इस गाइड में
1854 में ऊपरी गंगा नहर (Upper Ganga Canal) शुरू हुई — अपने समय की महान इंजीनियरिंग उपलब्धियों में से एक, जो गंगा का पानी दोआब में ले जाती थी। डेढ़ सौ साल बाद भी उत्तर प्रदेश की नहरें महत्वपूर्ण हैं, लेकिन भूजल खींचने वाले लाखों नलकूप (tube wells) उनसे आगे निकल गए हैं। पानी उत्तर प्रदेश की कृषि की नींव है — और उसका अच्छा प्रबंधन राज्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।
उत्तर प्रदेश के जल संसाधन
| स्रोत | स्थिति |
|---|---|
| नदियाँ | गंगा और यमुना तंत्र, प्रमुख सहायक नदियों के साथ (नदियों पर हमारी मार्गदर्शिका देखें) |
| भूजल | जलोढ़ मैदानों में प्रचुर (हालाँकि घट रहा है); बुंदेलखंड की कठोर चट्टानों में दुर्लभ |
| वर्षा | पूरब और तराई में अधिक; पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में कम |
| तालाब और जलाशय | पारंपरिक स्रोत, जिनमें से कई पर अतिक्रमण हो चुका है |
सिंचाई के स्रोत
| स्रोत | हिस्सा (मोटे तौर पर) | टिप्पणी |
|---|---|---|
| नलकूप | सबसे बड़ा | निजी और सरकारी नलकूप; बिजली और डीज़ल पंप |
| नहरें | उल्लेखनीय | खासकर दोआब और मध्य उत्तर प्रदेश में |
| अन्य | कम | तालाब, जलाशय, कुएँ |
उत्तर प्रदेश का शुद्ध सिंचित क्षेत्र (net irrigated area) भारत में सबसे बड़े क्षेत्रों में से एक है।
प्रमुख नहर प्रणालियाँ
| नहर | नदी | सेवित क्षेत्र |
|---|---|---|
| ऊपरी गंगा नहर (1854) | गंगा (शीर्ष कार्य हरिद्वार में, अब उत्तराखंड) | पश्चिमी उत्तर प्रदेश (दोआब) |
| निचली गंगा नहर | गंगा (शीर्ष कार्य नरोरा में) | मध्य दोआब |
| पूर्वी यमुना नहर | यमुना | पश्चिमी उत्तर प्रदेश |
| आगरा नहर | यमुना | आगरा, मथुरा |
| शारदा नहर | शारदा | मध्य उत्तर प्रदेश (अवध); सबसे बड़ी नहर प्रणालियों में |
| गंडक नहर | गंडक | पूर्वी उत्तर प्रदेश |
| बेतवा नहर | बेतवा | बुंदेलखंड |
| सरयू नहर परियोजना | घाघरा, सरयू, राप्ती, बाणगंगा, रोहिणी | पूर्वी उत्तर प्रदेश; 1970 के दशक में शुरू और 2021 में पूरी हुई, कई पूर्वी ज़िलों की सिंचाई करती है |
बाँध और परियोजनाएँ
| परियोजना | नदी | टिप्पणी |
|---|---|---|
| रिहंद (गो. ब. पंत सागर) | रिहंद | सोनभद्र; बिजली और सिंचाई |
| माताटीला, राजघाट | बेतवा | बुंदेलखंड |
| अर्जुन सहायक परियोजना | अर्जुन / धसान | बुंदेलखंड (महोबा, हमीरपुर); हाल ही में पूरी हुई |
| केन–बेतवा लिंक | केन → बेतवा | बुंदेलखंड (उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश) |
| नरोरा बैराज | गंगा | बुलंदशहर |
भूजल: मौन संकट
- पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में जल स्तर गिर रहा है, क्योंकि दोहन पुनर्भरण (recharge) से अधिक है — इसके पीछे गन्ना और धान जैसी अधिक पानी वाली फसलों की नलकूप सिंचाई और शहरी माँग है।
- केंद्रीय भूमि जल बोर्ड (Central Ground Water Board) कई विकासखंडों को अति-दोहित (over-exploited) या गंभीर (critical) श्रेणी में रखता है।
- कुछ क्षेत्रों में आर्सेनिक और फ़्लोराइड का प्रदूषण है।
- दोहन को नियंत्रित करने, बोरवेल का पंजीकरण करने और पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश ने उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन और विनियमन) अधिनियम, 2019 बनाया।
पेयजल
- जल जीवन मिशन (हर घर जल) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने ग्रामीण परिवारों तक पाइप से पेयजल कनेक्शन बढ़ाए, और बुंदेलखंड तथा विंध्य क्षेत्रों को प्राथमिकता दी।
- चुनौतियाँ: पानी की गुणवत्ता, स्रोतों की स्थिरता, रखरखाव।
पारंपरिक प्रणालियाँ
- बुंदेलखंड के चंदेल और बुंदेला तालाब।
- पूरे मैदान में गाँव के तालाब — कई पर अतिक्रमण; विभिन्न योजनाओं (जैसे अमृत सरोवर) के अंतर्गत पुनरुद्धार।
मुद्दे
| मुद्दा | व्याख्या |
|---|---|
| भूजल का ह्रास | पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में अत्यधिक दोहन |
| नहरों की अक्षमता | गाद भरना; खराब रखरखाव; अंतिम छोर (tail-end) के किसानों को कम पानी |
| जलभराव और लवणता | कुछ नहर कमान क्षेत्रों में |
| बाढ़ | पूर्वी उत्तर प्रदेश |
| सूखा | बुंदेलखंड |
| प्रदूषण | नदियाँ और भूजल |
| मूल्य निर्धारण | कम जल शुल्क; मुफ़्त बिजली अति-उपयोग को बढ़ावा देती है |
मुख्य परीक्षा के लिए एक ढाँचा: उत्तर प्रदेश की जल सुरक्षा
| क्षेत्र | उपाय |
|---|---|
| आपूर्ति | परियोजनाएँ पूरी करना; नहरों का आधुनिकीकरण; पुनर्भरण संरचनाएँ; तालाबों का पुनरुद्धार |
| माँग | सूक्ष्म सिंचाई (micro-irrigation); दबाव वाले विकासखंडों में अधिक पानी वाली फसलों से हटकर फसल विविधीकरण |
| भूजल | 2019 के अधिनियम को लागू करना; जलभृत मानचित्रण (aquifer mapping); सामुदायिक प्रबंधन |
| गुणवत्ता | आर्सेनिक और फ़्लोराइड का उपचार; स्रोतों की सुरक्षा |
| शासन | जल उपयोगकर्ता संघ (water users' associations); आँकड़े और निगरानी |
| क्षेत्रीय | पूरब में बाढ़ प्रबंधन; बुंदेलखंड को सूखा-रोधी बनाना |
अभ्यास
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) शैली:
- ऊपरी गंगा नहर कब शुरू हुई?
- उत्तर प्रदेश में सिंचाई का सबसे बड़ा स्रोत क्या है?
- सरयू नहर परियोजना कब पूरी हुई, और यह किस क्षेत्र की सेवा करती है?
- उत्तर प्रदेश का कौन-सा कानून भूजल को नियंत्रित करता है?
- कौन-सी परियोजना केन और बेतवा को जोड़ती है?
मुख्य परीक्षा (Mains) शैली:
- "उत्तर प्रदेश की सिंचाई की सफलता ने भूजल संकट पैदा कर दिया है।" विवेचना कीजिए।
- उत्तर प्रदेश में जल सुरक्षा के लिए एक रणनीति सुझाइए।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Uttar Pradesh Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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