इस गाइड में
1875 में सर सैयद अहमद ख़ान ने अलीगढ़ में एक विद्यालय की स्थापना की, जो आगे चलकर भारत के सबसे महत्वपूर्ण विश्वविद्यालयों में से एक बना। नौ वर्ष पहले, 1866 में, विद्वानों के एक समूह ने देवबंद में एक मदरसा स्थापित किया था, जो दुनिया में इस्लामी शिक्षा के सबसे प्रभावशाली केंद्रों में से एक बना। और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आर्य समाज विद्यालय खोल रहा था और जाति व कर्मकांड को चुनौती दे रहा था। उन्नीसवीं शताब्दी का उत्तर प्रदेश सुधारों की उबलती कड़ाही था — और इसके आंदोलन आज भी भारतीय समाज को आकार दे रहे हैं।
अलीगढ़ आंदोलन
सर सैयद अहमद ख़ान (1817–1898)
- कंपनी की न्यायिक सेवा में रहे; 1857 में अंग्रेज़ों के प्रति वफ़ादार रहे और असबाब-ए-बग़ावत-ए-हिंद (The Causes of the Indian Revolt) लिखकर अंग्रेज़ों को विद्रोह के कारण समझाए।
- उनका दृढ़ विश्वास था कि भारतीय मुसलमानों की प्रगति के लिए आधुनिक, वैज्ञानिक शिक्षा आवश्यक है।
संस्थाएँ
| संस्था | वर्ष | विवरण |
|---|---|---|
| साइंटिफ़िक सोसाइटी | 1864 | पश्चिमी वैज्ञानिक ग्रंथों का उर्दू में अनुवाद किया |
| तहज़ीब-उल-अख़लाक़ | 1870 | समाज सुधार और तार्किक चिंतन को बढ़ावा देने वाली पत्रिका |
| मुहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल (MAO) कॉलेज, अलीगढ़ | 1875 (विद्यालय; 1877 में कॉलेज) | ऑक्सफ़ोर्ड–कैंब्रिज के ढर्रे पर आधुनिक शिक्षा |
| अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय | 1920 | MAO कॉलेज विश्वविद्यालय बना |
विचार
- धर्म की तार्किक व्याख्या; इस्लाम और विज्ञान में सामंजस्य।
- अंग्रेज़ी और विज्ञान में आधुनिक शिक्षा।
- समाज सुधार — पर्दे की अति, बहुविवाह और अंधविश्वास के विरुद्ध (हालाँकि सावधानी के साथ)।
- राजनीतिक सावधानी — सर सैयद ने मुसलमानों को आरंभिक कांग्रेस से दूर रहने की सलाह दी; इतिहासकारों में इस रुख पर बहस रही है।
देवबंद आंदोलन
- दारुल उलूम देवबंद की स्थापना 1866 में देवबंद (सहारनपुर ज़िला) में मुहम्मद क़ासिम नानौतवी और रशीद अहमद गंगोही ने की।
- उद्देश्य: 1857 के बाद पारंपरिक इस्लामी शिक्षा को पुनर्जीवित करना और धार्मिक पहचान को बचाए रखना।
- यह उपनिवेशवाद-विरोधी था; बहुत से देवबंदी विद्वानों ने कांग्रेस का समर्थन किया और भारत के विभाजन का विरोध किया।
- मौलाना महमूद हसन (शेख-उल-हिंद) ब्रिटिश शासन के विरुद्ध रेशमी रूमाल षड्यंत्र (Silk Letter conspiracy, 1913–16) में शामिल थे।
बरेलवी आंदोलन
- उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में बरेली के अहमद रज़ा ख़ान ने इसकी स्थापना की।
- सुधारवादी आंदोलनों के विपरीत, इसने पारंपरिक सूफ़ी प्रथाओं और पैग़ंबर व संतों के प्रति श्रद्धा का पक्ष लिया।
उत्तर प्रदेश में आर्य समाज
- स्वामी दयानंद सरस्वती ने 1875 में (बंबई में) इसकी स्थापना की; यह पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज़ी से फैला।
- दयानंद ने उत्तर प्रदेश में काफ़ी समय बिताया; उनका सत्यार्थ प्रकाश पहली बार 1875 में प्रकाशित हुआ।
- आर्य समाज ने:
- मूर्ति पूजा, कर्मकांड और जन्म पर आधारित जाति को नकारा;
- स्त्री शिक्षा और विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा दिया;
- दयानंद एंग्लो-वैदिक (DAV) विद्यालय और गुरुकुल स्थापित किए;
- शुद्धि आंदोलन (पुनः धर्मांतरण) चलाया, जो विवादास्पद बन गया।
अन्य आंदोलन
| आंदोलन | स्थान | विवरण |
|---|---|---|
| राधास्वामी सत्संग | आगरा | 1861 में शिव दयाल सिंह ने स्थापना की; गुरु और आंतरिक आध्यात्मिक साधना पर ज़ोर देने वाला भक्ति आंदोलन |
| थियोसोफ़िकल सोसाइटी | वाराणसी | एनी बेसेंट ने सेंट्रल हिंदू कॉलेज (1898) की स्थापना की, जो काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का आधार बना |
| काशी हिंदू विश्वविद्यालय | वाराणसी | 1916 में मदन मोहन मालवीय ने स्थापना की |
स्त्री शिक्षा और सुधार
- उत्तर प्रदेश के सुधारकों ने लड़कियों के लिए विद्यालय खोले।
- लखनऊ का इज़ाबेला थोबर्न कॉलेज (1886) एशिया में महिलाओं के आरंभिक कॉलेजों में से एक था।
- पर्दा, बाल विवाह और विधवा पुनर्विवाह पर व्यापक बहस चली।
प्रभाव
| क्षेत्र | प्रभाव |
|---|---|
| शिक्षा | AMU, BHU, DAV विद्यालय, देवबंद — ऐसी संस्थाएँ जो आज भी भारतीय शिक्षा को आकार देती हैं |
| पहचान | सुधार आंदोलनों ने सामुदायिक पहचानों को मज़बूत किया |
| राजनीति | अलग-अलग राजनीतिक रास्ते — अलीगढ़ की आरंभिक दौर में कांग्रेस से दूरी; देवबंद का कांग्रेस को समर्थन; आर्य समाज का राष्ट्रवाद |
| समाज सुधार | जाति, कर्मकांड और स्त्रियों के साथ व्यवहार को चुनौती |
अभ्यास
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) जैसे प्रश्न:
- MAO कॉलेज की स्थापना कब और किसने की?
- दारुल उलूम देवबंद की स्थापना कब हुई?
- राधास्वामी सत्संग की स्थापना किसने और कहाँ की?
- एनी बेसेंट द्वारा स्थापित कौन-सी संस्था BHU का आधार बनी?
- MAO कॉलेज अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कब बना?
मुख्य परीक्षा (Mains) जैसे प्रश्न:
- "उत्तर प्रदेश के उन्नीसवीं शताब्दी के सुधार आंदोलनों में आधुनिकीकरण और पहचान की दावेदारी, दोनों साथ-साथ चले।" विवेचना कीजिए।
- अलीगढ़ और देवबंद आंदोलनों की तुलना कीजिए।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Uttar Pradesh Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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