इस गाइड में
भारतीय रेल हर कुछ वर्षों में RRB Group D परीक्षा के ज़रिए अपने लेवल 1 के पदों पर हज़ारों लोगों की भर्ती करती है। कक्षा 10 या ITI पास बहुत से युवाओं के लिए यह केंद्र सरकार की पक्की नौकरी पाने का पहला असली मौका होता है।
चयन के चार चरण हैं, लेकिन आपकी रैंक केवल पहला चरण तय करता है। अगर आप समझ लें कि उस एक परीक्षा में अंक कैसे दिए जाते हैं, तो आप पहले दिन से ही अलग तरीके से पढ़ेंगे।
चयन के चार चरण
| चरण | यह क्या है | प्रकृति |
|---|---|---|
| CBT | कंप्यूटर आधारित परीक्षा (Computer Based Test) | मेरिट तय करता है |
| PET | शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test) | केवल क्वालीफाइंग |
| दस्तावेज़ सत्यापन | प्रमाणपत्रों की जाँच | क्वालीफाइंग |
| मेडिकल जाँच | पद के लिए शारीरिक योग्यता | क्वालीफाइंग |
"क्वालीफाइंग" (qualifying; आधिकारिक सूचनाओं में "अर्हक") का अर्थ है पास या फेल। आपको PET, दस्तावेज़ और मेडिकल पास करने होते हैं, लेकिन इनसे आपके अंक नहीं बढ़ते। आपकी अंतिम रैंक केवल CBT के अंकों से बनती है।
कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)
| खंड | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|
| सामान्य विज्ञान | 25 | 25 |
| गणित | 25 | 25 |
| सामान्य बुद्धिमत्ता और तर्कशक्ति (रीज़निंग) | 30 | 30 |
| सामान्य जागरूकता और समसामयिकी (current affairs) | 20 | 20 |
| कुल | 100 | 100 |
- समय: 90 मिनट (श्रुतलेखक यानी scribe लेने वाले पात्र PwBD अभ्यर्थियों के लिए 120 मिनट)।
- अंकन: हर सही उत्तर पर 1 अंक; हर गलत उत्तर पर एक अंक का एक-तिहाई काटा जाता है। इसे ऋणात्मक अंकन (negative marking) कहते हैं।
- छोड़े गए प्रश्न: न कोई अंक, न कोई कटौती।
- खंडवार समय-सीमा नहीं है। आप किसी भी खंड में आगे-पीछे जा सकते हैं।
यह परीक्षा कई दिनों तक कई शिफ्टों में होती है, इसलिए अलग-अलग अभ्यर्थियों को अलग-अलग प्रश्नपत्र मिलते हैं। इसी कारण अंकों का सामान्यीकरण (normalisation) किया जाता है: अंकों को इस तरह समायोजित किया जाता है कि कठिन शिफ्ट वाले अभ्यर्थी को नुकसान न हो। यह आपके हाथ में नहीं है, इसलिए इसकी चिंता में ऊर्जा बर्बाद न करें।
आपके अंक कैसे निकाले जाते हैं
मान लीजिए एक अभ्यर्थी 80 प्रश्न हल करते हैं, जिनमें 70 सही और 10 गलत हैं।
- सही उत्तरों के अंक: 70 × 1 = 70
- कटौती: 10 × ⅓ = 3.33
- कच्चे अंक (raw score): 70 − 3.33 = 66.67
अब मान लीजिए दूसरे अभ्यर्थी 90 प्रश्न हल करते हैं, जिनमें 72 सही और 18 गलत हैं।
- सही: 72
- कटौती: 18 × ⅓ = 6
- कच्चे अंक: 72 − 6 = 66
दूसरे अभ्यर्थी ने दस प्रश्न ज़्यादा किए, फिर भी उनके अंक कम रहे। इस पैटर्न की पूरी सीख यही है: ज़्यादा प्रश्न करने से ज़्यादा ज़रूरी है सही प्रश्न करना। हमारी ऋणात्मक अंकन वाली गाइड इसे और विस्तार से समझाती है।
न्यूनतम योग्यता अंक
विचार में आने के लिए भी आपको CBT में एक न्यूनतम प्रतिशत तक पहुँचना होता है। हाल के चक्रों के लिए बताए गए आँकड़े ये हैं:
| वर्ग | न्यूनतम |
|---|---|
| अनारक्षित (UR) और EWS | 40% |
| OBC (नॉन-क्रीमी लेयर) और SC | 30% |
| ST | 30% (कुछ पुरानी सूचनाओं में 25%) |
PwBD अभ्यर्थियों के लिए, उनकी सीटें भरने के लिए ज़रूरत पड़ने पर, कभी-कभी थोड़ी छूट दी गई है। अपनी सूचना देखें।
यह केवल न्यूनतम सीमा है। कोई UR अभ्यर्थी 50 सही और 30 गलत करें, तो उनके अंक 50 − 10 = 40 होंगे, जो ठीक 40% तक पहुँचते हैं। लेकिन ज़्यादातर ज़ोन में वास्तविक चयन के लिए, यानी कट-ऑफ (cut-off) पार करने के लिए, इससे कहीं अधिक अंक चाहिए। न्यूनतम अंक को लक्ष्य नहीं, खतरे की रेखा मानें।
PET के लिए किसे बुलाया जाता है
PET के लिए अभ्यर्थियों को CBT की मेरिट से चुना जाता है। हाल की सूचनाओं में हर वर्ग में रिक्तियों की संख्या के लगभग तीन गुना अभ्यर्थी बुलाए गए हैं। यानी अगर आपके ज़ोन में UR की 1,000 रिक्तियाँ हैं, तो CBT अंकों के आधार पर लगभग ऊपर के 3,000 UR अभ्यर्थी बुलाए जाएँगे। यह संख्या सूचना में तय होती है, इसलिए उसे ज़रूर देखें।
शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET)
| पुरुष | महिलाएँ | |
|---|---|---|
| वज़न उठाकर चलना | 35 kg वज़न के साथ 100 m, 2 मिनट में, बिना नीचे रखे | 20 kg वज़न के साथ 100 m, 2 मिनट में, बिना नीचे रखे |
| दौड़ | 1,000 m, 4 मिनट 15 सेकंड में, एक ही मौके में | 1,000 m, 5 मिनट 40 सेकंड में, एक ही मौके में |
हर इवेंट में आमतौर पर एक ही मौका मिलता है। इन आँकड़ों को रोज़मर्रा की भाषा में समझें:
- 4 मिनट 15 सेकंड यानी 1,000 m के लिए 255 सेकंड। इसका मतलब है हर 100 m के लिए लगभग 25.5 सेकंड, और यह रफ़्तार लगातार दस बार 100 m तक बनाए रखनी है।
- 5 मिनट 40 सेकंड यानी 340 सेकंड, यानी हर 100 m के लिए लगभग 34 सेकंड।
- वज़न के साथ 100 m के लिए दो मिनट पैदल चलने जितनी रफ़्तार है। असली मुश्किल पकड़ (grip) और पीठ की ताकत है, रफ़्तार नहीं।
दस्तावेज़ और मेडिकल
PET के बाद अभ्यर्थियों को दस्तावेज़ सत्यापन और मेडिकल जाँच के लिए बुलाया जाता है। हर पद की एक मेडिकल श्रेणी होती है। ट्रेनों की आवाजाही से जुड़े पदों, जैसे पॉइंट्समैन, के लिए आँखों का सबसे सख्त मानक होता है, और इनमें से कुछ पदों पर चश्मे की अनुमति नहीं है। पदों का चुनाव करने से पहले पात्रता और मेडिकल वाली गाइड पढ़ें।
यह पैटर्न आपको क्या बताता है
| खंड | प्रश्न | किस चीज़ का फल मिलता है |
|---|---|---|
| रीज़निंग | 30 | अभ्यास का; सबसे जल्दी सुधरने वाला खंड |
| सामान्य विज्ञान | 25 | NCERT कक्षा 9–10 पढ़ने और दोहराव (revision) का |
| गणित | 25 | अंकगणित की रफ़्तार का: प्रतिशत, अनुपात, समय और कार्य, चाल |
| सामान्य जागरूकता | 20 | रोज़ पढ़ने और समसामयिकी का |
- ऋणात्मक अंकन भारी है। तीन गलत उत्तर एक सही उत्तर को खत्म कर देते हैं।
- PET की तैयारी आखिरी समय में नहीं हो सकती। दौड़ और ताकत की ट्रेनिंग पहले ही हफ़्ते से शुरू करें।
खुद को जाँचें
- CBT में कितने प्रश्न होते हैं, और कितना समय मिलता है? 100 प्रश्न, 90 मिनट।
- किसी अभ्यर्थी के 60 सही और 12 गलत उत्तर हैं। कच्चे अंक कितने होंगे? 60 − 4 = 56।
- क्या PET से आपकी मेरिट में अंक जुड़ते हैं? नहीं। यह केवल पास या फेल है।
- किस खंड में सबसे ज़्यादा प्रश्न हैं? रीज़निंग, 30 प्रश्न।
- हर प्रश्न के लिए औसत समय कितना है? 90 मिनट ÷ 100 = 0.9 मिनट, यानी 54 सेकंड।
आगे क्या करें
- अपना CEN डाउनलोड करें और पैटर्न, आयु और मेडिकल वाले हिस्से खुद पढ़ें।
- RRB Group D पाठ्यक्रम (syllabus) पढ़ें और उसे एक कॉपी में उतार लें।
- इसी हफ़्ते एक पूरे प्रश्नपत्र वाला मॉक टेस्ट (full-length mock test) दें, सिर्फ़ यह देखने के लिए कि आप कहाँ खड़े हैं।
- 1,000 m की दौड़ के लिए चलने और धीरे दौड़ने (walk–jog) का रूटीन शुरू करें।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Railway Recruitment Boards की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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