इस गाइड में
प्रयागराज में नेहरू परिवार का घर आनंद भवन दशकों तक स्वतंत्रता संग्राम का तंत्रिका-केंद्र रहा। यहाँ बैठकें होती थीं, नेताओं को आश्रय मिलता था, और बाद में इसे राष्ट्र को दान कर दिया गया। यह राष्ट्रीय आंदोलन में उत्तर प्रदेश की भूमिका का सटीक प्रतीक है: एक ऐसा क्षेत्र जिसने असाधारण संख्या में राष्ट्रीय नेता दिए, कांग्रेस के ऐतिहासिक अधिवेशनों की मेज़बानी की, और आंदोलन के कई सबसे महत्वपूर्ण मोड़ देखे।
आरंभिक राष्ट्रवाद
- इलाहाबाद, लखनऊ, कानपुर और वाराणसी के शिक्षित वर्ग ने संगठन बनाए और समाचार-पत्र निकाले।
- मदन मोहन मालवीय — पत्रकार, वकील, चार बार कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए (1909, 1918, 1932, 1933; पर 1932 और 1933 में गिरफ़्तारी के कारण अधिवेशन की अध्यक्षता नहीं कर सके), और काशी हिंदू विश्वविद्यालय (Banaras Hindu University, 1916) के संस्थापक।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के अधिवेशन (चुने हुए)
| वर्ष | स्थान | अध्यक्ष / महत्व |
|---|---|---|
| 1888 | इलाहाबाद | जॉर्ज यूल — पहले गैर-भारतीय (ब्रिटिश) अध्यक्ष |
| 1892 | इलाहाबाद | डब्ल्यू. सी. बनर्जी |
| 1899 | लखनऊ | आर. सी. दत्त |
| 1910 | इलाहाबाद | विलियम वेडरबर्न |
| 1916 | लखनऊ | अंबिका चरण मजूमदार — कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच लखनऊ समझौता; नरमपंथियों और गरमपंथियों का पुनर्मिलन |
| 1925 | कानपुर | सरोजिनी नायडू — पहली भारतीय महिला अध्यक्ष |
| 1936 | लखनऊ | जवाहरलाल नेहरू — समाजवाद पर ज़ोर |
होमरूल और लखनऊ समझौता
- तिलक और एनी बेसेंट की होमरूल लीगों (Home Rule Leagues) की उत्तर प्रदेश में मज़बूत शाखाएँ थीं।
- लखनऊ समझौते (1916) में पृथक निर्वाचक मंडल (separate electorates) और सुधारों की एक संयुक्त योजना पर सहमति बनी — यह हिंदू–मुस्लिम सहयोग का एक शिखर था।
असहयोग और चौरी चौरा
- उत्तर प्रदेश ने असहयोग आंदोलन (Non-Cooperation, 1920–22) में ज़ोरदार भाग लिया — परिषदों, न्यायालयों, स्कूलों और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार; काशी विद्यापीठ (वाराणसी, 1921) जैसे राष्ट्रीय विद्यालय।
- अवध किसान सभा ने किसानों को संगठित किया (किसान आंदोलनों पर हमारी गाइड देखें)।
- 4 फ़रवरी 1922 को गोरखपुर ज़िले के चौरी चौरा में पुलिस की गोलीबारी के बाद भीड़ ने थाने में आग लगा दी; 22 पुलिसकर्मी मारे गए।
- अहिंसा पर अडिग रहते हुए गांधीजी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया — यह निर्णय तब से बहस का विषय रहा है।
स्वराजवादी
- मोतीलाल नेहरू और सी. आर. दास ने परिषद के चुनाव लड़ने और भीतर से सरकार का विरोध करने के लिए स्वराज पार्टी (1923) बनाई।
- मोतीलाल नेहरू ने उस समिति की अध्यक्षता भी की जिसने नेहरू रिपोर्ट (1928) तैयार की।
साइमन कमीशन
- केवल अंग्रेज़ सदस्यों वाले साइमन कमीशन (1928) का स्वागत काले झंडों और "साइमन वापस जाओ" के नारों से हुआ।
- लखनऊ में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जिनमें जवाहरलाल नेहरू और गोविंद बल्लभ पंत भी थे; पंत घायल हुए।
सविनय अवज्ञा और लगान-बंदी अभियान
- उत्तर प्रदेश ने नमक सत्याग्रह और बहिष्कारों (1930–34) में व्यापक रूप से भाग लिया।
- इसकी एक विशिष्ट बात उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में चला कर-बंदी / लगान-बंदी अभियान (no-tax / no-rent campaign) था, जिसमें कृषि मंदी के दौरान किसानों ने लगान देने से इनकार कर दिया।
1937 की सरकार
- 1937 के चुनावों में कांग्रेस ने संयुक्त प्रांत में बहुमत हासिल किया।
- गोविंद बल्लभ पंत प्रीमियर (Premier, प्रधानमंत्री) बने; सरकार ने काश्तकारी सुधार और अन्य कदमों पर काम किया और फिर 1939 में इस्तीफ़ा दे दिया।
भारत छोड़ो
उत्तर प्रदेश में भारत छोड़ो आंदोलन और बलिया विद्रोह पर हमारी गाइड देखें।
उत्तर प्रदेश के नेता (चुने हुए)
| नेता | योगदान |
|---|---|
| मोतीलाल नेहरू | स्वराज पार्टी; नेहरू रिपोर्ट |
| जवाहरलाल नेहरू | कांग्रेस अध्यक्ष; पहले प्रधानमंत्री |
| मदन मोहन मालवीय | काशी हिंदू विश्वविद्यालय; कांग्रेस अध्यक्ष |
| गोविंद बल्लभ पंत | प्रीमियर (1937); उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री; केंद्रीय गृह मंत्री |
| लाल बहादुर शास्त्री | स्वतंत्रता सेनानी; बाद में प्रधानमंत्री |
| पुरुषोत्तम दास टंडन | हिंदी आंदोलन; कांग्रेस अध्यक्ष |
| आचार्य नरेंद्र देव | समाजवादी नेता |
| रफ़ी अहमद किदवई | कांग्रेस नेता; बाद में केंद्रीय मंत्री |
| विजयलक्ष्मी पंडित | उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में पहली महिला मंत्री (1937); बाद में संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष |
| सुचेता कृपलानी | स्वतंत्रता सेनानी; बाद में भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री (उत्तर प्रदेश, 1963) |
अभ्यास
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) जैसे प्रश्न:
- 1916 के लखनऊ अधिवेशन में किस बात पर सहमति बनी?
- 1925 के कानपुर अधिवेशन की अध्यक्षता किसने की?
- चौरी चौरा की घटना कहाँ और कब हुई?
- 1937 में उत्तर प्रदेश के प्रीमियर कौन थे?
- मदन मोहन मालवीय ने किस विश्वविद्यालय की स्थापना की?
मुख्य परीक्षा (Mains) जैसे प्रश्न:
- "उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय आंदोलन का राजनीतिक हृदय-स्थल था।" विवेचना कीजिए।
- चौरी चौरा की घटना के महत्व का परीक्षण कीजिए।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Uttar Pradesh Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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