2000 से पहले अविभाजित बिहार भारत के सबसे खनिज-संपन्न राज्यों में था — झरिया और धनबाद का कोयला, सिंहभूम का लौह अयस्क, कोडरमा का अभ्रक और घाटशिला का ताँबा। झारखंड के गठन ने यह लगभग सब ले लिया। बिहार में जो बचा है, वह सीमित है — पर नगण्य नहीं — और BPSC नियमित रूप से पूछता है कि वह कहाँ है।
बिहार में बचे खनिज
| खनिज | कहाँ | टिप्पणी |
|---|---|---|
| चूना पत्थर | रोहतास और कैमूर (बंजारी क्षेत्र) | सीमेंट में प्रयोग; कैमूर पठार की विंध्यन चट्टानें |
| पाइराइट | अमझोर (रोहतास) | सल्फ्यूरिक अम्ल बनाने में प्रयोग; सार्वजनिक क्षेत्र की पाइराइट्स, फॉस्फेट्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (Pyrites, Phosphates and Chemicals Ltd) से जुड़ा |
| अभ्रक | नवादा, गया, जमुई (छोटे भंडार) | पुरानी "अभ्रक पट्टी" का अधिकांश भाग अब झारखंड में है |
| क्वार्ट्ज़ और क्वार्ट्ज़ाइट | दक्षिणी पहाड़ियाँ | काँच, निर्माण |
| चीनी मिट्टी (china clay) | भागलपुर क्षेत्र | सिरेमिक |
| पोटाश | रोहतास क्षेत्र (भंडार की सूचना) | उर्वरक |
| सोना | जमुई ज़िला (सोनो / करमटिया जैसे क्षेत्र) | भूवैज्ञानिक सर्वेक्षणों में सोने के अयस्क के एक बड़े भंडार की सूचना मिली है; व्यावसायिक खनन आगे की खोज और नीलामी पर निर्भर है |
| शोरा (saltpetre) | ऐतिहासिक रूप से उत्तर बिहार में | औपनिवेशिक काल के बिहार के शोरा व्यापार का आधार |
ऊर्जा
ताप विद्युत
बिहार की बिजली अधिकतर कोयला-आधारित ताप विद्युत संयंत्रों से आती है, जिनमें से कई NTPC चलाता है:
| संयंत्र | ज़िला | टिप्पणी |
|---|---|---|
| बाढ़ (Barh) | पटना | NTPC सुपर ताप विद्युत केंद्र |
| कहलगाँव | भागलपुर | NTPC सुपर ताप विद्युत केंद्र |
| नबीनगर | औरंगाबाद | NTPC और संयुक्त उद्यम वाले संयंत्र |
| बरौनी | बेगूसराय | NTPC ने अधिग्रहित किया |
| कांटी (मुज़फ़्फ़रपुर) | मुज़फ़्फ़रपुर | NTPC ने अधिग्रहित किया |
कोयला मुख्यतः झारखंड और अन्य राज्यों से आता है।
तेलशोधन
- बरौनी रिफ़ाइनरी (बेगूसराय), जिसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन चलाता है, 1960 के दशक में सोवियत सहयोग से शुरू हुई।
- बरौनी के आसपास एक पेट्रोरसायन और उर्वरक परिसर विकसित हुआ; बरौनी उर्वरक संयंत्र को हिंदुस्तान उर्वरक एंड रसायन लिमिटेड (HURL) परियोजना के तहत फिर से शुरू किया गया है।
जलविद्युत
- सीमित, क्योंकि बिहार की नदियाँ समतल मैदान से होकर बहती हैं।
- नहरों पर और कोसी तथा गंडक बराजों (वाल्मीकिनगर) पर छोटी जलविद्युत परियोजनाएँ।
नवीकरणीय ऊर्जा
| स्रोत | टिप्पणी |
|---|---|
| सौर | छतों पर सौर संयंत्र; किसानों के लिए सौर पंप; जलाशयों पर तैरते सौर संयंत्र; सरकारी भवनों पर सौर ऊर्जा |
| जैवभार (biomass) | फसल अवशेष और धान की भूसी |
| इथेनॉल | बिहार ने इथेनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति (2021) अपनाई — ऐसा करने वाले पहले राज्यों में — ताकि मिश्रण के लिए मक्का, गन्ना और टूटे अनाज से इथेनॉल बनाया जा सके |
राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी (BREDA) नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देती है।
विद्युत क्षेत्र के सुधार
- बिहार राज्य विद्युत बोर्ड को 2012 में उत्पादन, पारेषण और वितरण कंपनियों में बाँटा गया (नॉर्थ बिहार और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियाँ)।
- 2010 के दशक में बिहार ने गाँवों के विद्युतीकरण और घरेलू कनेक्शनों का विस्तार किया।
- स्मार्ट प्रीपेड मीटर बड़े पैमाने पर लगाए गए हैं।
चुनौतियाँ
| चुनौती | व्याख्या |
|---|---|
| बाहर के कोयले पर निर्भरता | स्थानीय ऊर्जा संसाधन कम |
| कम प्रति व्यक्ति खपत | भारत में सबसे कम में से |
| वितरण हानि | तकनीकी और वाणिज्यिक हानि |
| औद्योगिक माँग | उद्योग कम हैं तो माँग कम है, और माँग कम है तो उद्योग कम |
| प्रदूषण | ताप विद्युत संयंत्रों से |
| बाढ़ | पारेषण ढाँचे को नुकसान |
अभ्यास
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) शैली:
- बिहार में पाइराइट के भंडार कहाँ हैं?
- किस ज़िले में सोने के भंडार का सर्वेक्षण हुआ है?
- बेगूसराय में कौन-सी रिफ़ाइनरी है, और उसे कौन चलाता है?
- बिहार के दो NTPC ताप विद्युत संयंत्रों के नाम बताइए।
- जैव ईंधन को बढ़ावा देने के लिए बिहार ने 2021 में कौन-सी नीति अपनाई?
मुख्य परीक्षा (Mains) शैली:
- "बिहार की विकास रणनीति को खनिज संसाधनों की कमी के अनुरूप ढलना होगा।" चर्चा कीजिए।
- बिहार में नवीकरणीय ऊर्जा और इथेनॉल की संभावनाओं का परीक्षण कीजिए।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Bihar Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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