इस गाइड में
UPPSC मुख्य परीक्षा (Mains) में आठ प्रश्नपत्र हैं, और आठों मेरिट (merit) में गिने जाते हैं। यहाँ कोई क्वालीफाइंग भाषा प्रश्नपत्र नहीं है जिसे पास करके भूल जाएँ, और कोई वैकल्पिक विषय (optional subject) नहीं है जिसमें विशेषज्ञता बनाएँ। इसलिए यह परीक्षा संतुलन की परीक्षा है: जो अभ्यर्थी GS I में शानदार हैं पर सामान्य हिंदी या GS VI में कमज़ोर, वे उस अभ्यर्थी से पिछड़ जाएँगे जो आठों प्रश्नपत्रों में लगातार अच्छे हैं।
इसे अंकों के हिसाब से सोचिए। मान लीजिए कोई अभ्यर्थी GS I में औसत से काफ़ी ऊपर अंक लाते हैं, पर सामान्य हिंदी और GS VI में कमज़ोर रहते हैं। वे एक प्रश्नपत्र में 20 अंक कमा सकते हैं और दो दूसरे प्रश्नपत्रों में 40 गँवा सकते हैं। जो अभ्यर्थी बिना किसी एक चमकदार प्रश्नपत्र के बस हर जगह ठोस रहते हैं, वे आगे निकल जाते हैं। UPPSC में अक्सर सबसे कमज़ोर प्रश्नपत्र आपकी ऊपरी सीमा तय करता है, सबसे मज़बूत प्रश्नपत्र उसे उतना ऊपर नहीं ले जाता।
प्रश्नपत्र और उनका भार
| प्रश्नपत्र (Paper) | अंक | मुख्य परीक्षा में हिस्सा |
|---|---|---|
| सामान्य हिंदी | 150 | 10% |
| निबंध | 150 | 10% |
| GS I — इतिहास, संस्कृति, भूगोल, समाज | 200 | 13% |
| GS II — राजव्यवस्था, शासन, अंतरराष्ट्रीय संबंध, सामाजिक न्याय | 200 | 13% |
| GS III — अर्थव्यवस्था, कृषि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, सुरक्षा | 200 | 13% |
| GS IV — नीतिशास्त्र (Ethics) | 200 | 13% |
| GS V — उत्तर प्रदेश: इतिहास, संस्कृति, राजव्यवस्था, शासन | 200 | 13% |
| GS VI — उत्तर प्रदेश: अर्थव्यवस्था, कृषि, उद्योग, भूगोल, पर्यावरण | 200 | 13% |
एक बार पढ़ें, कई बार काम लें
प्रश्नपत्रों के विषय आपस में बहुत जुड़े हुए हैं। अपनी पढ़ाई ऐसे बनाएँ कि एक बार का अध्ययन कई प्रश्नपत्रों में काम आए:
| विषय | किन प्रश्नपत्रों में काम आता है |
|---|---|
| आधुनिक इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन | GS I + GS V (उत्तर प्रदेश की भूमिका) + निबंध |
| राजव्यवस्था और स्थानीय शासन | GS II + GS V (उत्तर प्रदेश की संस्थाएँ) |
| अर्थव्यवस्था और कृषि | GS III + GS VI (उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था) |
| भूगोल | GS I + GS VI (उत्तर प्रदेश का भूगोल) |
| पर्यावरण | GS III + GS VI |
| सामाजिक न्याय, महिलाएँ, शिक्षा | GS II + GS V + निबंध |
| नीतिशास्त्र | GS IV + निबंध + साक्षात्कार (Interview) |
समय का बँटवारा (पूर्णकालिक अभ्यर्थी, प्रति सप्ताह)
| हिस्सा | घंटे | सामग्री |
|---|---|---|
| GS I–III (राष्ट्रीय) उत्तर प्रदेश की परत के साथ | 20 | इतिहास, भूगोल, राजव्यवस्था, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी |
| GS V–VI (उत्तर प्रदेश की गहराई) | 8 | उत्तर प्रदेश की संस्कृति, शासन, अर्थव्यवस्था, भूगोल |
| GS IV (नीतिशास्त्र) | 4 | सिद्धांत और केस स्टडी |
| उत्तर लेखन | 6 | सभी GS प्रश्नपत्रों में |
| निबंध | 3 | सप्ताह में एक निबंध या दो रूपरेखाएँ |
| सामान्य हिंदी | 3 | व्याकरण, संक्षेपण, पत्र, शब्द-भंडार |
| समसामयिकी (current affairs) | 6 | राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, उत्तर प्रदेश |
परीक्षा नज़दीक आने पर इसमें बदलाव करें।
उत्तर लेखन
- ढाँचा: भूमिका, उपशीर्षकों या स्पष्ट बिंदुओं वाला मुख्य भाग, निष्कर्ष।
- निर्देशक शब्द (directive words): विवेचना कीजिए (discuss), परीक्षण कीजिए (examine), विश्लेषण कीजिए (analyse), मूल्यांकन कीजिए (evaluate) — हर एक कुछ अलग माँगता है।
- उत्तर प्रदेश के उदाहरण: जहाँ भी प्रासंगिक हो, हर उत्तर में — ज़िले, योजनाएँ, स्मारक, व्यक्ति, आँकड़े।
- आरेख: उत्तर प्रदेश की नदियों का मानचित्र, किसी योजना का फ्लोचार्ट, पक्ष-विपक्ष की तालिका।
UPPSC मुख्य परीक्षा के उत्तर लेखन पर हमारी गाइड देखें।
सामान्य हिंदी और निबंध: 300 अंक
- सामान्य हिंदी (150) सटीकता को पुरस्कृत करती है: व्याकरण, वर्तनी, संक्षेपण, पत्र और अपठित गद्यांश। नियमित अभ्यास से आपके अंक काफ़ी बढ़ सकते हैं।
- निबंध (150) स्पष्ट सोच और ढाँचे को पुरस्कृत करता है। निर्धारित लंबाई के निबंध समय बाँधकर लिखने का अभ्यास करें।
सामान्य हिंदी और निबंध प्रश्नपत्र पर हमारी गाइड देखें।
नीतिशास्त्र (GS IV)
- पाठ्यक्रम में दिए शब्दों की परिभाषाएँ और उदाहरण तैयार करें।
- हर सप्ताह केस स्टडी का अभ्यास करें।
- उत्तर प्रदेश के उदाहरण लें — कबीर, तुलसीदास, सारनाथ में बुद्ध, स्वतंत्रता सेनानी और प्रशासक।
GS V और VI
ये प्रश्नपत्र गहराई को पुरस्कृत करते हैं। उत्तर प्रदेश की गन्ना अर्थव्यवस्था पर प्रश्न में "उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा उत्पादक है" से आगे की अपेक्षा होती है: राज्य परामर्शित मूल्य (State Advised Price), बकाया भुगतान की समस्या, एथेनॉल का अवसर और भूजल पर पड़ने वाली कीमत। पूर्वांचल पर प्रश्न में बाढ़, जनसंख्या घनत्व, पलायन, इंसेफेलाइटिस के विरुद्ध अभियान और एक्सप्रेसवे की अपेक्षा होती है — ऐसा अनुच्छेद नहीं जो भारत के किसी भी पिछड़े क्षेत्र पर लिखा जा सके। दोनों प्रश्नपत्रों के पाठ्यक्रम के शीर्षकों के अनुसार उत्तर प्रदेश की एक नोटबुक बनाएँ, और उसके हर पन्ने को ठोस तथ्यों, उदाहरणों और आँकड़ों से भरें। उत्तर प्रदेश पर केंद्रित प्रश्नपत्रों की तैयारी पर हमारी गाइड देखें।
मुख्य परीक्षा का सप्ताह
UPPSC मुख्य परीक्षा धीरज की परीक्षा है। तीन-तीन घंटे के आठ प्रश्नपत्र, आम तौर पर लगातार कई दिनों में, ज्ञान के साथ-साथ सहनशक्ति को भी परखते हैं। जिन अभ्यर्थियों ने कभी एक दिन में एक से अधिक पूरा प्रश्नपत्र नहीं लिखा, उनके हाथ अक्सर चौथे या पाँचवें प्रश्नपत्र तक दुखने लगते हैं, लिखावट बिगड़ने लगती है और एकाग्रता टूटने लगती है।
इसके लिए मानसिक के साथ-साथ शारीरिक तैयारी भी करें। आख़िरी महीने में कम से कम एक पूरा अभ्यास-चक्र करें — कई दिनों तक रोज़ दो प्रश्नपत्र — ताकि आपका शरीर जाने कि आगे क्या आने वाला है। परीक्षा के सप्ताह में शाम का समय अगले प्रश्नपत्र के हल्के दोहराव (revision) के लिए रखें, नई पढ़ाई के लिए नहीं। ठीक से सोएँ, सादा खाएँ, और हर खत्म हुए प्रश्नपत्र पर दूसरे अभ्यर्थियों से लंबी चर्चा करने के मोह से बचें। जो लिख दिया, सो लिख दिया; आपकी ऊर्जा अगले प्रश्नपत्र के लिए है।
टेस्ट सीरीज़
- परीक्षा से लगभग चार महीने पहले मुख्य परीक्षा की टेस्ट सीरीज़ से जुड़ें।
- पूरे प्रश्नपत्र वाले टेस्ट लिखें — आठ प्रश्नपत्रों वाला धीरज मायने रखता है।
- कमज़ोर उत्तरों का मूल्यांकन करें और उन्हें दोबारा लिखें।
मुख्य परीक्षा से पहले दोहराव
| परीक्षा से कितने सप्ताह पहले | किस पर ध्यान |
|---|---|
| 8–5 | उत्तर लेखन के साथ पूरे पाठ्यक्रम का दोहराव |
| 4–2 | पूरे प्रश्नपत्र; उत्तर प्रदेश के उदाहरणों का संग्रह; निबंध और हिंदी का अभ्यास |
| 1 | हल्का दोहराव; आराम |
आम गलतियाँ
- सामान्य हिंदी को औपचारिकता मान लेना।
- GS V और VI को देर तक टालना।
- विश्लेषण की जगह प्रारंभिक परीक्षा जैसे तथ्य लिखना।
- नीतिशास्त्र की केस स्टडी छोड़ देना।
- बहुत कम पूरे प्रश्नपत्र लिखना।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Uttar Pradesh Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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