इस गाइड में
कथन वाले प्रश्न आसान भाषा जैसे दिखते हैं, और इसी कारण अभ्यर्थी इनमें अंक गँवा देते हैं। आप कथन से सहमत या असहमत होते हैं और अपनी राय से उत्तर दे देते हैं। परीक्षक ठीक उलटी क्षमता जाँच रहा है: क्या आप केवल लिखी हुई बात के आधार पर निर्णय ले सकते हैं?
इसमें कोई गणना नहीं है, इसलिए नियम साफ़ हो जाएँ तो हर प्रश्न एक मिनट से कम लेता है। यह गाइड निष्कर्ष (conclusion) और कार्यवाही (course of action) को विस्तार से समझाती है। पूर्वधारणाओं और तर्कों के लिए अलग गाइड है, कथन, तर्क और पूर्वधारणा, और नीचे उनका छोटा-सा सार दिया गया है।
तीन आम प्रकार
| प्रकार | प्रश्न क्या पूछता है | खुद से पूछें |
|---|---|---|
| निष्कर्ष | कथन से कौन-से निष्कर्ष अनुसरण करते हैं? | क्या यह कथन से ही सच है, या उसमें साफ़-साफ़ निहित है? |
| पूर्वधारणा | कौन-सी पूर्वधारणाएँ निहित हैं? | क्या बोलने वाले को इसे पहले से मानकर चलना ही पड़ा? |
| कार्यवाही | कौन-से कदम उठाए जाने चाहिए? | क्या यह व्यावहारिक कदम है, जो समस्या को हल करे या कम करे? |
उत्तर के विकल्प आमतौर पर यही पाँच होते हैं:
- केवल I अनुसरण करता है
- केवल II अनुसरण करता है
- या तो I या II अनुसरण करता है
- न तो I और न ही II अनुसरण करता है
- I और II दोनों अनुसरण करते हैं
आपके प्रश्नपत्र (paper) में शब्द थोड़े अलग हो सकते हैं, इसलिए शुरू करने से पहले विकल्प एक बार पढ़ लें।
निष्कर्ष: "अनुसरण करता है" का अर्थ
निष्कर्ष तब अनुसरण करता है जब वह केवल कथन से ही सच हो, या उसमें साफ़-साफ़ निहित हो। समाचार से नहीं, जो आमतौर पर होता है उससे नहीं, और जो आपको उचित लगे उससे भी नहीं। चार जाँचें लगभग हर मामले को संभाल लेती हैं।
- कथन के अंदर रहें। अगर निष्कर्ष के लिए कोई ऐसा तथ्य चाहिए जो कथन में दिया ही नहीं गया, तो वह अनुसरण नहीं करता, भले ही वह तथ्य असल जीवन में सच हो।
- अति वाले शब्दों पर नज़र रखें। "सभी", "केवल", "हमेशा", "कभी नहीं", "सबसे अच्छा", "अधिकांश" और "हर" जैसे शब्द निष्कर्ष को कथन से आगे ले जाते हैं। अगर कथन खुद यह शब्द नहीं बोलता, तो निष्कर्ष आमतौर पर गलत ठहरता है।
- कारण मानकर न चलें। "दाम बढ़ गए" से यह पता नहीं चलता कि दाम क्यों बढ़े या किसे फ़ायदा हुआ।
- "कुछ" का अर्थ "सभी" नहीं है। "बहुत-से विद्यार्थी फ़ेल हुए" से "कुछ विद्यार्थी फ़ेल हुए" निकलता है, "सभी विद्यार्थी फ़ेल हुए" कभी नहीं।
या तो I या II
"या तो" तभी चुनें जब दोनों निष्कर्ष केवल दो ही संभावनाएँ हों और कथन यह न बताए कि इनमें से कौन-सी सच है। अगर इनमें से एक का होना तय है और दोनों एक साथ नहीं हो सकते, तो उत्तर "या तो I या II" है।
हल किए गए उदाहरण: निष्कर्ष
उदाहरण 1. कथन: "साक्षात्कार (interview) के लिए केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा जो लिखित परीक्षा पास करेंगे।"
- I. जो अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में फ़ेल होंगे, उन्हें साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया जाएगा।
- II. लिखित परीक्षा पास करने वाले हर अभ्यर्थी को नौकरी मिलेगी।
- I वही बात उलटकर कहता है जो कथन कहता है, इसलिए वह अनुसरण करता है। II नौकरी मिलने की बात करता है, जिसका कथन में कोई ज़िक्र नहीं। उत्तर: केवल I।
उदाहरण 2. कथन: "गर्म सर्दी के कारण इस साल इस गाँव के आम के पेड़ों पर जल्दी बौर आ गया।"
- I. गर्म सर्दी से आम के पेड़ों पर जल्दी बौर आ सकता है।
- II. आम भारत का सबसे लोकप्रिय फल है।
- I कथन में दिया हुआ है। II सच हो भी सकता है और नहीं भी, पर यह बाहर का ज्ञान है। उत्तर: केवल I।
उदाहरण 3. कथन: "परीक्षा का परिणाम या तो सोमवार को घोषित होगा या मंगलवार को।"
- I. परिणाम सोमवार को घोषित होगा।
- II. परिणाम मंगलवार को घोषित होगा।
- अकेले कोई भी निश्चित नहीं है, पर इनमें से एक का होना तय है और दोनों एक साथ नहीं हो सकते। उत्तर: या तो I या II।
उदाहरण 4. कथन: "पिछले महीने सब्ज़ियों के दाम तेज़ी से बढ़े।"
- I. पिछले महीने किसानों ने ज़्यादा पैसा कमाया।
- II. लोगों ने सब्ज़ियाँ खरीदना बंद कर दिया।
- I एक ऐसा कारण और परिणाम मानकर चलता है जो कथन में कभी दिया ही नहीं गया; अतिरिक्त पैसा कहीं और भी जा सकता है। II अति वाला है: "बंद कर दिया" का अर्थ है कि किसी ने भी नहीं खरीदी। उत्तर: न तो I और न ही II।
कार्यवाही
यहाँ कथन एक समस्या बताता है, और आपको परखना है कि हर कदम उस समस्या का समझदारी भरा जवाब है या नहीं। अच्छी कार्यवाही:
- व्यावहारिक होती है: ज़िम्मेदार लोग उसे सच में कर सकते हैं;
- संबंधित होती है: वह इसी समस्या या उसके कारण से निपटती है, किसी और मुद्दे से नहीं;
- संतुलित होती है: वह जितनी समस्या हल करती है, उससे बड़ी समस्या पैदा नहीं करती।
"प्रतिबंध लगा दो", "हमेशा के लिए बंद कर दो", "सबको बर्खास्त कर दो" या "सारी ट्रेनें रोक दो" जैसे अति वाले कदम लगभग कभी सही नहीं ठहरते। पर यहाँ "दोनों" आम उत्तर है: अक्सर एक कदम तुरंत राहत देता है और दूसरा समस्या को दोबारा होने से रोकता है।
उदाहरण 5. कथन: "स्टेशन के प्लेटफ़ॉर्म पर एक खाने के स्टॉल पर खाना खाने के बाद कई यात्री बीमार पड़ गए।"
- I. स्वास्थ्य अधिकारियों को स्टॉल की जाँच करनी चाहिए और उसके खाने का परीक्षण करना चाहिए।
- II. जो यात्री बीमार पड़े, उन्हें चिकित्सा सहायता दी जानी चाहिए।
- I कारण से निपटता है; II तुरंत राहत देता है। दोनों व्यावहारिक हैं। उत्तर: दोनों।
उदाहरण 6. कथन: "एक ज़िले के रेलवे फाटकों (level crossings) पर दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, क्योंकि लोग फाटक बंद होने पर भी पार करते हैं।"
- I. जागरूकता अभियान चलाएँ और बंद फाटक पार करने वालों पर जुर्माना लगाएँ।
- II. ज़िले के हर रेलवे फाटक को सड़क यातायात के लिए हमेशा के लिए बंद कर दें।
- I व्यावहारिक है। II सबके लिए सड़कें काट देगा और इससे बड़ी समस्या पैदा होगी। उत्तर: केवल I।
पूर्वधारणा: एक छोटा-सा सार
पूर्वधारणा (assumption) वह बात है जिसे बोलने वाले ने कथन कहने से पहले ज़रूर माना होगा। जल्दी जाँचने का तरीका है उसे नकारकर देखना: अगर नकारने पर कथन का कोई अर्थ न रहे, तो वह पूर्वधारणा है। "पटरियाँ पार न करें" लिखा बोर्ड यह मानकर चलता है कि कुछ यात्री पटरियाँ पार कर सकते हैं; यह नहीं मानता कि सभी यात्री बोर्ड की अनदेखी करते हैं।
आम गलतियाँ
- सामान्य ज्ञान से उत्तर देना। कोई सच्चा तथ्य जो कथन में नहीं दिया गया, वह अनुसरण नहीं करता।
- किसी निष्कर्ष को इसलिए मान लेना क्योंकि आप उससे सहमत हैं। सहमति सबूत नहीं है।
- जब भी दोनों बातें उलटी दिखें, "या तो" चुन लेना। वे केवल दो ही संभावनाएँ होनी चाहिए, और उनमें से एक का सच होना तय होना चाहिए।
- किसी हल्के कदम को इसलिए नकार देना कि वह समस्या पूरी तरह हल नहीं करेगा, या किसी कठोर कदम को इसलिए मान लेना कि समस्या गंभीर लगती है। कदम को बस मदद करनी है, और अनुपात में।
अभ्यास सेट
- कथन: "पुस्तकालय कार्यदिवसों में रात 8 बजे तक खुला रहता है।" निष्कर्ष: I. रविवार को पुस्तकालय बंद रहता है। II. बुधवार को पुस्तकालय रात 8 बजे तक खुला रहता है।
- कथन: "बरसात के मौसम में केवल उबला पानी पिएँ।" पूर्वधारणाएँ: I. बरसात के मौसम में बिना उबले पानी में कीटाणु हो सकते हैं। II. लोग कभी पानी नहीं उबालते।
- कथन: "कोहरे के कारण कुछ ट्रेनें देर से चल रही हैं।" कार्यवाहियाँ: I. यात्रियों को घर से निकलने से पहले ट्रेन की चलने की स्थिति (running status) देख लेनी चाहिए। II. सभी ट्रेनें हमेशा के लिए रोक देनी चाहिए।
- कथन: "इस साल बहुत-से विद्यार्थी गणित में फ़ेल हुए।" निष्कर्ष: I. इस साल कुछ विद्यार्थी गणित में पास नहीं हुए। II. सभी विद्यार्थी गणित में फ़ेल हुए।
- कथन: "नए पुल का उद्घाटन या तो 15 अगस्त को होगा या 2 अक्टूबर को।" निष्कर्ष: I. पुल 15 अगस्त को खुलेगा। II. पुल 2 अक्टूबर को खुलेगा।
- कथन: "पानी की एक पाइपलाइन फट गई है और एक कॉलोनी में दो दिन से पानी नहीं आया है।" कार्यवाहियाँ: I. पाइपलाइन तुरंत ठीक करें। II. मरम्मत पूरी होने तक कॉलोनी में पानी के टैंकर भेजें।
- कथन: "परीक्षा हॉल के अंदर मोबाइल फ़ोन की अनुमति नहीं है।" निष्कर्ष: I. अभ्यर्थी परीक्षा हॉल के अंदर मोबाइल फ़ोन का उपयोग नहीं कर सकते। II. मोबाइल फ़ोन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
- कथन: "एक सर्वे में पाया गया कि एक कस्बे में बहुत-से लोग नाश्ता नहीं करते।" निष्कर्ष: I. कस्बे का हर व्यक्ति अस्वस्थ है। II. नाश्ता दिन का सबसे ज़रूरी भोजन है।
उत्तर:
- केवल II। II कथन को ही दोहराता है। रविवार का कोई ज़िक्र नहीं है।
- केवल I। I के बिना यह सलाह बेमतलब होती। II अति वाला है।
- केवल I। II अति वाला है और इससे बड़ी समस्या पैदा होती है।
- केवल I। "बहुत-से" से "कुछ" निकलता है, "सभी" कभी नहीं।
- या तो I या II। एक तारीख का सच होना तय है और दोनों सच नहीं हो सकतीं।
- दोनों। I कारण दूर करता है; II तब तक राहत देता है।
- केवल I। II कथन से बाहर की बात है।
- न तो I और न ही II। I अति वाला है; II एक राय है जो कथन कभी नहीं देता।
आगे क्या करें
- निष्कर्ष की चार जाँचें और कार्यवाही की तीन कसौटियाँ याद कर लें।
- एक हफ़्ते तक रोज़ 10 कथन वाले प्रश्न हल करें, और हर उत्तर का एक पंक्ति का कारण लिखें।
- इसके बाद कथन, तर्क और पूर्वधारणा पढ़ें, फिर निर्णय लेने (decision making), जिसमें केवल दी हुई बात पढ़ने की यही आदत काम आती है।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Railway Recruitment Boards की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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