इस गाइड में
SSC GD की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBE) में आपको 80 प्रश्नों के लिए 60 मिनट मिलते हैं। यानी 3,600 सेकंड ÷ 80 = औसतन 45 सेकंड प्रति प्रश्न। हाल के वर्षों की परीक्षाओं के बारे में बताया गया है कि इसमें खंडों के लिए अलग टाइमर नहीं होते, इसलिए पूरे घंटे को कैसे बाँटना है, यह आप तय करते हैं।
यह आज़ादी तभी काम आती है जब आप इसकी योजना बनाएँ। बिना योजना के परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी आमतौर पर एक ही गलती करते हैं: वे शुरू में ही गणित के दो प्रश्नों में अटक जाते हैं, घड़ी देखकर घबरा जाते हैं और आख़िर में आसान प्रश्न जल्दबाज़ी में करते हैं। यह गाइड बताती है कि इससे कैसे बचें।
हर प्रश्न को 45 सेकंड नहीं चाहिए
45 सेकंड का औसत खंडों के बीच के बड़े अंतर को छिपा देता है।
| खंड | प्रति प्रश्न सामान्य समय | क्यों |
|---|---|---|
| GK | 10–25 सेकंड | तथ्य या तो आपको पता है या नहीं |
| अंग्रेज़ी या हिंदी | 25–40 सेकंड | पढ़ना कम है, पर कुछ प्रश्नों में ध्यान से सोचना पड़ता है |
| तर्कशक्ति (रीज़निंग) | 35–50 सेकंड | पैटर्न पहचानने में थोड़ा समय लगता है |
| गणित | 50–70 सेकंड | गणना में समय लगता है |
पूरी रणनीति की मुख्य बात यही है। GK में बचाया गया समय गणित में लगता है। अगर आप GK के 20 प्रश्न 8 मिनट में कर लेते हैं, तो आपने 7 मिनट अतिरिक्त "कमा" लिए (औसत हिस्सा 20 × 45 सेकंड = 15 मिनट है)।
समय का बजट
| खंड | सुझाया गया समय |
|---|---|
| GK | 8 मिनट |
| अंग्रेज़ी या हिंदी | 12 मिनट |
| रीज़निंग | 15 मिनट |
| गणित | 20 मिनट |
| जाँच | 5 मिनट |
| कुल | 60 मिनट |
इसे शुरुआती बिंदु मानें। पाँच-छह मॉक टेस्ट (mock test) के बाद इसे अपने हिसाब से बदलें। जो अभ्यर्थी गणित में मज़बूत पर अंग्रेज़ी में कमज़ोर हैं, वे तीन मिनट गणित से अंग्रेज़ी में ले जा सकते हैं।
पहले कौन-सा खंड?
कोई एक सही क्रम नहीं है, पर दो अच्छे क्रम हैं।
- पहले GK। यह जल्दी होता है, घबराहट कम करता है और आगे के लिए समय बचाता है।
- पहले सबसे मज़बूत खंड। शुरुआती अंक बाकी प्रश्नपत्र के लिए आत्मविश्वास देते हैं।
आप जो भी चुनें, गणित को आख़िरी या आख़िरी से पहले रखें। सबसे धीमे खंड से शुरुआत करना समय खत्म होने का सबसे आम कारण है। मॉक में दोनों क्रम आज़माएँ और वही रखें जो एक नहीं, बल्कि तीन टेस्ट में बेहतर अंक दे।
दो-राउंड तरीका
यह हर खंड के अंदर काम करता है।
- राउंड 1: हर प्रश्न एक बार पढ़ें। अगर एक मिनट से कम में उत्तर दे सकते हैं, तो दे दें। नहीं तो उसे समीक्षा के लिए चिह्नित करें (mark for review) और आगे बढ़ें।
- राउंड 2: उस खंड के बचे समय में चिह्नित प्रश्नों पर लौटें।
- अंतिम जाँच: आख़िरी पाँच मिनट में केवल वे चिह्नित प्रश्न देखें जिनमें आपने दो विकल्प तक छाँट लिए थे।
राउंड 1 पक्का करता है कि आप हर आसान प्रश्न देख लें। किसी कठिन प्रश्न पर तीन मिनट लगाकर किसी आसान प्रश्न को बिना पढ़े छोड़ देने से ज़्यादा नुकसानदेह कुछ नहीं।
ऋणात्मक अंकन: अनुमान कब लगाएँ?
सही उत्तर पर +2 अंक मिलते हैं। गलत उत्तर पर 0.25 अंक कटते हैं। यानी एक सही उत्तर आठ गलत उत्तरों के बराबर है। ऋणात्मक अंकन (negative marking) में अनुमान से औसत फ़ायदा, चरण-दर-चरण:
| स्थिति | गणना | औसत फ़ायदा |
|---|---|---|
| बिना सोचे अनुमान (4 विकल्प) | (¼ × 2) − (¾ × 0.25) = 0.5 − 0.1875 | +0.31 |
| एक विकल्प हटाया (3 बचे) | (⅓ × 2) − (⅔ × 0.25) = 0.667 − 0.167 | +0.50 |
| दो विकल्प हटाए (2 बचे) | (½ × 2) − (½ × 0.25) = 1 − 0.125 | +0.875 |
हर पंक्ति धनात्मक है। इस अंकन में बिना सोचे लगाया अनुमान भी औसतन थोड़ा फ़ायदा देता है, और सोच-समझकर लगाया अनुमान बहुत फ़ायदा देता है।
एक तुलना
दो अभ्यर्थियों को एक जितना आता है।
- अभ्यर्थी A केवल वे 68 प्रश्न करते हैं जिनमें वे पक्के हैं। 62 सही और 6 गलत (लापरवाही की चूक)। अंक: 62 × 2 − 6 × 0.25 = 124 − 1.5 = 122.5।
- अभ्यर्थी B भी यही करते हैं, फिर आख़िरी मिनटों में बाकी 12 प्रश्नों पर हर बार दो विकल्प हटाकर (विकल्प हटाना, elimination) सोच-समझकर अनुमान लगाते हैं। मान लीजिए 12 में से 6 अनुमान सही निकलते हैं। यानी 68 सही और 12 गलत। अंक: 68 × 2 − 12 × 0.25 = 136 − 3 = 133।
अभ्यर्थी B को 10.5 अंक ज़्यादा मिलते हैं। जिस राज्य में कट-ऑफ (cut-off) पास-पास होते हैं, वहाँ इतने अंक PET के बुलावे और बुलावा न आने के बीच का अंतर बन सकते हैं।
कठिन प्रश्नों से कैसे निपटें
- 90 सेकंड का नियम: राउंड 1 में अगर किसी प्रश्न पर 90 सेकंड लग गए और अब भी रास्ता नहीं दिख रहा, तो उसे चिह्नित करें और आगे बढ़ें।
- गणित के लंबे प्रश्न (दो चरणों वाला ब्याज, मिश्रित समय और कार्य) सीधे राउंड 2 में जाते हैं।
- घड़ी हर खंड के अंत में देखें, हर प्रश्न के बाद नहीं।
आख़िरी पाँच मिनट
- गणित का कोई लंबा प्रश्न शुरू न करें।
- उन चिह्नित प्रश्नों पर लौटें जिनमें आपने दो विकल्प तक छाँट लिए थे, और एक चुन लें।
- प्रश्न पैलेट (question palette) में देखें कि कोई प्रश्न गलती से बिना उत्तर के तो नहीं छूटा।
- जब तक कोई साफ़ गलती न दिखे, उत्तर न बदलें। पक्के उत्तर पर दोबारा शक करने से अक्सर सही उत्तर गलत हो जाता है।
लय का अभ्यास करें
यह योजना तभी काम करेगी जब परीक्षा के दिन तक यह आदत बन जाए। हर मॉक में:
- शुरू करने से पहले हर खंड की समय-योजना लिखें।
- हर खंड खत्म होने पर घड़ी का समय लिखें।
- मॉक के बाद योजना और असलियत की तुलना करें, और बदलाव करें।
हमारी मॉक टेस्ट गाइड में इसके लिए एक सरल लॉग है, और गणना की ट्रिक्स वाली गाइड गणित में सेकंड बचाने में मदद करेगी।
अभ्यास
- औसतन हर प्रश्न के लिए कितने सेकंड मिलते हैं?
- किसी अभ्यर्थी के 55 उत्तर सही और 10 गलत हैं। उनके कच्चे अंक (raw score) कितने हैं?
- एक विकल्प हटाने के बाद अनुमान से औसत फ़ायदा कितना है?
- आपने GK 7 मिनट में पूरा कर लिया। 15 मिनट के औसत हिस्से की तुलना में आपने कितना समय बचाया?
- आमतौर पर किस खंड से शुरुआत नहीं करनी चाहिए, और क्यों?
उत्तर:
- 3,600 ÷ 80 = 45 सेकंड।
- 55 × 2 = 110; 10 × 0.25 = 2.5; 110 − 2.5 = 107.5।
- (⅓ × 2) − (⅔ × 0.25) = 0.667 − 0.167 = +0.5 अंक।
- 15 − 7 = 8 मिनट।
- गणित। यह सबसे धीमा खंड है, इसलिए इससे शुरू करने पर जल्दी होने वाले प्रश्नों का समय कम पड़ सकता है।
परीक्षा के दिन से पहले
- हर क्रम के साथ कम से कम तीन मॉक देने के बाद अपना खंड-क्रम तय करें।
- अपना समय-बजट एक पंक्ति में लिखें और उसे याद कर लें।
- हर मॉक में दो-राउंड तरीके का अभ्यास करें।
- अंकन पक्का करने के लिए हमारी परीक्षा पैटर्न गाइड में पैटर्न एक बार और पढ़ें।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Staff Selection Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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