4. अभ्यास
  5. मानचित्र अभ्यास

अगर आप नेपाल सीमा पर स्थित पीलीभीत से बुंदेलखंड के ललितपुर तक यात्रा करें, तो आप उत्तर प्रदेश के सभी भौतिक प्रदेशों को पार करेंगे: पहले हिमालय की तलहटी के वनाच्छादित, कभी दलदली रहे निचले क्षेत्र; फिर गंगा का विशाल, समतल, उपजाऊ मैदान; और अंत में पतली मृदा (मिट्टी) और बिखरी पहाड़ियों वाला पथरीला उच्चभाग। उत्तर प्रदेश की लगभग हर बात — उसकी फ़सलें, उसका जनसंख्या घनत्व, उसकी बाढ़ें और उसके सूखे — इसी बनावट से निकलती है।

स्थिति और विस्तार

पहलूविवरण
क्षेत्रफललगभग 2.41 लाख वर्ग किमी — चौथा सबसे बड़ा राज्य
अक्षांशलगभग 23°52′ उ. से 30°25′ उ.
देशांतरलगभग 77°05′ पू. से 84°38′ पू.
पड़ोसीनेपाल (अंतरराष्ट्रीय सीमा, उत्तर में); उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार
उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे राज्यउत्तर प्रदेश की सीमा लगभग किसी भी अन्य राज्य से अधिक राज्यों से लगती है

तीन भौतिक प्रदेश

प्रदेशस्थितिक्षेत्रफल में हिस्सामुख्य विशेषताएँ
1. भाबर और तराईनेपाल और उत्तराखंड से लगी उत्तरी सीमा के साथछोटातलहटी क्षेत्र; छिद्रयुक्त बजरी (भाबर) और दलदली निचली भूमि (तराई)
2. गंगा का मैदानराज्य का अधिकांश भागसबसे बड़ा हिस्सा — लगभग तीन-चौथाईसमतल, उपजाऊ जलोढ़ (alluvium); घनी आबादी
3. दक्षिणी पठारबुंदेलखंड और विंध्य–कैमूर उच्चभागछोटापथरीला, ऊबड़-खाबड़; पतली मृदा; कम वर्षा

1. भाबर और तराई

  • भाबर (Bhabar) — शिवालिक की तलहटी में एक संकरी पट्टी (जिसका बड़ा भाग अब उत्तराखंड में है), जो नदियों द्वारा लाए गए कंकड़-पत्थरों और गोलाश्मों (boulders) से बनी है; यहाँ जलधाराएँ ज़मीन के भीतर लुप्त हो जाती हैं।
  • तराई (Terai) — भाबर के दक्षिण में; यहाँ जलधाराएँ फिर से सतह पर आ जाती हैं, जिससे ऊँची घासों और वनों वाली दलदली, जलभराव वाली भूमि बनती है।
  • बीसवीं शताब्दी के मध्य से तराई के बड़े हिस्से को कृषि (गन्ना, धान, गेहूँ) के लिए सुधारा (reclaimed) गया है।
  • ज़िले: सहारनपुर, बिजनौर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज।
  • उत्तर प्रदेश के बाघ अभयारण्य (tiger reserves) — दुधवा और पीलीभीत — यहीं हैं (वनों और वन्यजीवों पर हमारी मार्गदर्शिका देखें)।

2. गंगा का मैदान

  • गंगा, यमुना, घाघरा और उनकी सहायक नदियों द्वारा जमा किए गए जलोढ़ से बना है।
  • इसका ढाल उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर हल्का है।
  • बांगर (पुराना जलोढ़, ऊँची भूमि पर, कंकड़ की ग्रंथियों वाला) और खादर (बाढ़ के मैदानों में नया जलोढ़, जो बाढ़ से हर बार नवीकृत होता है)।
  • दोआब — दो नदियों के बीच की भूमि; पश्चिमी उत्तर प्रदेश का गंगा–यमुना दोआब भारत के सबसे उपजाऊ क्षेत्रों में से एक है।
उप-प्रदेशविशेषताएँ
ऊपरी गंगा मैदान (पश्चिमी उत्तर प्रदेश)दोआब; नहर सिंचाई; गन्ना, गेहूँ; अपेक्षाकृत समृद्ध
मध्य गंगा मैदान (मध्य उत्तर प्रदेश, अवध)धान और गेहूँ; लखनऊ, कानपुर
निचला / पूर्वी गंगा मैदान (पूर्वांचल)अधिक वर्षा; बाढ़; बहुत घनी आबादी

यहाँ की विशेषताओं में गोखुर झीलें (ox-bow lakes), प्राकृतिक तटबंध (natural levees), ताल (निचली भूमि की मौसमी झीलें) और ऊसर (लवणीय–क्षारीय) भूमि के टुकड़े शामिल हैं।

3. दक्षिणी पठार

  • बुंदेलखंड — झाँसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बाँदा, चित्रकूट: ग्रेनाइट और नीस (gneiss) के उच्चभाग, पथरीली पहाड़ियाँ, ऊबड़-खाबड़ भूभाग, पतली मृदा, कम वर्षा और बार-बार सूखा।
  • विंध्य और कैमूर उच्चभाग — मिर्ज़ापुर, सोनभद्र, प्रयागराज के कुछ भाग: बलुआ पत्थर के पठार, वन, खनिज और सोन घाटी।
  • यह मैदान से ऊँचा और पुराना है; प्रायद्वीपीय पठार का हिस्सा है।

भौतिक स्वरूप उत्तर प्रदेश को कैसे आकार देता है

विशेषतापरिणाम
उपजाऊ जलोढ़ मैदानऊँचा कृषि उत्पादन; बहुत अधिक जनसंख्या घनत्व
नहर सिंचाई वाला दोआबपश्चिमी उत्तर प्रदेश की समृद्ध कृषि
निचला पूर्वी मैदानबाढ़; जलभराव; ऊँचा घनत्व; प्रवास
तराईवन और वन्यजीव; सुधारी गई कृषि भूमि; नेपाल से आने वाली नदियों की बाढ़
पथरीला बुंदेलखंडसूखा; कम उत्पादकता; पानी की कमी
विंध्य–कैमूर उच्चभागखनिज (कोयला, चूना पत्थर), वन, बिजलीघर (सोनभद्र)
हिमालय से निकटताउत्तर में भूकंप का ख़तरा

अभ्यास

प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) शैली:

  1. उत्तर प्रदेश के तीन भौतिक प्रदेशों के नाम बताइए।
  2. भाबर और तराई में क्या अंतर है?
  3. दोआब क्या है?
  4. उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड में कौन-से ज़िले आते हैं?
  5. दुधवा और पीलीभीत बाघ अभयारण्य किस प्रदेश में हैं?

मुख्य परीक्षा (Mains) शैली:

  • "उत्तर प्रदेश का भौतिक स्वरूप उसकी क्षेत्रीय विषमताओं की व्याख्या करता है।" विवेचना कीजिए।
  • गंगा के मैदान और बुंदेलखंड की कृषि क्षमता की तुलना कीजिए।

मानचित्र अभ्यास

उत्तर प्रदेश के एक खाली मानचित्र पर तीनों प्रदेश, दोआब, तराई के ज़िले, बुंदेलखंड के ज़िले और विंध्य–कैमूर उच्चभाग अंकित कीजिए।

तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Uttar Pradesh Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।

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