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दिसंबर 2022 में बिहार के शहरों के मतदाताओं ने कुछ नया किया: उन्होंने अपने महापौरों (mayors) और उप महापौरों को सीधे चुना। उससे पहले महापौर वार्ड पार्षद चुनते थे। यह बदलाव बिहार के नगरीय स्थानीय शासन के कई सुधारों में से एक था — एक ऐसी व्यवस्था जो राज्य के छोटे कस्बों के बढ़ने के साथ और अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है।
संवैधानिक ढाँचा
74वें संशोधन (1992) ने संविधान में भाग 9क (Part IXA; अनुच्छेद 243त–243यछ, यानी 243P–243ZG) और बारहवीं अनुसूची (18 कार्य) जोड़ी, जिसमें ये प्रावधान हैं:
- तीन प्रकार के नगरीय स्थानीय निकाय;
- वार्डों के लिए सीधे चुनाव;
- अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और महिलाओं (कम से कम एक-तिहाई) के लिए आरक्षण;
- पाँच वर्ष का कार्यकाल;
- राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य वित्त आयोग;
- बड़ी नगरपालिकाओं में वार्ड समितियाँ;
- जिला योजना समिति और महानगर योजना समिति।
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007
बिहार के नगरीय स्थानीय निकाय बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (Bihar Municipal Act, 2007) के तहत चलते हैं।
| प्रकार (अंग्रेज़ी नाम) | हिंदी नाम | किसके लिए |
|---|---|---|
| Municipal Corporation | नगर निगम | बड़े शहर |
| Municipal Council | नगर परिषद | मध्यम आकार के कस्बे |
| Nagar Panchayat | नगर पंचायत | ग्रामीण से नगरीय बनने की प्रक्रिया वाले क्षेत्र |
हाल के वर्षों में बिहार ने नगरीय स्थानीय निकायों की संख्या काफी बढ़ाई है — नगर परिषदों को नगर निगम बनाया है और कई नई नगर पंचायतें बनाई हैं।
आरक्षण
| वर्ग | प्रावधान |
|---|---|
| महिलाएँ | सीटों और पदों का 50 प्रतिशत |
| अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति | जनसंख्या के अनुपात में |
| अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) | अत्यंत पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण |
ट्रिपल टेस्ट और 2022 के चुनाव
2022 में पटना उच्च न्यायालय ने कहा कि नगरीय स्थानीय निकायों के चुनावों में अत्यंत पिछड़े वर्गों को आरक्षण तब तक नहीं दिया जा सकता जब तक उच्चतम न्यायालय द्वारा तय ट्रिपल टेस्ट (triple test) पूरा न हो — एक समर्पित आयोग, राजनीतिक पिछड़ेपन के आँकड़े, और कुल आरक्षण 50 प्रतिशत के भीतर। चुनाव टाल दिए गए; राज्य ने नगरीय निकायों में अत्यंत पिछड़े वर्गों के पिछड़ेपन के अध्ययन के लिए एक समर्पित आयोग (dedicated commission) बनाया, और उसकी सिफ़ारिशों के आधार पर दिसंबर 2022 में चुनाव हुए।
सत्ता किसके हाथ में है?
निर्वाचित पक्ष
- वार्ड पार्षद, जो वार्डों से चुने जाते हैं।
- महापौर (नगर निगम) / मुख्य पार्षद (नगर परिषद, नगर पंचायत) — अधिनियम में संशोधनों के बाद 2022 के चुनावों से मतदाताओं द्वारा सीधे निर्वाचित।
- उप महापौर / उप मुख्य पार्षद — ये भी सीधे निर्वाचित।
- सशक्त स्थायी समिति (Empowered Standing Committee) — निर्वाचित सदस्यों की मुख्य कार्यकारी समिति।
कार्यपालिका पक्ष
- नगर आयुक्त (Municipal Commissioner; नगर निगमों में) — सामान्यतः एक IAS अधिकारी — प्रशासन का प्रमुख होता है।
- कार्यपालक पदाधिकारी (Executive Officer; नगर परिषदों और नगर पंचायतों में)।
कार्य
- जलापूर्ति, सीवरेज और जल-निकासी;
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन;
- सड़कें और स्ट्रीट लाइट;
- भवन निर्माण की अनुमति;
- सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता;
- जन्म और मृत्यु का पंजीकरण;
- बाज़ार और बूचड़खाने;
- नगरीय गरीबी उन्मूलन और आवास।
वित्त
| स्रोत | टिप्पणी |
|---|---|
| संपत्ति (होल्डिंग) कर | स्वयं के राजस्व का मुख्य स्रोत; वसूली कम |
| शुल्क और उपयोगकर्ता प्रभार | पानी, व्यापार लाइसेंस, भवन अनुमति |
| अनुदान | राज्य और केंद्रीय वित्त आयोग; योजनाओं का धन (अमृत, स्वच्छ भारत, स्मार्ट सिटी) |
बिहार की अधिकतर नगरपालिकाएँ अनुदानों पर बहुत अधिक निर्भर हैं, और उनका स्वयं का राजस्व कमज़ोर है।
चुनौतियाँ
| चुनौती | व्याख्या |
|---|---|
| जल-निकासी और जलजमाव | पटना में 2019 की बाढ़; समतल भू-भाग; तालाबों पर अतिक्रमण |
| ठोस अपशिष्ट | संग्रह और प्रसंस्करण में कमियाँ |
| सीवेज | बहुत-सा सीवेज बिना उपचार के गंगा में जाता है |
| क्षमता | इंजीनियरों, योजनाकारों और कर्मचारियों की कमी |
| वित्त | संपत्ति कर की कम वसूली |
| योजना | नए कस्बों और शहरों के बाहरी इलाकों का अनियोजित विकास |
| अर्ध-सरकारी एजेंसियाँ (parastatals) | राज्य की एजेंसियों की भूमिकाओं का आपस में टकराव |
अक्सर सुझाए जाने वाले सुधार
- मज़बूत संपत्ति कर प्रशासन (GIS मैपिंग, ऑनलाइन भुगतान)।
- प्रशिक्षित कर्मचारियों का नगरपालिका कैडर।
- वार्ड समितियाँ और नागरिक भागीदारी।
- बढ़ते कस्बों के लिए मास्टर प्लान।
- महापौर, स्थायी समिति और नगर आयुक्त के बीच शक्तियों का स्पष्ट बँटवारा।
अभ्यास
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) शैली के प्रश्न:
- बिहार के नगरीय स्थानीय निकाय किस अधिनियम के तहत चलते हैं?
- बिहार में महापौरों का सीधा चुनाव पहली बार कब हुआ?
- ट्रिपल टेस्ट क्या है?
- संविधान की कौन-सी अनुसूची नगरपालिकाओं के कार्यों की सूची देती है?
- बिहार के नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए कितने प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं?
मुख्य परीक्षा (Mains) शैली के प्रश्न:
- "सीधे निर्वाचित महापौर नगरीय शासन को तभी मज़बूत कर सकते हैं जब उनके पास वास्तविक शक्तियाँ हों।" बिहार के संदर्भ में विवेचना कीजिए।
- बिहार में नगरीय शासन की चुनौतियों का परीक्षण कीजिए और सुधार सुझाइए।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Bihar Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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