इस गाइड में
दुनिया में बहुत कम क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ एक ही भूभाग में इतना स्थापत्य इतिहास सिमटा हो, जितना उत्तर प्रदेश में। एक दिन की यात्रा में आप गुप्त काल का एक बौद्ध स्तूप, एक आरंभिक पत्थर का मंदिर, मिस्र जैसी शैली के प्रवेश-द्वारों वाली पंद्रहवीं शताब्दी की एक मस्जिद, दुनिया का सबसे प्रसिद्ध मकबरा और अकाल राहत के रूप में बना एक महल देख सकते हैं। UPPSC में उत्तर प्रदेश का स्थापत्य GS V का नियमित विषय है और प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में भी खूब पूछा जाता है।
बौद्ध स्थापत्य
| स्मारक | स्थान | विशेषताएँ |
|---|---|---|
| धमेख स्तूप | सारनाथ | बेलनाकार स्तूप, अधिकांशतः गुप्तकालीन; ज्यामितीय और फूल-पत्तियों वाली नक्काशीदार पट्टियाँ |
| चौखंडी स्तूप | सारनाथ | सीढ़ीदार (terraced) ईंटों का स्तूप; अकबर के समय जोड़ी गई अष्टकोणीय मीनार |
| रामाभार स्तूप | कुशीनगर | बुद्ध के दाह-संस्कार स्थल को चिह्नित करता है |
| जेतवन के अवशेष | श्रावस्ती | विहार (मठ) के अवशेष |
आरंभिक हिंदू मंदिर (गुप्त काल)
| मंदिर | ज़िला | विशेषताएँ |
|---|---|---|
| दशावतार मंदिर, देवगढ़ | ललितपुर | सबसे आरंभिक नागर शैली के मंदिरों में से एक; विष्णु के मूर्तिकला-फलक |
| भीतरगाँव मंदिर | कानपुर नगर | बचे हुए सबसे पुराने ईंटों के मंदिरों में से एक; टेराकोटा (पकी मिट्टी) के फलक |
मध्यकालीन मंदिर
- बुंदेलखंड में मंदिरों और किलों पर चंदेलों का प्रभाव दिखता है (जिनके सबसे महान मंदिर मध्य प्रदेश के खजुराहो में हैं) — जैसे कालिंजर (बाँदा) का किला और महोबा के मंदिर।
- गंगा के मैदान के अनेक मंदिर सदियों के दौरान नष्ट हुए या फिर से बनाए गए। वाराणसी और मथुरा–वृंदावन में अलग-अलग कालों के मंदिर हैं, जिनमें वृंदावन का सोलहवीं शताब्दी का गोविंद देव मंदिर भी शामिल है, जिसे राजा मान सिंह ने लाल बलुआ पत्थर से बनवाया था।
सल्तनत और शर्की स्थापत्य
| स्मारक | स्थान | विशेषताएँ |
|---|---|---|
| अटाला मस्जिद (1408) | जौनपुर | विशाल प्रोपिलॉन (propylon) प्रवेश-द्वार; सबसे उत्कृष्ट शर्की मस्जिद |
| जामा मस्जिद | जौनपुर | भव्य आकार |
| शाही पुल | जौनपुर | गोमती पर सोलहवीं शताब्दी का पुल (मुगल काल, अकबर के शासन में) |
शर्की शैली की विशेषताएँ: विशाल प्रोपिलॉन, मीनारों का अभाव, मेहराब और धरन (arch and beam) दोनों प्रकार की निर्माण-पद्धति का मेल।
मुगल स्थापत्य
| स्मारक | स्थान | विशेषताएँ |
|---|---|---|
| आगरा का किला | आगरा | लाल बलुआ पत्थर का किला (अकबर); संगमरमर के महल (शाहजहाँ); यूनेस्को (1983) |
| फ़तेहपुर सीकरी | आगरा ज़िला | नियोजित नगर (1571 से); बुलंद दरवाज़ा, जामा मस्जिद, सलीम चिश्ती का मकबरा, पंच महल; यूनेस्को (1986) |
| अकबर का मकबरा | सिकंदरा (आगरा) | हिंदू और इस्लामी तत्वों का मेल |
| एतमादुद्दौला का मकबरा | आगरा | पित्रा दूरा (pietra dura — कीमती पत्थरों की जड़ाई) वाला सफ़ेद संगमरमर का पहला मुगल मकबरा |
| ताजमहल | आगरा | सफ़ेद संगमरमर का मकबरा; चारबाग; समरूपता; पित्रा दूरा; यूनेस्को (1983) |
| इलाहाबाद का किला | प्रयागराज | अकबर (1583), संगम पर |
मुगल स्थापत्य की विशेषताएँ
- चारबाग उद्यान (जल-नालियों से चार भागों में बँटे उद्यान)।
- दोहरे गुंबद (double domes), मेहराब, मीनारें।
- लाल बलुआ पत्थर (अकबर) और सफ़ेद संगमरमर (शाहजहाँ)।
- पित्रा दूरा जड़ाई।
- समरूपता (symmetry) और अक्षीय (axial) योजना।
- फ़ारसी, तैमूरी और भारतीय तत्वों (छतरियाँ, टोड़े या ब्रैकेट) का मेल।
अवध का स्थापत्य
| स्मारक | विशेषताएँ |
|---|---|
| बड़ा इमामबाड़ा (1784) | बिना धरन (beam) का विशाल मेहराबदार हॉल; भूल-भुलैया; अकाल राहत के रूप में बना |
| रूमी दरवाज़ा | प्रवेश-द्वार |
| छोटा इमामबाड़ा (1838) | अलंकृत, सुनहरा गुंबद; झाड़-फ़ानूस |
| रेज़िडेंसी | अंग्रेज़ों का परिसर; 1857 के खंडहर |
विशेषताएँ: प्लास्टर (stucco) की सजावट, मछली के प्रतीक (मछली अवध का राजचिह्न है), लखौरी ईंटों और चूने का उपयोग, मुगल और यूरोपीय तत्वों का मेल।
औपनिवेशिक और इंडो-सारसेनिक
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय का भवन।
- चारबाग रेलवे स्टेशन, लखनऊ (1920 के दशक में पूरा हुआ) — इंडो-सारसेनिक (Indo-Saracenic) शैली।
- म्योर सेंट्रल कॉलेज, इलाहाबाद (इंडो-सारसेनिक)।
- पूरे उत्तर प्रदेश में घंटाघर और नागरिक भवन।
उत्तर प्रदेश के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल
| स्थल | वर्ष |
|---|---|
| आगरा का किला | 1983 |
| ताजमहल | 1983 |
| फ़तेहपुर सीकरी | 1986 |
संरक्षण की चुनौतियाँ
| चुनौती | उदाहरण |
|---|---|
| वायु प्रदूषण | ताज के संगमरमर का पीला पड़ना; ताज ट्रेपेज़ियम ज़ोन (Taj Trapezium Zone) प्रदूषणकारी उद्योगों पर रोक लगाता है |
| शहरी अतिक्रमण | पुराने शहरों में स्मारकों के आसपास |
| पर्यटन का दबाव | भीड़, टूट-फूट |
| उपेक्षा | ग्रामीण क्षेत्रों के कम प्रसिद्ध स्मारक |
अभ्यास
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) शैली:
- उत्तर प्रदेश का कौन-सा गुप्तकालीन मंदिर सबसे आरंभिक नागर मंदिरों में से एक है?
- शर्की मस्जिदों की विशिष्टता क्या है?
- किस मुगल इमारत में पहली बार पित्रा दूरा के साथ सफ़ेद संगमरमर का प्रयोग हुआ?
- उत्तर प्रदेश में कौन-से यूनेस्को स्थल हैं?
- भूल-भुलैया क्या है?
मुख्य परीक्षा (Mains) शैली:
- "उत्तर प्रदेश का स्थापत्य भारत की सामासिक संस्कृति का अभिलेख है।" विवेचना कीजिए।
- आगरा के स्मारकों के संरक्षण की चुनौतियों का परीक्षण कीजिए।
तारीख़ों और आँकड़ों पर एक बात। परीक्षा का पैटर्न, रिक्तियाँ और कार्यक्रम हर साल बदल सकते हैं। ताज़ा जानकारी हमेशा Uttar Pradesh Public Service Commission की वेबसाइट पर जारी नवीनतम अधिसूचना में देखें।
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